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Bhiwani News: कोर्ट परिसर में फायरिंग मामले में चार आरोपियों को पांच दिन के रिमांड पर लिया

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 05 Feb 2026 01:05 AM IST
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Four accused in the firing case in the court premises were taken on five-day remand.
दीवार तोड़कर बनाया गया रस्ता। 
भिवानी। जिला न्यायालय परिसर में फायरिंग के मामले में बुधवार को चार आरोपियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया जहां से उनका पांच दिन का पुलिस रिमांड मिला है। वहीं पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए चार बदमाशों का जिला नागरिक अस्पताल में उपचार चल रहा है। उन्हें वार्ड नंबर चार में कड़ी पुलिस निगरानी में रखा गया है।
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कोर्ट परिसर में फायरिंग के तुरंत बाद हिरासत में लिए गए सभी 28 संदिग्ध लोगों को पुलिस ने जांच के बाद छोड़ दिया है क्योंकि गैंगवार में उनकी कोई भूमिका नहीं पाई गई। पुलिस के अनुसार मंगलवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे जिला न्यायालय परिसर के गेट नंबर एक की ओर जाने वाले गलियारे में हथियारबंद बदमाशों ने फायरिंग की थी। यह फायरिंग गैंगवार के चलते की गई थी हालांकि इसमें कोई भी हताहत नहीं हुआ। वारदात के बाद सक्रिय हुई पुलिस ने कुछ ही देर में मुठभेड़ के बाद चार हमलावरों को काबू कर लिया।
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पुलिस मुठभेड़ के दौरान आरोपी जितेंद्र और आयुष उर्फ बॉक्सर के दोनों पैरों में गोली लगी जबकि आरोपी श्रीपाल और इसराइल को भागते समय पांव में चोट लग गई। चारों को जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां बुधवार देर शाम प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें वार्ड नंबर चार में शिफ्ट कर दिया गया। सभी घायलों की हालत में सुधार बताया गया है लेकिन उपचाराधीन होने के कारण उनकी गिरफ्तारी अभी नहीं की गई है।
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उधर, वारदात के बाद पुलिस ने गैंगवार के मुख्य आरोपी बिन्नू, दिपांशु और दो अन्य को हिरासत में लिया था। इन्हें बुधवार को अतिरिक्त मुख्य दंडाधिकारी (एसीजेएम) जोगेंद्र सिंह की अदालत में पेश किया गया। अदालत में पेशी के दौरान पुलिस की ओर से जांच अधिकारी ने संबंधित व्यक्तियों के ग्राउंड ऑफ अरेस्ट नहीं बताए जिस पर कोर्ट ने चारों को तुरंत रिलीज करने के आदेश दे दिए। वहीं सिविल लाइन थाना एसएचओ देवेंद्र का दावा है कि पुलिस ने चारों आरोपियों को बुधवार दोपहर बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया था जहां से चारों का पांच दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया गया।

सुरक्षा में चूक, दीवार के अवैध कटों से फिर आ सकती है आफत
जिला न्यायालय परिसर के एलआईसी रोड की ओर सुरक्षा व्यवस्था में वारदात के बाद भी गंभीर चूक बनी हुई है। यहां कई स्थानों पर छोटी दीवारों को तोड़कर अवैध कट बनाए गए हैं जिनके जरिए लोग आसानी से भिवानी तहसील टाइपिस्ट जोन से होकर जिला न्यायालय परिसर में प्रवेश कर सकते हैं। इस हिस्से में सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। बीते पांच माह में दो बार फायरिंग की घटनाएं हो चुकी हैं, इसके बावजूद न तो प्रशासन और न ही पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया है।


ये बोले आरोपी पक्ष के अधिवक्ता
एडवोकेट राकेश तंवर ने बताया कि पुलिस ने फायरिंग मामले में चार लोगों को अवैध हिरासत में लिया। बीएनएस की धारा के तहत किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी से पहले कोर्ट के समक्ष ग्राउंड ऑफ अरेस्ट लिखित रूप में बताना अनिवार्य है जबकि इस मामले में पुलिस की ओर से ऐसा नहीं किया गया।
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