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Bhiwani News: किसानों ने प्रशासन को दिया 24 तक का अल्टीमेटम

Wed, 17 Jul 2024 10:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Wed, 17 Jul 2024 10:48 PM IST
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farmers given ultimatem to administration
भिवानी। मुआवजा वितरण मामले मेंं धांधली को लेकर लोहारू में प्रदर्शन करते इलाके के किसान। स्वयं
मुआवजा वितरण में धांधली की जांच के लिए किसानों ने की पंचायत
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फोटो : 41
संवाद न्यूज एजेंसी
लोहारू। मुआवजा वितरण में कथित धांधली के मामले में किसानों ने बुधवार को लाल बहादुर शास्त्री पार्क में संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले पंचायत का आयोजन किया। किसान सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर गरजे। साथ ही जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रशासन को 24 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया। कहा कि यदि संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो किसान आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।

किसानों का आरोप है कि यह मामला केवल फरटिया केहर का नहीं है। खरकड़ी बावनवाली में भी गिरदावर व पटवारियों ने मिलीभगत कर मुआवजा हड़पा है। किसानों ने पूरे लोहारू खंड में हुए मुआवजा वितरण की जांच करने की मांग की। उधर, मामले में संलिप्त पटवारी को फील्ड के कार्य से हटाकर ऑफिस के कार्य में लगाया गया है।
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बता दें कि फरटिया केहर गांव के प्रदीप कुमार ने आरटीआई के तहत अपने गांव के 67 किसानों की खरीफ फसल 2021 की मैनुअल मुआवजा राशि वितरण का रिकॉर्ड मांगा था। इसमें प्रशासन की तरफ से किसान को दी गई उक्त 67 किसानों की मुआवजा वितरण से संबंधित जानकारी में खुलासा हुआ कि किसानों की मुआवजा राशि अन्य लोगों के बैंक खातों में डालकर हड़प ली गई। इसमें पात्र किसानों को वंचित रखा गया है। इसके बाद एसकेएम के बैनर तले किसानों ने एसडीएम को 12 जुलाई को ज्ञापन देकर 16 जुलाई तक का समय दिया था।
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बुधवार को किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष रवि आजाद, कर्मवीर फरटिया, धर्मपाल बारवास, दयानंद, जग रोशन, नरेश पहाड़ी, कविता आर्य, पृथ्वी सिंह गोठड़ा, युद्धवीर सिंह ने एसडीएम से मुलाकात की। एसडीएम ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि तहसीलदार विक्रम सिंगला को जांच सौंपी गई है। एक सप्ताह में निष्पक्ष जांच कर 24 जुलाई को जांच रिपोर्ट किसानों की कमेटी को सौंप दी जाएगी। कमेटी ने एसडीएम से रिकॉर्ड जब्त करने की मांग रखी है।
बताया जाता है कि अब तक जांच में 37 किसानों के नाम सामने आ चुके हैं, जो फर्जी हैं। उनको करीब पौने 4 लाख रुपये की राशि वितरित की गई है। यह मुआवजा राशि कम से कम 500 रुपये से लेकर अधिकतम 35 हजार रुपये प्रति किसान हो सकती है।
पंचायत में भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष रवि आजाद, जिला प्रधान मेवा सिंह आर्य, खंड प्रधान रविंद्र कस्वां, आजाद सिंह भूंगला, प्रदेश सचिव धर्मपाल बारवास, कर्मवीर फरटिया, सुरत सिंह, राम सिंह शेखावत, नरेंद्र फरटिया, हवा सिंह बलोदा आदि शामिल हुए।


2020 से अब तक के सभी मुआवजा वितरण की जांच हो : रवि आजाद

भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष रवि आजाद ने बताया कि लोहारू तहसील में 74 ग्राम पंचायतें हैं। अगर निष्पक्ष तरीके से जांच की जाए तो करोड़ों रुपये का गबन 2020 से 2024 में बीच मुआवजा वितरण में मिलेगा। उन्होंने प्रदेश के वित्त मंत्री से मांग की है कि मुआवजा वितरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। ताकि, भविष्य में कोई अधिकारी किसानों के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ न कर सके। यदि ऐसा नहीं हुआ तो किसान फिर से आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
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