{"_id":"65d8eea42207f1a2350d9ec4","slug":"elderly-father-commits-suicide-within-four-hours-of-sons-funeral-bhiwani-news-c-125-1-bwn1003-113696-2024-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: बेटे के अंतिम संस्कार के चार घंटों के भीतर बुजुर्ग पिता ने त्यागे प्राण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: बेटे के अंतिम संस्कार के चार घंटों के भीतर बुजुर्ग पिता ने त्यागे प्राण
Sat, 24 Feb 2024 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 24 Feb 2024 12:44 AM IST
विज्ञापन
लोहारू। बीते दिवस लोहारू में एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत ने परिवार को ही नहीं बल्कि पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। जवान बेटे प्रदीप की मौत के गम ने बुजुर्ग पिता लक्ष्मणदास (77) को अंदर से इतना कमजोर कर दिया कि बेटे के अंतिम संस्कार के महज चार घंटों के भीतर उनका भी हृदयगति रुकने से निधन हो गया।
बता दें कि बीते दिवस कस्बे के समाजसेवी प्रदीप काले (47) का अचानक हृदयाघात से निधन हो गया था। सामाजिक कार्यों की बदौलत कम उम्र में ही कस्बे के लोगों में दिलों में जगह बनाने वाले प्रदीप काले के जाने का हर किसी को गम था। शाम करीब पांच बजे उनका लोहारू में अंतिम संस्कार किया तथा श्मशान भूमि में अपने बेटे के अंतिम दर्शनों को पहुंचे प्रदीप के पिता लक्ष्मणदास बस यहीं कहते नजर आए कि उनका तो सब कुछ लुट गया। अभी बेटे प्रदीप काले की चिता की अग्नि शांत भी नहीं हो पाई थी कि रात करीब 9 बजे उनके पिता लक्ष्मणदास का भी हृदयगति रुकने से निधन हो गया। एक ही परिवार में एक साथ दो लोगों की मौत की सूचना से पूरा शहर स्तब्ध हो गया और शहर के काफी लोग रात को ही ढांढस बंधाने उनके घर पहुंच गए। कस्बे के लोगों ने इस हृदयविदारक घटना पर दुख जाहिर करते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। प्रदीप काले दो भाईयों में बड़ा था तथा प्रदीप काले अपने पीछे एक पुत्र व पुत्री छोड़ गए हैं। संवाद
विज्ञापन
बता दें कि बीते दिवस कस्बे के समाजसेवी प्रदीप काले (47) का अचानक हृदयाघात से निधन हो गया था। सामाजिक कार्यों की बदौलत कम उम्र में ही कस्बे के लोगों में दिलों में जगह बनाने वाले प्रदीप काले के जाने का हर किसी को गम था। शाम करीब पांच बजे उनका लोहारू में अंतिम संस्कार किया तथा श्मशान भूमि में अपने बेटे के अंतिम दर्शनों को पहुंचे प्रदीप के पिता लक्ष्मणदास बस यहीं कहते नजर आए कि उनका तो सब कुछ लुट गया। अभी बेटे प्रदीप काले की चिता की अग्नि शांत भी नहीं हो पाई थी कि रात करीब 9 बजे उनके पिता लक्ष्मणदास का भी हृदयगति रुकने से निधन हो गया। एक ही परिवार में एक साथ दो लोगों की मौत की सूचना से पूरा शहर स्तब्ध हो गया और शहर के काफी लोग रात को ही ढांढस बंधाने उनके घर पहुंच गए। कस्बे के लोगों ने इस हृदयविदारक घटना पर दुख जाहिर करते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। प्रदीप काले दो भाईयों में बड़ा था तथा प्रदीप काले अपने पीछे एक पुत्र व पुत्री छोड़ गए हैं। संवाद
विज्ञापन