{"_id":"68c9c4843d1834ab7b0bdf3e","slug":"fogging-is-not-being-done-in-waterlogged-areas-mosquito-bites-are-ruining-peoples-health-bhiwani-news-c-125-1-bwn1005-139788-2025-09-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: जलभराव इलाकों में नहीं की जा रही फॉगिंग, मच्छर का डंक बिगाड़ रहा लोगों की सेहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: जलभराव इलाकों में नहीं की जा रही फॉगिंग, मच्छर का डंक बिगाड़ रहा लोगों की सेहत
Wed, 17 Sep 2025 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 17 Sep 2025 01:41 AM IST
विज्ञापन
बवानीखेड़ा के खेतों में हुआ जलभराव।
भिवानी। जिले के बवानीखेड़ा और तोशाम क्षेत्र में बनी जलभराव की स्थिति के कारण बीमारियां फैलने की आशंका भी बढ़ रही है। मच्छर का डंक लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। फिलहाल जिले में डेंगू, मलेरिया, खांसी, जुकाम, सर्दी के साथ बुखार और शरीर में दर्द के मरीजों में इजाफा हो रहा है। इसके साथ ही छोटे बच्चों के पेट में संक्रमण, उल्टी, दस्त के साथ बुखार की समस्या आ रही है।
वहीं, जलभराव के कारण पिछले सालों के मुकाबले इस बार डेंगू और मलेरिया के मरीज भी जिले में बढ़ सकते हैं। इसके पीछे जलभराव मुख्य कारण हो सकता है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिले में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग टीमें बना कर लारवा जांच अभियान जारी है। स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को मच्छरों से बचाव के प्रबंध करने के लिए जागरूक भी कर रहा है। लेकिन नगर परिषद और पालिकाओं की तरफ से किए जाने वाले प्रबंधों में ढ़िलाई है। फिलहाल जलभराव इलाकों में किसी तरह की फॉगिंग नहीं की जा रही है। लोग प्रशासन से दवा का छिड़काव और फोगिंग करवाने की मांग कर रहे हैं ताकि बीमारियों से बचा सकें। दरअसल, जिले के कई इलाकों में जलभराव की समस्या बने हुए एक माह से ऊपर का समय हो गया है।
जिले में डेंगू के छह और मलेरिया के तीन मरीज मिल चुके हैं। इसमें से ज्यादातर मरीज जलभराव वाले इलाकों से हैं। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज से चिकित्सक डॉ. यतिन गुप्ता ने बताया कि बारिश रुकने के बाद मच्छर जनित बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे मौसम में पानी को उबाल कर पीएं और खाना बनाने में प्रयोग करें। बाजार से खरीद कर लाने वाली सब्जियों और फ्रूट को साफ पानी से धोकर ही खाएं। इसके अलावा प्राकृतिक जूस का प्रयोग करते रहें।
विज्ञापन
ये है अस्पताल में मरीजों की स्थिति
पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के सामान्य रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में 350 से 400, त्वचा रोग के 90 से 120, बाल रोग विशेषज्ञ के पास 220 से 240, हड्डी रोग के 380 से 420 मरीज, नेत्र रोग विशेषज्ञ के पास 300 मरीज, स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास 380 मरीज, कान नाक और गला रोग के 230 मरीज आ रहे हैं। सुबह से दोपहर तक चिकित्सक ओपीडी से लेकर दवा वितरण केंद्र पर मरीजों की भीड़ लगी रहती है। वहीं अवकाश वाले दिन आपात विभाग में मरीजों की भीड़ बढ़ रही है।
सांसद ने दिए मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के प्रबंध करने के निर्देश
भिवानी-महेन्द्रगढ़ लोकसभा सांसद धर्मबीर सिंह मंगलवार को गांव धनाना में ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पानी की निकासी होने के साथ-साथ मच्छर जनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। ऐसे में गांवों में पर्याप्त मात्रा में दवाइयों का प्रबंध करें और जहां पर पानी जमा है, वहां पर दवाई का छिड़काव करें ताकि लोगों का बीमारियों से बचाव हो सकें। वहीं पशुओं के बचाव को लेकर भी पशुपालन विभाग को निर्देश दिए।
-इन स्थानों पर बनी है जलभराव की स्थिति
कस्बा बवानीखेड़ा, दांग खुर्द, बीरण, सागवान, धनाना, लोहारी जाटू, तिगड़ाना, घुसकानी, मिताथल, गुजरानी, चांग, सैय, बडेसरा, तालु, जताई, मुंढाल, सिवाड़ा, कुंगड़, भैणी, पुर, प्रेम नगर व मंढ़ाना में जलभराव की स्थिति बनी है।
