{"_id":"615b59148ebc3e0dd7169a40","slug":"employees-cut-slip-from-server-down-in-civil-hospital-bhiwani-news-hsr613581744","type":"story","status":"publish","title_hn":"नागरिक अस्पताल में सर्वर डाउन से कर्मचारियों ने काटी पर्ची","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नागरिक अस्पताल में सर्वर डाउन से कर्मचारियों ने काटी पर्ची
विज्ञापन
ओपीडी में खाली पड़ी चिकित्सक की कुर्सी। संवाद
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। नागरिक अस्पताल में इंटरनेट सुविधा ठप होने की वजह से कर्मचारियों ने मरीजों की चेकअप स्लिप हाथ से काटी। अचानक से इंटरनेट सुविधा ठप होने की वजह से अस्पताल की व्यवस्था बिगड़ गई। जो चेकअप स्लिप बनाने में महज 30 सेकेंड लगते हैं, वह कार्य सोमवार को एक मिनट में हो गया। उसकी वजह से कर्मचारियों को भी काफी परेशानी हुई।
सोमवार को ओपीडी में अधिक मरीज होने के कारण अस्पताल प्रशासन ने तीन की जगह पांच कर्मचारियों की ड्यूटी चेकअप स्लिप कक्ष में लगाई। जिसके बाद उन्होंने हाथ से कागज पर मरीज की जानकारी लिख कर चेकअप स्लिप बनाई। इंटरनेट सुविधा फिर से शुरू होने के बाद मरीजों का डाटा कंप्यूटर में दर्ज किया जाएगा।
हड्डी रोग विशेषज्ञ कर रहा 250 मरीजों के उपचार
अस्पताल में महज एक ही हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष श्योराण है, जोकि ओपीडी और ओटी दोनों में ड्यूटी दे रहे हैं। अस्पताल में रोजाना हड्डी रोग से संबंधित करीब 250 मरीज आते हैं, वहीं ऑपरेशन के रोजाना पांच से छह मरीज आते हैं। ऐसे में वे सप्ताह में तीन दिन ओपीडी और तीन दिन ओटी में सेवाएं दे रहे हैं। विभाग द्वारा एक चिकित्सक की दो माह के लिए डेपुटेशन पर व्यवस्था की थी, जोकि अब वापस जा चुके हैं। ऐसे में मरीज और चिकित्सक दोनों ही परेशान हैं। ईएनटी के चिकित्सक जाने के बाद अस्पताल में आने वाले ईएनटी के 80 से 100 मरीजों को बगैर उपचार के ही वापस लौटना पड़ रहा है। वे मजबूरी में निजी अस्पताल या फिर पीजीआईएमएस रोहतक के चक्कर काट रहे हैं।
विज्ञापन
1200 से अधिक मरीज पहुंचे ओपीडी
दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार सुबह आठ बजे ओपीडी खुली। ओपीडी में अन्य दिनों के मुकाबले अधिक भीड़ थी। ईएनटी और हड्डी रोग के चिकित्सक न होने के बावजूद ओपीडी में 1200 से अधिक मरीज अस्पताल पहुंचे। चेकअप स्लिप बनवाने के लिए मरीजों को एक घंटे से अधिक देर तक लाइन में लगना पड़ा। फिर से चिकित्सक से चेकअप करवाने के लिए भी ओपीडी में दो घंटे तक बैठे रहना पड़ा।
व्यवस्था के लिए कर्मचारियों की लगाई ड्यूटी
अस्पताल की ओपीडी में उचित व्यवस्था के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। कोविड नियमों की पालना के लिए भी अलग से कर्मचारी तैनात किए हैं। अस्पताल में चिकित्सक की कमी है, इसको लेकर स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र लिख चुके हैं, जो हड्डी रोग विशेषज्ञ डेपुटेशन पर आए थे। उम्मीद है वे नागरिक अस्पताल में रेगुलर हो जाएंगे। इससे मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी।
- डॉ. मंजू कादियान, प्रधान चिकित्सा अधिकारी
विज्ञापन
सोमवार को ओपीडी में अधिक मरीज होने के कारण अस्पताल प्रशासन ने तीन की जगह पांच कर्मचारियों की ड्यूटी चेकअप स्लिप कक्ष में लगाई। जिसके बाद उन्होंने हाथ से कागज पर मरीज की जानकारी लिख कर चेकअप स्लिप बनाई। इंटरनेट सुविधा फिर से शुरू होने के बाद मरीजों का डाटा कंप्यूटर में दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन
हड्डी रोग विशेषज्ञ कर रहा 250 मरीजों के उपचार
अस्पताल में महज एक ही हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष श्योराण है, जोकि ओपीडी और ओटी दोनों में ड्यूटी दे रहे हैं। अस्पताल में रोजाना हड्डी रोग से संबंधित करीब 250 मरीज आते हैं, वहीं ऑपरेशन के रोजाना पांच से छह मरीज आते हैं। ऐसे में वे सप्ताह में तीन दिन ओपीडी और तीन दिन ओटी में सेवाएं दे रहे हैं। विभाग द्वारा एक चिकित्सक की दो माह के लिए डेपुटेशन पर व्यवस्था की थी, जोकि अब वापस जा चुके हैं। ऐसे में मरीज और चिकित्सक दोनों ही परेशान हैं। ईएनटी के चिकित्सक जाने के बाद अस्पताल में आने वाले ईएनटी के 80 से 100 मरीजों को बगैर उपचार के ही वापस लौटना पड़ रहा है। वे मजबूरी में निजी अस्पताल या फिर पीजीआईएमएस रोहतक के चक्कर काट रहे हैं।
विज्ञापन
1200 से अधिक मरीज पहुंचे ओपीडी
दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार सुबह आठ बजे ओपीडी खुली। ओपीडी में अन्य दिनों के मुकाबले अधिक भीड़ थी। ईएनटी और हड्डी रोग के चिकित्सक न होने के बावजूद ओपीडी में 1200 से अधिक मरीज अस्पताल पहुंचे। चेकअप स्लिप बनवाने के लिए मरीजों को एक घंटे से अधिक देर तक लाइन में लगना पड़ा। फिर से चिकित्सक से चेकअप करवाने के लिए भी ओपीडी में दो घंटे तक बैठे रहना पड़ा।
व्यवस्था के लिए कर्मचारियों की लगाई ड्यूटी
अस्पताल की ओपीडी में उचित व्यवस्था के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। कोविड नियमों की पालना के लिए भी अलग से कर्मचारी तैनात किए हैं। अस्पताल में चिकित्सक की कमी है, इसको लेकर स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र लिख चुके हैं, जो हड्डी रोग विशेषज्ञ डेपुटेशन पर आए थे। उम्मीद है वे नागरिक अस्पताल में रेगुलर हो जाएंगे। इससे मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी।
- डॉ. मंजू कादियान, प्रधान चिकित्सा अधिकारी

ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़। संवाद- फोटो : Bhiwani