{"_id":"58ffa2104f1c1b9d65c0d7c0","slug":"electricity-problem-charkhidadri-protest-woman","type":"story","status":"publish","title_hn":"बरसाना-कितलाना मुख्यमार्ग पर अवरोधक डाल लगाया जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बरसाना-कितलाना मुख्यमार्ग पर अवरोधक डाल लगाया जाम
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Wed, 26 Apr 2017 12:54 AM IST
विज्ञापन
पेयजल संकट पर किया प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो माह से बिजली-पानी और अन्य मूलभूत सुविधाएं न मिलने से नाराज छपार गांव के ग्रामीण और महिलाएं मंगलवार को सड़क पर उतर आए। इस दौरान गांव की महिलाओं ने सड़क के बीचोंबीच अवरोधक डालकर बरसाना-कितलाना मुख्यमार्ग पर जाम लगा दिया। इस दौरान करीब तीन घंटे ट्रैफिक व्यवस्था बाधित होने से वाहनों की लंबी कतार लग गई।
जाम की सूचना पाकर सदर थाना प्रभारी टीम सहित मौके पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने निगम के अधिकारियों को मौके पर बुलवाकर आश्वासन देकर जाम खुलवाया। ग्रामीणों ने आश्वासन पूरा न करने पर और कड़े कदम उठाने की चेतावनी प्रशासनिक अधिकारियों को दी है।
जानकारी के अनुसार पेयजल-बिजली किल्लत पर अब लोगों को हौसला जवाब देने जगा है। पहले गांव घिकाड़ा जलघर पर तालाबंदी कर अधिकारियों को बंधक बनाने के बाद सोमवार को गांव चरखी अड्डे पर जाम के साथ में निगम के एसडीओ के साथ मारपीट की गई। मंगलवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे बिजली निगम व जन स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली से खफा गांव छपार के ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
इस दौरान ग्रामीण महिलाएं लामबंद होकर मुख्यमार्ग पर उतर आई। उन्होंने सड़क के बीच में पेड़ काटकर डाल दिए और दरी बिछाकर बीच सड़क बैठ गई। महिलाओं के गुस्से का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने दुपहिया वाहन चालकों को भी वहां से नहीं गुजरने दिया। करीब साढ़े 11 बजे सूचना पाकर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
गुस्साए ग्रामीणों ने सदर थाना प्रभारी की एक न सुनी और मौके पर विभागीय अधिकारियों को मौके पर बुलाकर आश्वासन दिलाने की मांग की। इसके बाद सदर थाना प्रभारी उदमीराम ने मामले से निगम के अधिकारियों को अवगत करवाया। करीब आधा घंटा बाद निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों के सामने बिजली किल्लत गहराने का कारण बताया। इस पर ग्रामीणों ने ज्यादा से ज्यादा समय बिजली सप्लाई दिलाने की मांग अधिकारियों से की। इस संबंध में अधिकारियों ने ग्रामीणों को सकारात्क आश्वासन दिया और इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने जाम खोल दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि फिलहाल गांव में बिजली का बुरा हाल है। 24 घंटों में से फिलहाल पांच-छह घंटे ही बिजली आ रही है। इस दरमियान भी पावर कट लगाए जा रहे हैं। महिलाओं ने बताया कि घरेलू काम प्रभावित होने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं ने बताया कि घरों में पीने तक का पानी नहीं है। इसके बाद निगम के अधिकारियों ने दिन में करीब 14 घंटे बिजली सप्लाई देने का तर्क ग्रामीणों के सामने रखा। इस पर ग्रामीण भी बाद में सहमत हो गए। साथ ही ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अब तुरंत प्रभाव से समस्या का समाधान नहीं होता है तो इस बार वो और कड़े कदम इख्तियार करने को विवश होंगे।
दो माह से नहीं आई पेयजल सप्लाई
जाम लगाने वाली महिलाओं ने बताया कि पिछले करीब दो माह से घरों में एक बार भी पेसजल सप्लाई नहीं आई है। इस संबंध में वो जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी कई दफा अवगत करवा चुके है। महिलाओं ने रोष जताते हुए कहा कि समस्या लेकर जाने पर अधिकारी इसके समाधान का आश्वासन तो दे देते हैं लेकिन समाधान की कवायद धरातल पर शुरू नहीं की जाती। महिलाओं ने बताया कि पेयजल सप्लाई नहीं आने से वो प्राइवेट पेयजल लाइन पर ही निर्भर है। इसके अलावा उन्हें घरेलू कामकाज करने के लिउ इधर-उधर की भागदौड़ कर पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