जलभराव वाले इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार सक्रिय हैं। लोगों को समय से दवाइयां दी जा रही हैं। इसके साथ ही लोगों को ऐसे माहौल में सेहत का ध्यान रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। नागरिकों से भी अपील है कि ऐसे समय में खान-पान का विशेष ध्यान रखें। अगर किसी प्रकार कि परेशानी महसूस होती है तो अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भी जाकर चिकित्सकों से परामर्श लें।
-डॉ. रघुवीर शांडिल्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।
विज्ञापन
वहीं, जलभराव के कारण पिछले सालों के मुकाबले इस बार डेंगू और मलेरिया के मरीज भी जिले में बढ़ सकते हैं। इसके पीछे जलभराव मुख्य कारण हो सकता है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिले में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग टीमें बना कर लारवा जांच अभियान जारी है। स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को मच्छरों से बचाव के प्रबंध करने के लिए जागरूक भी कर रहा है। लेकिन नगर परिषद और पालिकाओं की तरफ से किए जाने वाले प्रबंधों में ढ़िलाई है। फिलहाल जलभराव इलाकों में किसी तरह की फॉगिंग नहीं की जा रही है। लोग प्रशासन से दवा का छिड़काव और फोगिंग करवाने की मांग कर रहे हैं ताकि बीमारियों से बचा सकें। दरअसल, जिले के कई इलाकों में जलभराव की समस्या बने हुए एक माह से ऊपर का समय हो गया है।
विज्ञापन
जिले में डेंगू के छह और मलेरिया के तीन मरीज मिल चुके हैं। इसमें से ज्यादातर मरीज जलभराव वाले इलाकों से हैं। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज से चिकित्सक डॉ. यतिन गुप्ता ने बताया कि बारिश रुकने के बाद मच्छर जनित बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे मौसम में पानी को उबाल कर पीएं और खाना बनाने में प्रयोग करें। बाजार से खरीद कर लाने वाली सब्जियों और फ्रूट को साफ पानी से धोकर ही खाएं। इसके अलावा प्राकृतिक जूस का प्रयोग करते रहें।
विज्ञापन
ये है अस्पताल में मरीजों की स्थिति
पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के सामान्य रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में 350 से 400, त्वचा रोग के 90 से 120, बाल रोग विशेषज्ञ के पास 220 से 240, हड्डी रोग के 380 से 420 मरीज, नेत्र रोग विशेषज्ञ के पास 300 मरीज, स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास 380 मरीज, कान नाक और गला रोग के 230 मरीज आ रहे हैं। सुबह से दोपहर तक चिकित्सक ओपीडी से लेकर दवा वितरण केंद्र पर मरीजों की भीड़ लगी रहती है। वहीं अवकाश वाले दिन आपात विभाग में मरीजों की भीड़ बढ़ रही है।
सांसद ने दिए मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के प्रबंध करने के निर्देश
भिवानी-महेन्द्रगढ़ लोकसभा सांसद धर्मबीर सिंह मंगलवार को गांव धनाना में ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पानी की निकासी होने के साथ-साथ मच्छर जनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। ऐसे में गांवों में पर्याप्त मात्रा में दवाइयों का प्रबंध करें और जहां पर पानी जमा है, वहां पर दवाई का छिड़काव करें ताकि लोगों का बीमारियों से बचाव हो सकें। वहीं पशुओं के बचाव को लेकर भी पशुपालन विभाग को निर्देश दिए।
-इन स्थानों पर बनी है जलभराव की स्थिति
कस्बा बवानीखेड़ा, दांग खुर्द, बीरण, सागवान, धनाना, लोहारी जाटू, तिगड़ाना, घुसकानी, मिताथल, गुजरानी, चांग, सैय, बडेसरा, तालु, जताई, मुंढाल, सिवाड़ा, कुंगड़, भैणी, पुर, प्रेम नगर व मंढ़ाना में जलभराव की स्थिति बनी है।
जलभराव वाले इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार सक्रिय हैं। लोगों को समय से दवाइयां दी जा रही हैं। इसके साथ ही लोगों को ऐसे माहौल में सेहत का ध्यान रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। नागरिकों से भी अपील है कि ऐसे समय में खान-पान का विशेष ध्यान रखें। अगर किसी प्रकार कि परेशानी महसूस होती है तो अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भी जाकर चिकित्सकों से परामर्श लें।
-डॉ. रघुवीर शांडिल्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।