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Bhiwani News: कॉरपोरेट भारत छोड़ो दिवस पर किसानों ने किया प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
Thu, 14 Aug 2025 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 14 Aug 2025 01:03 AM IST
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बवानीखेड़ा। किसान संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर कॉरपोरेट भारत छोड़ो दिवस के रूप में बुधवार को किसानों ने मुक्त व्यापार समझौते को बंद करने की मांग को लेकर तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान प्रधानमंत्री और कॉरपोरेट का पुतला दहन भी किया गया।
अखिल भारतीय किसान सभा बवानीखेड़ा के प्रधान राजेश कुंगड़ के नेतृत्व में किसानों ने शहर में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को मांग पत्र भिजवाया। किसानों ने कहा कि अमेरिका द्वारा टैरिफ को 50 प्रतिशत तक बढ़ाया जा रहा है और भारत पर द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौता लागू करने का दबाव डाला जा रहा है। यदि यह समझौता लागू हुआ तो तेल, दाल, फल, रबर, कपास, डेयरी फार्म और पोल्ट्री फार्म जैसे कृषि उत्पाद बुरी तरह प्रभावित होंगे।
किसानों ने आरोप लगाया कि पहले भी एशियन मुक्त व्यापार समझौते ने प्राकृतिक रबर, चाय और कॉफी जैसी नगदी फसलों के क्षेत्रों को तबाह किया है। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार इस तरह के समझौतों से दूर रहे, ताकि कृषि क्षेत्र और किसानों का हित सुरक्षित रह सके। इस मौके पर तहसील सचिव रामोतार भाकर, कोषाध्यक्ष हरफुल कदवाल, रामकिशन काजल, भूतपूर्व मास्टर हनुमान रोहिला, सतीश सचदेवा मौजूद रहे।
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अखिल भारतीय किसान सभा बवानीखेड़ा के प्रधान राजेश कुंगड़ के नेतृत्व में किसानों ने शहर में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को मांग पत्र भिजवाया। किसानों ने कहा कि अमेरिका द्वारा टैरिफ को 50 प्रतिशत तक बढ़ाया जा रहा है और भारत पर द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौता लागू करने का दबाव डाला जा रहा है। यदि यह समझौता लागू हुआ तो तेल, दाल, फल, रबर, कपास, डेयरी फार्म और पोल्ट्री फार्म जैसे कृषि उत्पाद बुरी तरह प्रभावित होंगे।
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किसानों ने आरोप लगाया कि पहले भी एशियन मुक्त व्यापार समझौते ने प्राकृतिक रबर, चाय और कॉफी जैसी नगदी फसलों के क्षेत्रों को तबाह किया है। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार इस तरह के समझौतों से दूर रहे, ताकि कृषि क्षेत्र और किसानों का हित सुरक्षित रह सके। इस मौके पर तहसील सचिव रामोतार भाकर, कोषाध्यक्ष हरफुल कदवाल, रामकिशन काजल, भूतपूर्व मास्टर हनुमान रोहिला, सतीश सचदेवा मौजूद रहे।
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