परेशानियों से तंग होकर ही हमने लगाया जाम
--मंजूला देवी ने बताया कि बिजली-पानी किल्लत से पूरा गांव परेशान है। इस संबंध में प्रशासन को अवगत करवाया था लेकिन समाधान नहीं हुआ। इसके चलते ही उन्हें जाम लगाना पड़ा है। निगम के अधिकारियों ने अब जो आश्वासन दिया है, उसे हर हाल में पूरा करे।
-कविता ने बताया कि अपने स्तर पर ही हमें पानी का प्रबंध करना पड़ रहा है। विभाग तो समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। बिजली व पानी किल्लत के चलते घरेलू कामकाज भी पूर्णतया प्रभावित है। पानी संबंधित जरूरतों को पूरा करने के लिए ग्रामीणों को पसीना बहाना पड़ रहा है।
--पूर्व जिला पार्षद कृष्णा देवी ने बताया कि गांव में बिजली बेहदम कम आ रही है। दिनभर में चार-पांच घंटे बिजली आती है। ज्यों ही कुछ काम करने लगते है बीच में ही बत्ती गुल हो जाती है। पेयजल सप्लाई का तो और भी बुरा हाल है। जैसे-तैसे लोगों को अपने सतर पर ही काम चलाना पड़ रहा है।
--महिला जीवनी ने बताया कि न तो उनकी समस्या की सुध बिजली निगम ले रहा है और न ही जन स्वास्थ्य विभाग। इन विभागों को लोगों की समस्याओं से कोई सारोकार नहीं है। उच्चाधिकारियों के आदेशों का हवाला देते हुए मनमाफिक बिजली कट लगा देते है। इससे हमारी ही समस्याएं बढ़ती है।
--महिला बिमला देवी ने बताया कि वृद्घावस्था में भी पानी की जरूरतें पूरी करने के लिए उन्हें जदोजहद उठानी पड़ रही है। बिजली सप्लाई का तो पिछले दो माह से बहुत बुरा हाल है। न तो वो दोपहर को आराम कर सकते हैं और न ही रात को। समस्याओं का समाधान अब करना चाहिए।
--महिला बाला देवी ने बताया कि ग्रामीणों की समस्याओं को दोनों विभागों के अधिकारी नजरअंदाज कर रहे है। समस्या बताने पर तुरंत प्रभाव से समाधान का आश्वासन तो दे देते हैं लेकिन बाद में समस्याओं का वास्तविक कारण जानने के लिए कोई गांव पहुंचने की जहमत नहीं उठाता।
वर्जन::
जाम की सूचना पाकर मैं अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचा था। मौके पर पहुंचे निगम के अधिकारियों ने आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया। यातायात व्यवस्था को बहाल करवाने के बाद ही हम वापिस लौटे।
उदमीराम, सदर थाना प्रभारी
विज्ञापन
जाम की सूचना पाकर सदर थाना प्रभारी टीम सहित मौके पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने निगम के अधिकारियों को मौके पर बुलवाकर आश्वासन देकर जाम खुलवाया। ग्रामीणों ने आश्वासन पूरा न करने पर और कड़े कदम उठाने की चेतावनी प्रशासनिक अधिकारियों को दी है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार पेयजल-बिजली किल्लत पर अब लोगों को हौसला जवाब देने जगा है। पहले गांव घिकाड़ा जलघर पर तालाबंदी कर अधिकारियों को बंधक बनाने के बाद सोमवार को गांव चरखी अड्डे पर जाम के साथ में निगम के एसडीओ के साथ मारपीट की गई। मंगलवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे बिजली निगम व जन स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली से खफा गांव छपार के ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
इस दौरान ग्रामीण महिलाएं लामबंद होकर मुख्यमार्ग पर उतर आई। उन्होंने सड़क के बीच में पेड़ काटकर डाल दिए और दरी बिछाकर बीच सड़क बैठ गई। महिलाओं के गुस्से का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने दुपहिया वाहन चालकों को भी वहां से नहीं गुजरने दिया। करीब साढ़े 11 बजे सूचना पाकर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
