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वन विभाग के गार्ड पर लगाया रिश्वत लेने का आरोप
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तोशाम। दो व्यक्तियों ने तोशाम के वन विभाग में कार्यरत एक गार्ड पर लकड़ियों से भरी गाड़ी छोड़ने के नाम पर 7 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। वहीं गार्ड ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
साहलेवाला निवासी राजकुमार ने बताया कि वह अपने खेत में आंधी में पड़ी हुई सूखी लकड़ियां भरकर अपने घर पर प्रयोग लाने के लिए चिरवाने जा रहा था। जब वह गांव झांवरी के पास पहुंचा तो वन विभाग के कर्मचारियों ने उसे रोक लिया और वाहन को बंद करने की धमकियां देने लगे। राजकुमार ने बताया कि उसने दोनों से छोड़ने की गुहार लगाई। राजकुमार ने दोनों कर्मचारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने छोड़ने की एवज में 10 हजार रुपये की मांग की। इस दौरान उसने इतने रुपये उसके पास न होने की बात कही तो वे उसे छोड़ने के नाम पर दो हजार रुपये की मांग करने लगे और उन रुपयों की रसीद भी देने की बात कही।
राजकुमार ने उन्हें दो हजार रुपये दे दिए तो उन दोनों में से एक मुझे अपना नंबर दिया और कहा कि मेरा नाम सुशील शर्मा है। आगे कोई दिक्कत हो तो इस नंबर पर कॉल कर लेना। राजकुमार ने बताया कि सुशील सिविल वर्दी में था व दूसरा सिपाही वर्दी में था और उसमें एक स्टार लगा हुआ था। लेकिन उन्होंने आजतक कोई रसीद नहीं दी है।
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वहीं दूसरी तरफ दुल्हेड़ी निवासी राजेंद्र ने भी सुशील शर्मा गार्ड पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह भी सूखी लकड़ी ला रहा था। रास्ते में उसे सुशील नामक व्यक्ति मिला और वाहन रुकवा लिया। राजेंद्र ने बताया कि उसने अपने आपको वन दरोगा बताया। राजेंद्र ने सुशील पर आरोप लगाया कि उसने गाड़ी छोड़ने की एवज में उससे 5 हजार रुपये लिए। राजेंद्र ने भी तोशाम वन राजिक अधिकारी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
इस बारे में वन राजिक अधिकारी जयपाल राठी ने बताया कि शिकायत आई है जो कि उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
वर्जन--
मुझ पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। आरोप तो कोई भी किसी पर लगा सकता है। मैंने किसी से कोई रिश्वत नहीं मांगी। मैं अपनी ड्यूटी इमानदारी के साथ करता हूं।
- सुशील शर्मा, गार्ड, वन विभाग
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साहलेवाला निवासी राजकुमार ने बताया कि वह अपने खेत में आंधी में पड़ी हुई सूखी लकड़ियां भरकर अपने घर पर प्रयोग लाने के लिए चिरवाने जा रहा था। जब वह गांव झांवरी के पास पहुंचा तो वन विभाग के कर्मचारियों ने उसे रोक लिया और वाहन को बंद करने की धमकियां देने लगे। राजकुमार ने बताया कि उसने दोनों से छोड़ने की गुहार लगाई। राजकुमार ने दोनों कर्मचारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने छोड़ने की एवज में 10 हजार रुपये की मांग की। इस दौरान उसने इतने रुपये उसके पास न होने की बात कही तो वे उसे छोड़ने के नाम पर दो हजार रुपये की मांग करने लगे और उन रुपयों की रसीद भी देने की बात कही।
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राजकुमार ने उन्हें दो हजार रुपये दे दिए तो उन दोनों में से एक मुझे अपना नंबर दिया और कहा कि मेरा नाम सुशील शर्मा है। आगे कोई दिक्कत हो तो इस नंबर पर कॉल कर लेना। राजकुमार ने बताया कि सुशील सिविल वर्दी में था व दूसरा सिपाही वर्दी में था और उसमें एक स्टार लगा हुआ था। लेकिन उन्होंने आजतक कोई रसीद नहीं दी है।
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वहीं दूसरी तरफ दुल्हेड़ी निवासी राजेंद्र ने भी सुशील शर्मा गार्ड पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह भी सूखी लकड़ी ला रहा था। रास्ते में उसे सुशील नामक व्यक्ति मिला और वाहन रुकवा लिया। राजेंद्र ने बताया कि उसने अपने आपको वन दरोगा बताया। राजेंद्र ने सुशील पर आरोप लगाया कि उसने गाड़ी छोड़ने की एवज में उससे 5 हजार रुपये लिए। राजेंद्र ने भी तोशाम वन राजिक अधिकारी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
इस बारे में वन राजिक अधिकारी जयपाल राठी ने बताया कि शिकायत आई है जो कि उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
वर्जन--
मुझ पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। आरोप तो कोई भी किसी पर लगा सकता है। मैंने किसी से कोई रिश्वत नहीं मांगी। मैं अपनी ड्यूटी इमानदारी के साथ करता हूं।
- सुशील शर्मा, गार्ड, वन विभाग