भिवानी। कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलनरत किसानों ने लगातार 70वें दिन कितलाना टोल को फ्री रखा और नारेबाजी कर रोष जताया। किसान नेताओं नर सिंह, गंगाराम श्योराण, बिजेंद्र बेरला ने कहा कि हरियाणा विधानसभा का शुक्रवार से बजट सत्र शुरू होने वाला है। इसमें किसान आंदोलन के समर्थक विधायकों के पास मौका है कि वे गठबंधन सरकार की विदाई करें। प्रदेश सरकार के गिरने से केंद्र की मोदी सरकार को बड़ा झटका लगेगा। अहंकार से भरी हरियाणा और केंद्र सरकार को नींद से जगाने का ये बढ़िया अवसर है।
वक्ताओं ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें रिकार्ड स्तर पर पहुंच गई है। तीन महीने में गैस का सिलिंडर 225 रुपये महंगा हो गया है। गरीब व मध्यम वर्ग को गुजारा मुश्किल हो गया है। राजनीति से ऊपर उठकर हर सांसद और विधायक का ये फर्ज बनता है कि वो सरकार पर दबाव बनाकर टैक्स में कमी करवाएं ताकि आम जनमानस को राहत मिले। वीरवार को धरने की अध्यक्षता नरसिंह डीपीई, बिजेंद्र बेरला, गंगाराम श्योराण, धर्मबीर समसपुर, दिलबाग ग्रेवाल, सत्यवान बलियाली, सुभाष यादव, संतोष, कृष्णा छपार, मा. राज सिंह, रामानंद धानक ने संयुक्त रूप से की। उन्होंने गांवों में बनी कमेटियों से आह्वान करते हुए कहा कि छह मार्च को तीन काले कानूनों के खिलाफ हर घर पर काले झंडे फहराने की तैयारी अभी से शुरू कर दे। मंच संचालन कामरेड ओमप्रकाश ने किया। इस अवसर पर जोरावर सांगवान, सुरजभान सांगवान, राज कुमार हड़ौदी, राजू मान, कमल प्रधान, रामोतार बलियाली, रणधीर कुंगड़, सुल्तान खान, सत्यवान कालुवाला, रामकुमार आर्य, राज कुमार दलाल, राजेश झोझू, अनीता खान, मुकेश पहाड़ी, मंगल सुई, बलबीर बजाड़, कप्तान रामफल, जगदीश हुई, रतन सिंह बोहरा, सूबेदार सत्यवीर, पूर्व सरपंच समुंद्र सिंह आदि मौजूद थे।