गुस्साए ग्रामीणों ने सदर थाना प्रभारी की एक न सुनी और मौके पर विभागीय अधिकारियों को मौके पर बुलाकर आश्वासन दिलाने की मांग की। इसके बाद सदर थाना प्रभारी उदमीराम ने मामले से निगम के अधिकारियों को अवगत करवाया। करीब आधा घंटा बाद निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों के सामने बिजली किल्लत गहराने का कारण बताया। इस पर ग्रामीणों ने ज्यादा से ज्यादा समय बिजली सप्लाई दिलाने की मांग अधिकारियों से की। इस संबंध में अधिकारियों ने ग्रामीणों को सकारात्क आश्वासन दिया और इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने जाम खोल दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि फिलहाल गांव में बिजली का बुरा हाल है। 24 घंटों में से फिलहाल पांच-छह घंटे ही बिजली आ रही है। इस दरमियान भी पावर कट लगाए जा रहे हैं। महिलाओं ने बताया कि घरेलू काम प्रभावित होने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं ने बताया कि घरों में पीने तक का पानी नहीं है। इसके बाद निगम के अधिकारियों ने दिन में करीब 14 घंटे बिजली सप्लाई देने का तर्क ग्रामीणों के सामने रखा। इस पर ग्रामीण भी बाद में सहमत हो गए। साथ ही ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अब तुरंत प्रभाव से समस्या का समाधान नहीं होता है तो इस बार वो और कड़े कदम इख्तियार करने को विवश होंगे।
दो माह से नहीं आई पेयजल सप्लाई
जाम लगाने वाली महिलाओं ने बताया कि पिछले करीब दो माह से घरों में एक बार भी पेसजल सप्लाई नहीं आई है। इस संबंध में वो जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी कई दफा अवगत करवा चुके है। महिलाओं ने रोष जताते हुए कहा कि समस्या लेकर जाने पर अधिकारी इसके समाधान का आश्वासन तो दे देते हैं लेकिन समाधान की कवायद धरातल पर शुरू नहीं की जाती। महिलाओं ने बताया कि पेयजल सप्लाई नहीं आने से वो प्राइवेट पेयजल लाइन पर ही निर्भर है। इसके अलावा उन्हें घरेलू कामकाज करने के लिउ इधर-उधर की भागदौड़ कर पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
परेशानियों से तंग होकर ही हमने लगाया जाम
--मंजूला देवी ने बताया कि बिजली-पानी किल्लत से पूरा गांव परेशान है। इस संबंध में प्रशासन को अवगत करवाया था लेकिन समाधान नहीं हुआ। इसके चलते ही उन्हें जाम लगाना पड़ा है। निगम के अधिकारियों ने अब जो आश्वासन दिया है, उसे हर हाल में पूरा करे।
-कविता ने बताया कि अपने स्तर पर ही हमें पानी का प्रबंध करना पड़ रहा है। विभाग तो समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। बिजली व पानी किल्लत के चलते घरेलू कामकाज भी पूर्णतया प्रभावित है। पानी संबंधित जरूरतों को पूरा करने के लिए ग्रामीणों को पसीना बहाना पड़ रहा है।
--पूर्व जिला पार्षद कृष्णा देवी ने बताया कि गांव में बिजली बेहदम कम आ रही है। दिनभर में चार-पांच घंटे बिजली आती है। ज्यों ही कुछ काम करने लगते है बीच में ही बत्ती गुल हो जाती है। पेयजल सप्लाई का तो और भी बुरा हाल है। जैसे-तैसे लोगों को अपने सतर पर ही काम चलाना पड़ रहा है।
--महिला जीवनी ने बताया कि न तो उनकी समस्या की सुध बिजली निगम ले रहा है और न ही जन स्वास्थ्य विभाग। इन विभागों को लोगों की समस्याओं से कोई सारोकार नहीं है। उच्चाधिकारियों के आदेशों का हवाला देते हुए मनमाफिक बिजली कट लगा देते है। इससे हमारी ही समस्याएं बढ़ती है।
--महिला बिमला देवी ने बताया कि वृद्घावस्था में भी पानी की जरूरतें पूरी करने के लिए उन्हें जदोजहद उठानी पड़ रही है। बिजली सप्लाई का तो पिछले दो माह से बहुत बुरा हाल है। न तो वो दोपहर को आराम कर सकते हैं और न ही रात को। समस्याओं का समाधान अब करना चाहिए।
--महिला बाला देवी ने बताया कि ग्रामीणों की समस्याओं को दोनों विभागों के अधिकारी नजरअंदाज कर रहे है। समस्या बताने पर तुरंत प्रभाव से समाधान का आश्वासन तो दे देते हैं लेकिन बाद में समस्याओं का वास्तविक कारण जानने के लिए कोई गांव पहुंचने की जहमत नहीं उठाता।
वर्जन::
जाम की सूचना पाकर मैं अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचा था। मौके पर पहुंचे निगम के अधिकारियों ने आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया। यातायात व्यवस्था को बहाल करवाने के बाद ही हम वापिस लौटे।
उदमीराम, सदर थाना प्रभारी