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Bhiwani News: पहले सूखे की मार, अब तेज हवा के साथ बारिश से किसान लाचार
Tue, 17 Oct 2023 10:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 17 Oct 2023 10:52 PM IST
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भिवानी।
पहले सूखे की मार और अब तेज हवा के साथ बारिश ने किसानों को लाचार कर दिया है। सोमवार देर रात तक तेज हवाओं के साथ मुंढाल क्षेत्र में बारिश हुई। इसकी वजह से पककर तैयार हो चुकी करीब 450 एकड़ में किसानों की धान की फसल बिछ गई।
किसान पक चुकी धान की दस दिन बाद कटाई की तैयारियों में लगे थे कि उनके अरमानों को मौसम ने चकनाचूर कर डाला। किसानों का कहना है कि मुंढाल और उसके आसपास बांडाहेड़ी क्षेत्र में करीब डेढ़ हजार एकड़ से अधिक भूमि पर धान की रोपाई कराई गई थी। इसमें से करीब 450 एकड़ में किसानों की फसल तेज हवा से खेत में बिछ गई।
मुंढाल क्षेत्र के किसान अशोक, दयाराम, महावीर, भल्लेराम, सतबीर ने बताया कि उन्होंने धान रोपाई पर काफी पैसा खर्च किया था। इस बार सूखे की वजह से उनका धान रोपाई के बाद फसल उत्पादन का खर्च भी काफी बढ़ गया, क्योंकि हजारों रुपयों का डीजल फूंककर मुश्किल से फसल पकाकर तैयार की थी। जबकि रोपाई के बाद अधिकांश किसानों की फसल सूखकर नष्ट हो चुकी थी। जिन किसानों की फसल सूखे की मार झेल कर बच गई थी अब उन किसानों की फसल पर तेज हवा और बारिश ने पानी फेर डाला। किसानों का कहना है कि खेतों में बिछ चुकी धान की कटाई पर भी अब काफी पैसा खर्च करना पड़ेगा और अनुमान के मुताबिक फसल उत्पादन भी नहीं मिलेगा।
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बिना बारिश के धान उत्पादन लेना बना चुनौती
हाल ही में मुंढाल और बांडाहेड़ी क्षेत्र में सिंचाई विभाग की करोड़ों रुपयों की परियोजना पर काम पूरा हुआ है। इसके बाद हर बार बारिश में जलभराव झेलने वाला ये इलाका अब सूखे की मार झेलने लगा है। बारिश के दौरान खेतों में जलभराव की वजह से अधिकांश किसान धान की रोपाई करते थे। मगर बरसाती पानी की निकासी के प्रबंध होने के बाद यहां पानी का ठहराव नहीं होता। इसके बाद धान रोपाई करने वाले किसानों को ट्यूबवेल या फिर डीजल इंजन चलाकर भूमिगत पानी इस्तेमाल करना पड़ता है। इसमें अधिक खर्च आ रहा है। ऐसे में अब अधिकांश किसानों के लिए यहां धान की रोपाई कर पैदावार लेना बड़ी चुनौती बन गया है।
खरीफ सीजन की अधिकांश फसल किसान काटकर बेच चुके हैं। कुछ हिस्से में अभी भी किसानों की फसल खेत में पककर तैयार खड़ी है। विभाग के समक्ष अभी तक फसल में नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं आई है।
-विनोद फौगाट, कृषि उपनिदेशक भिवानी।
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पहले सूखे की मार और अब तेज हवा के साथ बारिश ने किसानों को लाचार कर दिया है। सोमवार देर रात तक तेज हवाओं के साथ मुंढाल क्षेत्र में बारिश हुई। इसकी वजह से पककर तैयार हो चुकी करीब 450 एकड़ में किसानों की धान की फसल बिछ गई।
किसान पक चुकी धान की दस दिन बाद कटाई की तैयारियों में लगे थे कि उनके अरमानों को मौसम ने चकनाचूर कर डाला। किसानों का कहना है कि मुंढाल और उसके आसपास बांडाहेड़ी क्षेत्र में करीब डेढ़ हजार एकड़ से अधिक भूमि पर धान की रोपाई कराई गई थी। इसमें से करीब 450 एकड़ में किसानों की फसल तेज हवा से खेत में बिछ गई।
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मुंढाल क्षेत्र के किसान अशोक, दयाराम, महावीर, भल्लेराम, सतबीर ने बताया कि उन्होंने धान रोपाई पर काफी पैसा खर्च किया था। इस बार सूखे की वजह से उनका धान रोपाई के बाद फसल उत्पादन का खर्च भी काफी बढ़ गया, क्योंकि हजारों रुपयों का डीजल फूंककर मुश्किल से फसल पकाकर तैयार की थी। जबकि रोपाई के बाद अधिकांश किसानों की फसल सूखकर नष्ट हो चुकी थी। जिन किसानों की फसल सूखे की मार झेल कर बच गई थी अब उन किसानों की फसल पर तेज हवा और बारिश ने पानी फेर डाला। किसानों का कहना है कि खेतों में बिछ चुकी धान की कटाई पर भी अब काफी पैसा खर्च करना पड़ेगा और अनुमान के मुताबिक फसल उत्पादन भी नहीं मिलेगा।
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बिना बारिश के धान उत्पादन लेना बना चुनौती
हाल ही में मुंढाल और बांडाहेड़ी क्षेत्र में सिंचाई विभाग की करोड़ों रुपयों की परियोजना पर काम पूरा हुआ है। इसके बाद हर बार बारिश में जलभराव झेलने वाला ये इलाका अब सूखे की मार झेलने लगा है। बारिश के दौरान खेतों में जलभराव की वजह से अधिकांश किसान धान की रोपाई करते थे। मगर बरसाती पानी की निकासी के प्रबंध होने के बाद यहां पानी का ठहराव नहीं होता। इसके बाद धान रोपाई करने वाले किसानों को ट्यूबवेल या फिर डीजल इंजन चलाकर भूमिगत पानी इस्तेमाल करना पड़ता है। इसमें अधिक खर्च आ रहा है। ऐसे में अब अधिकांश किसानों के लिए यहां धान की रोपाई कर पैदावार लेना बड़ी चुनौती बन गया है।
खरीफ सीजन की अधिकांश फसल किसान काटकर बेच चुके हैं। कुछ हिस्से में अभी भी किसानों की फसल खेत में पककर तैयार खड़ी है। विभाग के समक्ष अभी तक फसल में नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं आई है।
-विनोद फौगाट, कृषि उपनिदेशक भिवानी।