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Bhiwani News: जलघर के टैंकों में जलभराव के पानी से आई जलीय पौधों की बाढ़

Mon, 04 Sep 2023 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Mon, 04 Sep 2023 11:57 PM IST
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Flooding of aquatic plants due to waterlogging in water reservoir tanks
भिवानी। जलघर के टैंकों में अन्य जिलों के जलभराव के पानी पहुंचने से जलीय पौधों की बाढ़ आ गई है। ये पौधे पूरे टैंक को ही अपने आगोश में लिए हुए हैं। इसकी वजह से यहां पानी का टैंक किसी सुंदर उपवन सा दिखाई पड़ रहा है। मगर जलीय पौधों के सड़ने से टैंकों का पानी भी प्रदूषित हो रहा है।
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इस पानी को फिल्डर किए जाने के बाद भी इसका स्वाद बिगड़ा हुआ है। जो लोगों की जीभ को नहीं भा रहा है। हालांकि बारिश के बाद अब जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग जलघर के टैंकों से जलीय पौधों को साफ कराने के दिशा में कदम जल्द उठाने की बात कह रहा है।
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भिवानी शहर की करीब पौने तीन लाख की आबादी को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग तीन मुख्य जलघरों से पेयजल आपूर्ति दे रहा है। पेयजल आपूर्ति में आने वाला पानी फिल्टर किए जाने के बाद भी पूरी तरह से शुद्ध नहीं है। इस पानी के अंदर थोड़ा नमकीन स्वाद आ रहा है। इसमें बाढ़ के पानी की महक भी महसूस हो रही है। हालांकि अब नहरों के अंदर बाढ़ का पानी नहीं आ रहा है। मगर जलभराव के दौरान जलघर के टैंकों तक काफी मिट्टी पहुंची है, जिसके अंदर अब जलीय पौधों की बाढ़ आ गई है। ये जलीय पौधे इतने हैं कि इन्हें हटाना विभागीय कर्मचारियों की हद से भी बाहर है। जलीय पौधों की वजह से पानी के टैंक पूरी तरह से इन पौधों के ही हरियाली से ढके हैं, जिनमें पानी तो दिखाई ही नहीं दे रहा है। ये बैल गर्मी में झुलसकर सूख रही हैं, जिसके बाद इन पौधों के सड़ने की प्रक्रिया भी शुरू हो रही है। जो पानी के स्वाद और शुद्धता दोनों को ही बिगाड़ रही है।
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ठेके पर कराया जाएगा टैंकों की सफाई का काम

जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग जलघर टैंकों में फैली जलीय पौधों को हटाने के लिए ठेके पर सफाई का काम कराएगा। क्योंकि इन जलीय बेलों को हटाने वाले लोग तैराक भी होते हैं जो कश्ती के सहारे इन बेलों को यहां से काटकर हटाने का भी हुनर रखते हैं। आम तौर पर अगर कोई इन्हें हटाने के लिए पानी में उतरा तो वह इन जलीय बेलों के जाल में ही उलझकर अपनी जान भी गंवा सकता है। हालांकि टैंकों के अंदर जलभराव की गाद को अभी साफ नहीं किया जाएगा। ये सर्दियों के मौसम में ही संभव होगा। क्योंकि इस समय गर्मी में पेयजल आपूर्ति के लिए पर्याप्त पानी की जरूरत है। ऐसे में टैंकों के अंदर जो पानी मौजूद हैं, उससे मुश्किल से ही पानी का शेड्यूल पूरा होगा।



लीकेज भी बनी है विभाग के लिए बड़ी परेशानी

जलघर के टैंकों का पानी तो फिर भी लोग जैसे तैसे पी रहे हैं, लेकिन शहर के अंदर काफी जगहों पर पेयजल लाइनों में लीकेज हैं। इससे सीवर के गंदे पानी की मिक्सिंग भी होने से गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है। इस पानी को पीना तो दूर हाथ लगाने से बदबू नहीं जाती। ये समस्या नई लाइन डालने पर ही दूर होंगे। इसके लिए भी विभाग द्वितीय फेज अमृत के तहत काम कराने का खाका तैयार कराने में जुटे हैं।


जलघर के अंदर बारिश के बाद जलीय पौधों की भरमार है। इनकी जल्द ही सफाई कराई जाएगी। इसके लिए कार्य ठेके पर दिया जाएगा। टैंकों में मिट्टी की सफाई अभी नहीं कराएंगे ये कार्य सर्दियों में होगा। क्योंकि गर्मियों में पानी की अत्यधिक डिमांड बनी रहती है, ऐसे में टैंकों को खाली करा सफाई कर पाना संभव नहीं है।

- सूरज प्रकाश जैन, एसडीओ, शहरी पेयजल शाखा भिवानी।
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