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Bhiwani News: बिजली के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने जताया रोष, 22 से तीन दिवसीय हड़ताल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 21 Oct 2026 12:32 AM IST
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Employees express outrage against electricity privatization; three-day strike to begin on the 22nd
ढिगावा जाटान के बिजली घर में मांगों को लेकर नारेबाजी करते बिजली कर्मचारी। 
भिवानी। गुरुग्राम और नूंह जिलों में निजी कंपनी इलेवन पावर को 25 साल के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने मंगलवार को प्रदर्शन कर रोष जताया। कर्मचारियों ने 22 से तीन दिवसीय हड़ताल का समर्थन किया।
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हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर सर्कल कार्यालय से बीटीएम चौक तक निकाले गए प्रदर्शन में ऊर्जा मंत्री, मुख्यमंत्री और हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन के खिलाफ रोष जताया। कर्मचारियों ने फैसला वापस नहीं लेने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
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प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों और इंजीनियरों की भीड़ के कारण करीब आधे घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। नेतृत्व हरियाणा पावर इंजीनियर एसोसिएशन के जोन प्रधान एवं कार्यकारी अभियंता संजय रंगा, बिजेंद्र बराड़, राजेश झरवाई और राकेश बलौदा ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अशोक गोयत और नारायण प्रकाश ने की।
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सस्ती बिजली बचाने की लड़ाई : रंगा
इंजीनियर संजय रंगा और संयुक्त संघर्ष मोर्चा के राज्य नेता सुरेंद्र यादव ने कहा कि अधिक राजस्व वाले क्षेत्रों को निजी कंपनियों को सौंपने से सरकारी बिजली निगमों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो सकती है और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष कर्मचारियों की नौकरी, पेंशन और सुविधाओं के साथ किसानों व आम उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के अधिकार की रक्षा के लिए भी है। नेताओं ने गरीब और पिछड़े वर्गों के हित प्रभावित होने की आशंका जताते हुए सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।

दशहरे पर सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
दशहरे पर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन को राज्य ऑडिटर प्रदीप रंगा, फायर ब्रिगेड यूनियन के उपप्रधान राजेश कुमार, सर्व कर्मचारी संघ से राजकुमार, सीआईटीयू से सुखदेव, युवा कांग्रेस नेता सुमित बराड़, युवा कल्याण संगठन के प्रधान कमल सिंह, कांग्रेस नेता प्रदीप गुलिया और किसान सभा से कामरेड ओमप्रकाश सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने समर्थन दिया।

बिजली सेवाएं प्रभावित होने की आशंका
संयुक्त संघर्ष मोर्चा के नेताओं ने बताया कि 21 अक्तूबर को प्रदेशभर में एचईआरसी के आदेश की प्रतियां जलाई जाएंगी। इसके बाद 22, 23 और 24 अक्तूबर को बिजली कर्मचारी प्रदेशव्यापी पूर्ण हड़ताल करेंगे। नेताओं ने हड़ताल के दौरान बिजली सेवाएं प्रभावित होने की आशंका जताई। 24 अक्तूबर को हड़ताल के अंतिम दिन आगामी आंदोलन की रणनीति घोषित की जाएगी। कर्मचारियों ने इलेवन पावर का लाइसेंस रद्द करने और निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग दोहराई।

ढिगावा जाटान में भी निजी लाइसेंस का किया विरोध
ढिगावा मंडी। ढिगावा जाटान में बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस और एग्रो डिस्कॉम की योजनाओं के विरोध में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन में शामिल किसानों और सरपंचों ने उनकी मांगों का समर्थन किया। संयुक्त संघर्ष मोर्चा के वरिष्ठ नेताओं ने कर्मचारियों को संबोधित कर आंदोलन में एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया। नेताओं ने कर्मचारियों से प्रस्तावित हड़ताल सहित विरोध कार्यक्रमों को सफल बनाने की अपील की।

प्रदर्शन के दौरान मोर्चा के नेताओं और कर्मचारियों ने आंदोलन के कार्यक्रमों को सफल बनाने की शपथ ली। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार ने निजी लाइसेंस और एग्रो डिस्कॉम से जुड़े फैसलों पर पुनर्विचार नहीं किया तो आंदोलन जारी रहेगा।
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