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तीन माह में शुरू होगा फोरलेन निर्माण का काम, वन विभाग ने दी एनओसी
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टीआईटी स्कूल के पास टूटी सड़क से गुजरते वाहन। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : Bhiwani
तोशाम रोड रेलवे ओवरब्रिज से तोशाम बाईपास तक के करीब एक किलोमीटर मार्ग को फोरलेन बनाने का रास्ता साफ हो गया। लॉकडाउन से पहले मामला वन विभाग से एनओसी न मिलने पर अटका हुआ था। जल्द ही फोरलेन निर्माण के रास्ते में आड़े आने वाले हरे पेड़ों की वन विभाग द्वारा कटाई कराई जाएगी। करीब साढ़े छह करोड़ के बजट से एक किलोमीटर की सड़क को फोरलेन की तर्ज पर निर्माण किया जाएगा, जबकि सड़क के दोनों तरफ फुटपाथ भी बनेगी। इतना ही नहीं रास्ते में आने वाली दो नहरों की पुलियों का भी निर्माण किया जाएगा।
तोशाम रेलवे ओवर ब्रिज से तोशाम बाईपास तक करीब एक किलोमीटर दूरी की सड़क के हिस्से को फोरलेन की तर्ज पर निर्माण का मामला पिछले काफी अर्से से लटका हुआ था। इसकी वजह वन विभाग से एनओसी नहीं मिलना माना जा रहा था। अब बीएंडआर विभाग के अधिकारियों ने वन विभाग से एनओसी मिलने के बाद फोरलेन मार्ग निर्माण की तैयारियां शुरू कर दी हैं। जबकि बारिश के मौसम के बाद ही इस मार्ग के निर्माण की शुरूआत की संभावनाएं जताई जा रही है। तोशाम बाईपास से वैश्य कॉलेज के सामने लाला लाजपत राय चौक तक आने वाला ये शहर का सबसे छोटा रास्ता है। तोशाम बाईपास से शहर में आने के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी ही तय करनी पड़ती है। जबकि हांसी रोड, दिनोद रोड और लोहारू रोड से तोशाम बाईपास से कोई भी वाहन अगर प्रवेश करता है तो उसे करीब तीन से चार किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाकर आना पड़ता है। बाईपास सड़क से शहर के अंदर पहुंचने का सबसे छोटा रास्ता होने की वजह से भी इस मार्ग की अहमियत बढ़ गई है। इसके अलावा इस सड़क पर करीब आधा दर्जन कॉलोनियों की घनी आबादी भी है। फोरलेन के बाद यहां के लोगों को भी फायदा मिलेगा।
वर्जन-
वन विभाग से जल्द ही एनओसी मिल जाएगी। जिसके बाद फोरलेन सड़क निर्माण का काम बारिश के मौसम के बाद शुरू कर दिया जाएगा। रास्ते में आने वाले पेड़ों की कटाई और अन्य प्रक्रियाएं पूरी करने में करीब तीन माह का समय लगेगा, इसके बाद निर्माण शुरू हो जाएगा।
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- कृष्ण कुमार, कार्यकारी अभियंता बीएंडआर विभाग
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तोशाम रेलवे ओवर ब्रिज से तोशाम बाईपास तक करीब एक किलोमीटर दूरी की सड़क के हिस्से को फोरलेन की तर्ज पर निर्माण का मामला पिछले काफी अर्से से लटका हुआ था। इसकी वजह वन विभाग से एनओसी नहीं मिलना माना जा रहा था। अब बीएंडआर विभाग के अधिकारियों ने वन विभाग से एनओसी मिलने के बाद फोरलेन मार्ग निर्माण की तैयारियां शुरू कर दी हैं। जबकि बारिश के मौसम के बाद ही इस मार्ग के निर्माण की शुरूआत की संभावनाएं जताई जा रही है। तोशाम बाईपास से वैश्य कॉलेज के सामने लाला लाजपत राय चौक तक आने वाला ये शहर का सबसे छोटा रास्ता है। तोशाम बाईपास से शहर में आने के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी ही तय करनी पड़ती है। जबकि हांसी रोड, दिनोद रोड और लोहारू रोड से तोशाम बाईपास से कोई भी वाहन अगर प्रवेश करता है तो उसे करीब तीन से चार किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाकर आना पड़ता है। बाईपास सड़क से शहर के अंदर पहुंचने का सबसे छोटा रास्ता होने की वजह से भी इस मार्ग की अहमियत बढ़ गई है। इसके अलावा इस सड़क पर करीब आधा दर्जन कॉलोनियों की घनी आबादी भी है। फोरलेन के बाद यहां के लोगों को भी फायदा मिलेगा।
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वर्जन-
वन विभाग से जल्द ही एनओसी मिल जाएगी। जिसके बाद फोरलेन सड़क निर्माण का काम बारिश के मौसम के बाद शुरू कर दिया जाएगा। रास्ते में आने वाले पेड़ों की कटाई और अन्य प्रक्रियाएं पूरी करने में करीब तीन माह का समय लगेगा, इसके बाद निर्माण शुरू हो जाएगा।
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- कृष्ण कुमार, कार्यकारी अभियंता बीएंडआर विभाग