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लिपिकों की हड़ताल का असर: कहीं कुर्सी खाली तो कहीं कौशल विकास निगम कर्मियों ने संभाली कमान
Thu, 06 Jul 2023 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 06 Jul 2023 01:25 AM IST
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फोटो: 06
-सरकारी विभागों के 50 फीसदी कर्मचारी हड़ताल में शामिल, जिला मुख्यालय पर दिया धरना
-35400 वेतनमान की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान
संवाद न्यूज एजेंसी
भिवानी। क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी के आह्वान पर बुधवार को लिपिक वर्गीय कर्मचारी कलम छोड़कर हड़ताल पर रहे। जिला मुख्यालय के बाहर टेंट लगाकर लिपिक वर्गीय कर्मचारियों ने धरना देकर मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। वहीं मांगें पूरी नहीं होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान किया। लिपिक वर्ग के कर्मचारी 35400 वेतनमान की मांग कर रहे हैं।
लिपिक वर्गीय कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से सरकारी विभागों में कामकाज भी प्रभावित हुआ वहीं कौशल विकास निगम के तहत लगे कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला। विभागों में करीब 50 फीसदी लिपिक हड़ताल पर रहे। भिवानी में सीएडब्ल्यूएस (क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी हरियाणा) के बैनर तले करीब 114 विभागों के 700 से अधिक लिपिक हड़ताल में शामिल होने का दावा किया गया। कर्मचारी हुडा पार्क से प्रदर्शन की शुरुआत करते हुए लघु सचिवालय तक पहुंचे।
काऊज कोर कमेटी के अध्यक्ष नेत्रपाल ने कहा कि बीते 18 जून को करनाल में लिपिकों का वेतनमान 19900 से बढ़ाकर 35400 रुपये किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। इस दौरान मांगों को पूरा करने के लिए सरकार को चार जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया था। करनाल प्रदर्शन के दौरान सीएम के साथ चंडीगढ़ में बैठक करवाने का आश्वासन मिला था, लेकिन अभी तक उस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। उस दौरान लिपिकों ने चेतावनी दी कि यदि चार जुलाई तक वेतनमान में बढ़ोत्तरी नहीं की गई तो पांच जुलाई से अनिश्चितकालीन कलम छोड़ हड़ताल शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि 35400 वेतनमान लिपिकों की मांग नहीं, उनका हक है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, वे कार्य का बहिष्कार जारी रखेंगे।
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जिला प्रधान संदीप, उपप्रधान विकास एवं जिला कोऑर्डिनेटर विजय वर्मा कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी किसी भी पद का वेतनमान निर्धारण करने के लिए दस बिंदु की गाइड लाइन जारी की है, जिसे देश में सभी राज्यों की सरकारों ने माना है, परन्तु हरियाणा सरकार ने लिपिक वर्ग के लिए इन बिंदुओं का क्रियान्वयन नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सभी लिपिकों का न्यूनतम वेतनमान 19900 की कैटेगरी में रखा है, जबकि ये लोग 35400 की सम्मानजनक मांग कर रहे हैं। इस अवसर पर कंप्यूटर एसोसिएशन के प्रधान सुशील कुमार, समाजसेवी गणेशीलाल वर्मा, सुरेश सिंहमार, इंडियन मेडिकल प्रोफेशनल एसोसिएशन के प्रदेश प्रभारी विनोद सांगा और संजय कुमार समर्थन दिया।
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इन विभागों में नहीं हुए लाेगों के काम
लिपिकों की हड़ताल की वजह से बिजली निगम, सिंचाई विभाग, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित राजस्व विभाग के अलावा पब्लिक डिलिंग करने वाले विभागों में लाेगों के साथ अन्य कर्मचारियों को अपने कार्यों को लेकर परेशानी झेलनी पड़ी। वैकल्पिक व्यवस्था के लिए सरकारी विभागों में कौशल विकास निगम के तहत लगे अनुबंधित कर्मचारियों को काम पर लगाया गया, मगर व्यवस्था प्रभावित रही।
