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भिवानी का मनीषा मौत मामला: सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट ने आत्महत्या बताया, एम्स की रिपोर्ट से विरोधाभास उजागर

Fri, 11 Sep 2026 12:35 PM IST
Naveen संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा) Published by: Naveen Updated Fri, 11 Sep 2026 12:35 PM IST
सार

भिवानी और रोहतक के अस्पतालों में हुए पहले दो पोस्टमार्टम में गर्दन पर चोटें और चेहरे-गर्दन की संरचनाओं का नुकसान पाया गया। दोनों ने जहर को मौत का कारण बताया, विसरा रिपोर्ट में ऑर्गेनोफॉस्फोरस मिला।

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Manisha death case in Bhiwani: CBI closure report rules it suicide; contradictions with AIIMS report revealed
मनीषा मौत मामला - फोटो : संवाद

विस्तार

जिले के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा का बहुचर्चित मौत मामला में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपनी अंतिम रिपोर्ट में आत्महत्या का निष्कर्ष निकाला है। यह निष्कर्ष दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बिलकुल विपरीत है।  जिसमें मनीषा की मौत का कारण धारदार हथियार से लगी चोटों को बताया गया है। मनीषा के पिता संजय कुमार ने कहा कि परिवार सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है, इस निर्णय को चुनौती दी जाएगी। वहीं मनीषा की मौत की प्रारंभिक जांच के दौरान के हालातों का सीबीआई की जांच रिपोर्ट में भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। 

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सीबीआई ने अपने निष्कर्ष मुख्य रूप से भिवानी के जिला नागरिक अस्पताल और रोहतक पीजीआईएमएस में किए गए पोस्टमार्टम पर आधारित हैं। इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा गठित पांच चिकित्सकों के सुपर-स्पेशियलिटी मेडिकल बोर्ड (एसएसएमबी) की राय भी ली गई। ढाणी लक्ष्मण निवासी मनीषा 11 अगस्त 2025 की सुबह घर से निकलने के बाद लापता हो गई थी।
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उसका शव 13 अगस्त की सुबह दो दिन बाद सिंघानी गांव के समीप नहर के पास खेत में मिला था। शव से चेहरा, नाक की संरचनाएं, दोनों आंखों के सॉकेट और गर्दन गायब थे। परिवार ने दुष्कर्म, हत्या और अंगों को निकालने का गंभीर आरोप लगाया था। घटनास्थल के बाद 11 अगस्त को एक हस्तलिखित सुसाइड नोट में सामने आया था। जिसमें मनीषा द्वारा बीएससी नर्सिंग करने की इच्छा व्यक्त की गई थी। रोहतक की क्षेत्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला ने लिखावट की पुष्टि की। सीसीटीवी फुटेज में मनीषा को 11 अगस्त को दोपहर करीब दो बजे कीटनाशक खरीदते हुए देखा गया था।

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पोस्टमार्टम रिपोर्टों में विरोधाभाष

भिवानी और रोहतक के अस्पतालों में हुए पहले दो पोस्टमार्टम में गर्दन पर चोटें और चेहरे-गर्दन की संरचनाओं का नुकसान पाया गया। दोनों ने जहर को मौत का कारण बताया, विसरा रिपोर्ट में ऑर्गेनोफॉस्फोरस मिला। विरोध के बाद एम्स, दिल्ली में तीसरे पोस्टमार्टम में विच्छेदित गर्दन संदिग्ध पाई गई। एम्स बोर्ड ने मौत का कारण धारदार हथियार से लगी गंभीर चोट बताया।

सीबीआई का निष्कर्ष 

एम्स बोर्ड को जहर के सबूत नहीं मिले, जिसके बाद सीबीआई ने एसएसएमबी की राय ली। एसएसएमबी ने एम्स के निष्कर्षों को खारिज करते हुए गायब संरचनाओं का कारण जानवरों की गतिविधि बताया। बोर्ड ने मनीषा की मौत ऑर्गेनोफॉस्फोरस विषाक्तता से होने का निष्कर्ष दिया। एसएसएमबी की राय पर सीबीआई ने मनीषा की मौत को मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या बताया। 

सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट का पुलिंदा घर भेजा: संजय कुमार

मनीषा के पिता संजय कुमार का कहना है कि सीबीआई की तरफ से करीब 3700 पेज का करीब दस किलो वजनी क्लोजर रिपोर्ट का पुलिंदा भेजा गया है। जिसमें सीबीआई ने बेटी की मौत को आत्महत्या करार दिया है। सीबीआई के इस फैसले को चुनौति देंगे।

सीबीआई के पूर्व उप कानूनी सलाहकार एडवोकेट हर्ष मोहन सिंह ने बताया कि वे इस मामले की नि:शुल्क पैरवी करेंगे। उन्होंने कहा कि पहले पुलिस और अब सीबीआई ने मामला दबाया है। सीबीआई के पास अब भी कई सवालों के जवाब नहीं हैं। इस मामले में तथ्यों का अवलोकन कर निश्चित तौर पर चुनौति दी जाएगी। 

सीबीआई के पूर्व उप कानूनी सलाहकार एडवोकेट हर्ष मोहन सिंह का कहना है कि इन सवालों का सीबीआई के पास भी कोई जवाब नहीं है। जिसमें ये तथ्य नरकिनार किए गए हैं। जिनमें मुख्य तौर पर...

  • सिंघानी नहर के पास खेत में जहां मनीषा का शव पुलिस को मिला था, उससे 48 घंटे पहले उसकी मौत हो चुकी थी।
  • मृतका के परिजन जिस जगह मनीषा की लाश मिली थी, वहां करीब 24 घंटे पहले गुजरे थे, उस दौरान वहां कोई लाश नहीं थी।
  • मनीषा के शव को करीब 10 फीट तक घसीटने के भी निशान मिले थे।
  • मौके पर मौत से पहले संघर्ष का कोई निशान नहीं था, इससे साफ है कि मनीषा को यहां लाकर डाला गया था।
  • मनीषा का फोन टूटी हुई हालत में बरामद हुआ। पुलिस द्वारा मनीषा के फोन का कोई डॉटा रिकवर नहीं कर पाई।
  • मनीषा के शव से करीब 50 फीट दूर उसका दुपट्टा और चप्पलें पड़ी मिली
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