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गांवों में जलभराव पर जागा प्रशासन, अधिकारी पहुंचे सुध लेने
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Wed, 31 Aug 2016 06:26 PM IST
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गांव में घुसा पानी
- फोटो : फाइल फोटो
गांव पाड़वान सहित करीब आधा दर्जन गांवों में लगातार बरसात से विकट बने हालातों की आखिरकार प्रशासन ने सुध ले ली। इन गांवों में बने विकट हालातों पर अमर उजाला के प्रमुखता से खबर प्रकाशित करने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। तहसीलदार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और इन गांवों में पंपसेट के जरिए 24 घंटे पानी का उठान करवा जलभराव से निजात दिलाने की कवायद शुरू करवाई।
अमर उजाला ने 31 अगस्त के संस्करण में घर डूबे, ईंधन भीगा, गांव छोड़ने को मजबूर ग्रामीण शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया और एसडीएम ने तहसीलदार को मौके का जायजा लेने व समस्या का समाधान करवाने के निर्देश दिए। इसके बाद तहसीलदार राजकुमार अरोड़ा जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों सहित मौके पर पहुंचे।
60 घरों में घुसा है बरसाती पानी
पांडवान में बरसाती पानी निकासी के प्रबंध न होने पर दूसरे दिन हालात और खराब हो गए। करीब 60 घरों में बरसाती पानी घुसने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। गांव की बाहरी बस्ती में जोहड़ के समीप करीब 60 घरों में बरसाती पानी घुस गया है जिससे इन लोगों का जन- जीवन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पलायन करना पड़ रहा है। गांव सरपंच राजकरण ने बताया कि गत सात जुलाई को गांव की पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर प्रशासन से गांव में पंप सैट लगाए जाने की मांग की थी लेकिन प्रशासन की ओर से इस बारे में कोई ठोस उपाय नहीं किए गए। सरपंच ने बताया कि एक पुरानी मोटर लगाई गई थी वह काम नहीं कर रही है।
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गांव के चारों ओर बांध निर्माण की मांग उठाई
सरपंच राजकरण ने सरकार से गांव के चारो ओर बांध का निर्माण करवाए जाने की मांग की है ताकि हर साल की इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके। सरपंच का कहना है कि पंचायत के पास इस समय कोई फंड भी नहीं है। गांव के लोग ही खुद ही मिट्टी व कट्टे डलवाकर पानी के प्रवाह को रोक रहे हैं। उधर, प्रशासन की ओर से तहसीलदार राजकुमार ने गांव का दौरा कर हालातों का जायजा लिया है।
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अमर उजाला ने 31 अगस्त के संस्करण में घर डूबे, ईंधन भीगा, गांव छोड़ने को मजबूर ग्रामीण शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया और एसडीएम ने तहसीलदार को मौके का जायजा लेने व समस्या का समाधान करवाने के निर्देश दिए। इसके बाद तहसीलदार राजकुमार अरोड़ा जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों सहित मौके पर पहुंचे।
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60 घरों में घुसा है बरसाती पानी
पांडवान में बरसाती पानी निकासी के प्रबंध न होने पर दूसरे दिन हालात और खराब हो गए। करीब 60 घरों में बरसाती पानी घुसने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। गांव की बाहरी बस्ती में जोहड़ के समीप करीब 60 घरों में बरसाती पानी घुस गया है जिससे इन लोगों का जन- जीवन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पलायन करना पड़ रहा है। गांव सरपंच राजकरण ने बताया कि गत सात जुलाई को गांव की पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर प्रशासन से गांव में पंप सैट लगाए जाने की मांग की थी लेकिन प्रशासन की ओर से इस बारे में कोई ठोस उपाय नहीं किए गए। सरपंच ने बताया कि एक पुरानी मोटर लगाई गई थी वह काम नहीं कर रही है।
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गांव के चारों ओर बांध निर्माण की मांग उठाई
सरपंच राजकरण ने सरकार से गांव के चारो ओर बांध का निर्माण करवाए जाने की मांग की है ताकि हर साल की इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके। सरपंच का कहना है कि पंचायत के पास इस समय कोई फंड भी नहीं है। गांव के लोग ही खुद ही मिट्टी व कट्टे डलवाकर पानी के प्रवाह को रोक रहे हैं। उधर, प्रशासन की ओर से तहसीलदार राजकुमार ने गांव का दौरा कर हालातों का जायजा लिया है।