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-सरकारी विभागों के 50 फीसदी कर्मचारी हड़ताल में शामिल, जिला मुख्यालय पर दिया धरना
-35400 वेतनमान की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान
संवाद न्यूज एजेंसी
भिवानी। क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी के आह्वान पर बुधवार को लिपिक वर्गीय कर्मचारी कलम छोड़कर हड़ताल पर रहे। जिला मुख्यालय के बाहर टेंट लगाकर लिपिक वर्गीय कर्मचारियों ने धरना देकर मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। वहीं मांगें पूरी नहीं होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान किया। लिपिक वर्ग के कर्मचारी 35400 वेतनमान की मांग कर रहे हैं।
लिपिक वर्गीय कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से सरकारी विभागों में कामकाज भी प्रभावित हुआ वहीं कौशल विकास निगम के तहत लगे कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला। विभागों में करीब 50 फीसदी लिपिक हड़ताल पर रहे। भिवानी में सीएडब्ल्यूएस (क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी हरियाणा) के बैनर तले करीब 114 विभागों के 700 से अधिक लिपिक हड़ताल में शामिल होने का दावा किया गया। कर्मचारी हुडा पार्क से प्रदर्शन की शुरुआत करते हुए लघु सचिवालय तक पहुंचे।
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काऊज कोर कमेटी के अध्यक्ष नेत्रपाल ने कहा कि बीते 18 जून को करनाल में लिपिकों का वेतनमान 19900 से बढ़ाकर 35400 रुपये किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। इस दौरान मांगों को पूरा करने के लिए सरकार को चार जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया था। करनाल प्रदर्शन के दौरान सीएम के साथ चंडीगढ़ में बैठक करवाने का आश्वासन मिला था, लेकिन अभी तक उस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। उस दौरान लिपिकों ने चेतावनी दी कि यदि चार जुलाई तक वेतनमान में बढ़ोत्तरी नहीं की गई तो पांच जुलाई से अनिश्चितकालीन कलम छोड़ हड़ताल शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि 35400 वेतनमान लिपिकों की मांग नहीं, उनका हक है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, वे कार्य का बहिष्कार जारी रखेंगे।
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जिला प्रधान संदीप, उपप्रधान विकास एवं जिला कोऑर्डिनेटर विजय वर्मा कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी किसी भी पद का वेतनमान निर्धारण करने के लिए दस बिंदु की गाइड लाइन जारी की है, जिसे देश में सभी राज्यों की सरकारों ने माना है, परन्तु हरियाणा सरकार ने लिपिक वर्ग के लिए इन बिंदुओं का क्रियान्वयन नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सभी लिपिकों का न्यूनतम वेतनमान 19900 की कैटेगरी में रखा है, जबकि ये लोग 35400 की सम्मानजनक मांग कर रहे हैं। इस अवसर पर कंप्यूटर एसोसिएशन के प्रधान सुशील कुमार, समाजसेवी गणेशीलाल वर्मा, सुरेश सिंहमार, इंडियन मेडिकल प्रोफेशनल एसोसिएशन के प्रदेश प्रभारी विनोद सांगा और संजय कुमार समर्थन दिया।
इन विभागों में नहीं हुए लाेगों के काम
लिपिकों की हड़ताल की वजह से बिजली निगम, सिंचाई विभाग, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित राजस्व विभाग के अलावा पब्लिक डिलिंग करने वाले विभागों में लाेगों के साथ अन्य कर्मचारियों को अपने कार्यों को लेकर परेशानी झेलनी पड़ी। वैकल्पिक व्यवस्था के लिए सरकारी विभागों में कौशल विकास निगम के तहत लगे अनुबंधित कर्मचारियों को काम पर लगाया गया, मगर व्यवस्था प्रभावित रही।