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Bhiwani News: सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने का झांसा देकर युवाओं से ठगी के रैकेट का पर्दाफाश
Sun, 02 Jul 2023 11:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sun, 02 Jul 2023 11:13 PM IST
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राज्य अपराध शाखा की एसआईटी के द्वारा गिरफ्तार किए गए नौकरी के नाम पर ठगी के आरोपी।
भिवानी। सरकारी विभागों में बेरोजगार युवाओं को नौकरी लगवाने और फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमाकर ट्रेनिंग कराने के रैकेट का पर्दाफाश किया है। राज्य अपराध शाखा की एसआईटी ने युवाओं से नौकरी के नाम पर ठगी के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये युवाओं को कई सरकारी महकमों में नौकरी का झांसा देकर ठगते और फिर फर्जी ज्वाइनिंग और ट्रेनिंग कराकर उन्हें धोखा देते थे।
राज्य अपराध शाखा के निदेशक ओपी सिंह ने पुलिस अधीक्षक क्राइम की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया था। मामला भिवानी सदर पुलिस थाना में मार्च 2023 से जुड़ा है। इसमें गांव धनाना निवासी रवीद्र, विक्रम और प्रदीप ने शिकायत में बताया था कि उन्हें फूड कॉरपोरेशन में गोदाम अटेंडेंट लगवाने के लिए आरोपियों ने साढ़े 16 लाख रुपये की ठगी की थी। आरोपियों ने उन्हें फर्जी ज्वाइनिंग लेटर दिया और उनकी फर्जी ट्रेनिंग भी कराई थी। इसके बाद उन्हें नौकरी नहीं मिली और न ही पैसा वापस हुआ।
सदर पुलिस थाना में दर्ज इस मामले की जांच स्टेट क्राइम ब्रांच की एसआईटी को सौंपी गई थी। स्टेट क्राइम ब्रांच की एसआईटी के निरीक्षक शेखर सिंह, उप निरीक्षक बीर सिंह, सहायक उप निरीक्षक मनेंद्र सिंह, प्रदीप, विनोद, दिलबाग, राजेश मुख्य सिपाही, धर्मेंद्र, अशोक, राजबीर, जयबीर, सुरेश, अमित साइबर विशेषज्ञ मुख्य सिपाही अंकुश, अमन ने तीन आरोपियों को इस मामले में गिरफ्तार किया है। एसआईटी ने रोहतक के कटेसरा निवासी विष्णु चौहान को गत तीन जून और मुज्जफरनगर यूपी निवासी दीपक राठी को 27 जून को गिरफ्तार किया। इसी मामले में एसआईटी ने तीसरे आरोपी राहुल सिंह वासी सीतापुर यूपी को 29 जून को गिरफ्तार किया है। चौथे आरोपी मोहम्मद शोएब दिल्ली को शनिवार को एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया।
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टीम ने आरोपियों के पास से चार लाख रुपये की नकदी, मोबाइल फोन, पैन ड्राइव, सीपीयू, प्रिंटर सहित अन्य तकनीकी उपकरण और नकली दस्तावेज बरामद किए हैं। एसआईटी की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मल्टी इंजीनियरिंग सर्विस, सीआरपीएफ, आरपीएफ, इंडियन आर्मी तक के फर्जी दस्तावेज बनाते हैं। जिसके जरिये हरियाणा के सैकड़ों युवाओं को नौकरी का सांझा देकर उनको फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमा ठगी का शिकार बना चुके हैं।
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राज्य अपराध शाखा के निदेशक ओपी सिंह ने पुलिस अधीक्षक क्राइम की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया था। मामला भिवानी सदर पुलिस थाना में मार्च 2023 से जुड़ा है। इसमें गांव धनाना निवासी रवीद्र, विक्रम और प्रदीप ने शिकायत में बताया था कि उन्हें फूड कॉरपोरेशन में गोदाम अटेंडेंट लगवाने के लिए आरोपियों ने साढ़े 16 लाख रुपये की ठगी की थी। आरोपियों ने उन्हें फर्जी ज्वाइनिंग लेटर दिया और उनकी फर्जी ट्रेनिंग भी कराई थी। इसके बाद उन्हें नौकरी नहीं मिली और न ही पैसा वापस हुआ।
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सदर पुलिस थाना में दर्ज इस मामले की जांच स्टेट क्राइम ब्रांच की एसआईटी को सौंपी गई थी। स्टेट क्राइम ब्रांच की एसआईटी के निरीक्षक शेखर सिंह, उप निरीक्षक बीर सिंह, सहायक उप निरीक्षक मनेंद्र सिंह, प्रदीप, विनोद, दिलबाग, राजेश मुख्य सिपाही, धर्मेंद्र, अशोक, राजबीर, जयबीर, सुरेश, अमित साइबर विशेषज्ञ मुख्य सिपाही अंकुश, अमन ने तीन आरोपियों को इस मामले में गिरफ्तार किया है। एसआईटी ने रोहतक के कटेसरा निवासी विष्णु चौहान को गत तीन जून और मुज्जफरनगर यूपी निवासी दीपक राठी को 27 जून को गिरफ्तार किया। इसी मामले में एसआईटी ने तीसरे आरोपी राहुल सिंह वासी सीतापुर यूपी को 29 जून को गिरफ्तार किया है। चौथे आरोपी मोहम्मद शोएब दिल्ली को शनिवार को एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया।
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टीम ने आरोपियों के पास से चार लाख रुपये की नकदी, मोबाइल फोन, पैन ड्राइव, सीपीयू, प्रिंटर सहित अन्य तकनीकी उपकरण और नकली दस्तावेज बरामद किए हैं। एसआईटी की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मल्टी इंजीनियरिंग सर्विस, सीआरपीएफ, आरपीएफ, इंडियन आर्मी तक के फर्जी दस्तावेज बनाते हैं। जिसके जरिये हरियाणा के सैकड़ों युवाओं को नौकरी का सांझा देकर उनको फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमा ठगी का शिकार बना चुके हैं।