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Bhiwani News: फ्लू के मरीज तीन से चार दिन के बजाय सात से 10 दिन में हो रहे रिकवर
Mon, 01 May 2023 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 01 May 2023 11:17 PM IST
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नागरिक अस्पताल की फिजिशियन ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की भीड़।
भिवानी। पिछले दिन इन्फ्लूएंजा वायरस की चपेट में आने से लोगों की इम्यूनिटी पावर कमजोर हो गई है। इसकी वजह से वे संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं और तीन से चार दिन में ठीक होने वाले मरीजों को रिकवरी में सात से 10 दिन का समय लग रहा है।
नागरिक अस्पताल की ओपीडी में पहुंच रहे हर तीसरे मरीज को खांसी, जुकाम और बुखार की दिक्कत है। जिन्हें चिकित्सक फ्लू वायरल की श्रेणी में शामिल कर रहे हैं। क्योंकि इन मरीजों की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आ रही है।
नागरिक अस्पताल की फिजिशियन ओपीडी में रोजाना 200 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इनमें से 70 से अधिक मरीजों को फ्लू की दिक्कत है। अधिकतर मरीजों को खांसी, जुकाम, बुखार, निमोनिया, गले में खरास की दिक्कत हो रही है। फ्लू वायरल के दौरान मरीज को रात के समय तेज बुखार हो रही है, जिस दौरान काफी पसीना भी आ रहा है। इसके अलावा मरीज को दिनभर बुखार तो महसूस होती है लेकिन जब जांच की जाती है तो उन्हें बुखार नहीं मिलती।
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चिकित्सकों की मानें तो यह कम इम्यूनिटी की वजह से हो रहा है। मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण उनमें कमजोरी हो रहती है और वे लंबे समय पर संक्रमण की चपेट में रहते हैं। नागरिक अस्पताल के फिजिशियन वार्ड में भी फ्लू वायरल के 20 से अधिक मरीज दाखिल है जिन्हें एक सप्ताह में डिस्चार्ज किया जा रहा है।
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अस्पताल के वार्ड में दाखिल 30 बच्चे
नागरिक अस्पताल के बच्चों के वार्ड में फिलहाल 30 बच्चे दाखिल हैं। इनमें से 10 बच्चों को निमोनिया, पांच को पीलिया और अन्य तो उल्टी, दस्त की दिक्कतें है। बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में इन दिनों 150 से अधिक बच्चे जांच करवाने पहुंच रहे हैं। जिन्हें निमोनिया, टाइफाइड, पीलिया, खांसी, जुकाम, बुखार, उल्टी और दस्त की दिक्कत है। जिन्हें चिकित्सक दवा के साथ ही एहतियात बरतने का परामर्श दे रहे हैं।
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इन बिंदुओं पर दें ध्यान
- पानी पर्याप्त मात्रा में पिलाएं।
- घर पर बना पौष्टिक भोजन ही खिलाएं।
- फास्ट फूड और जंक फूड के सेवन से परहेज करें।
- बच्चों को ठंडा पानी न पीने दें।
- एसी का इस्तेमाल न करें।
- मच्छरदानी जरूर लगाएं, जिससे मच्छर न काटने पाएं।
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विशेषज्ञ सलाह
बारिश के बाद लोग बीमारियों की चपेट में अधिक आ रहे हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि लोग सावधानी नहीं रख रहे। खांसी, जुकाम औ बुखार जैसे वायरस से बचाव के लिए पौष्टिक आहार का सेवन करें। ठंडी व बाहर की चीजों का सेवन न करें। पीलिया का मुख्य कारण दूषित पानी का सेवन और निमोनिया का कारण ठंड की चपेट में आना है। पानी को अच्छे से उबालकर पीएं। स्वास्थ्य में गड़बड़ी लगने पर चिकित्सक से जांच अवश्य करवाएं।
- डॉ. यतिन गुप्ता, सीनियर फिजिशियन, नागरिक अस्पताल।
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नागरिक अस्पताल की ओपीडी में पहुंच रहे हर तीसरे मरीज को खांसी, जुकाम और बुखार की दिक्कत है। जिन्हें चिकित्सक फ्लू वायरल की श्रेणी में शामिल कर रहे हैं। क्योंकि इन मरीजों की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आ रही है।
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नागरिक अस्पताल की फिजिशियन ओपीडी में रोजाना 200 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इनमें से 70 से अधिक मरीजों को फ्लू की दिक्कत है। अधिकतर मरीजों को खांसी, जुकाम, बुखार, निमोनिया, गले में खरास की दिक्कत हो रही है। फ्लू वायरल के दौरान मरीज को रात के समय तेज बुखार हो रही है, जिस दौरान काफी पसीना भी आ रहा है। इसके अलावा मरीज को दिनभर बुखार तो महसूस होती है लेकिन जब जांच की जाती है तो उन्हें बुखार नहीं मिलती।
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चिकित्सकों की मानें तो यह कम इम्यूनिटी की वजह से हो रहा है। मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण उनमें कमजोरी हो रहती है और वे लंबे समय पर संक्रमण की चपेट में रहते हैं। नागरिक अस्पताल के फिजिशियन वार्ड में भी फ्लू वायरल के 20 से अधिक मरीज दाखिल है जिन्हें एक सप्ताह में डिस्चार्ज किया जा रहा है।
अस्पताल के वार्ड में दाखिल 30 बच्चे
नागरिक अस्पताल के बच्चों के वार्ड में फिलहाल 30 बच्चे दाखिल हैं। इनमें से 10 बच्चों को निमोनिया, पांच को पीलिया और अन्य तो उल्टी, दस्त की दिक्कतें है। बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में इन दिनों 150 से अधिक बच्चे जांच करवाने पहुंच रहे हैं। जिन्हें निमोनिया, टाइफाइड, पीलिया, खांसी, जुकाम, बुखार, उल्टी और दस्त की दिक्कत है। जिन्हें चिकित्सक दवा के साथ ही एहतियात बरतने का परामर्श दे रहे हैं।
इन बिंदुओं पर दें ध्यान
- पानी पर्याप्त मात्रा में पिलाएं।
- घर पर बना पौष्टिक भोजन ही खिलाएं।
- फास्ट फूड और जंक फूड के सेवन से परहेज करें।
- बच्चों को ठंडा पानी न पीने दें।
- एसी का इस्तेमाल न करें।
- मच्छरदानी जरूर लगाएं, जिससे मच्छर न काटने पाएं।
विशेषज्ञ सलाह
बारिश के बाद लोग बीमारियों की चपेट में अधिक आ रहे हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि लोग सावधानी नहीं रख रहे। खांसी, जुकाम औ बुखार जैसे वायरस से बचाव के लिए पौष्टिक आहार का सेवन करें। ठंडी व बाहर की चीजों का सेवन न करें। पीलिया का मुख्य कारण दूषित पानी का सेवन और निमोनिया का कारण ठंड की चपेट में आना है। पानी को अच्छे से उबालकर पीएं। स्वास्थ्य में गड़बड़ी लगने पर चिकित्सक से जांच अवश्य करवाएं।
- डॉ. यतिन गुप्ता, सीनियर फिजिशियन, नागरिक अस्पताल।