फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Dreams of future IT specialists trapped in faulty computers

Bhiwani News: खराब कंप्यूटरों में कैद भविष्य के आईटी विशेषज्ञों के सपने

Wed, 29 Oct 2025 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Wed, 29 Oct 2025 01:22 AM IST
विज्ञापन
Dreams of future IT specialists trapped in faulty computers
चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय में ​स्थित कंप्यूटर लैब में बैठे विद्यार्थी। 
भिवानी। खराब कंप्यूटरों में कैद भविष्य के आईटी विशेषज्ञों के सपने यह तस्वीर चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (सीबीएलयू) के स्वर्ण जयंती कॉलेज की है जहां बिना उपकरण और विशेषज्ञ प्राध्यापकों के ही तकनीकी शिक्षा दी जा रही है। हालात यह हैं कि यहां तकनीकी कर्मचारी ही विद्यार्थियों की थ्योरी का ज्ञान बढ़ा रहे हैं। ये कर्मचारी भी विश्वविद्यालय के नहीं बल्कि किसी निजी कंपनी के हैं जिन्हें पढ़ाने का कोई अनुभव नहीं है।
विज्ञापन

विद्यार्थी साढ़े 51 हजार रुपये सालाना फीस भरकर इस उम्मीद में पढ़ाई कर रहे हैं कि यहां से निकलने के बाद उन्हें अच्छी नौकरी मिलेगी लेकिन जब लैब के कंप्यूटर ही खराब हों तो तकनीकी ज्ञान अधूरा रहना तय है। दरअसल सीबीएलयू द्वारा वर्ष 2023 में विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती कॉलेज में बीसीए (बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन) कोर्स शुरू किया गया था। इस कोर्स की एक वर्ष की फीस 51,500 रुपये निर्धारित की गई है।
विज्ञापन

इसमें कुल 50 सीटें हैं। कोर्स का पहला बैच वर्तमान में तृतीय वर्ष में है और विद्यार्थी इंटर्नशिप के लिए विभिन्न कंप्यूटर संस्थानों में गए हुए हैं। वहीं दूसरे वर्ष के विद्यार्थी और इसी साल आए तृतीय बैच के प्रथम वर्ष के विद्यार्थी विश्वविद्यालय के पुराने परिसर में पढ़ाई कर रहे हैं। कोर्स में कुल आठ विषय हैं लेकिन पढ़ाने के लिए केवल दो ही प्राध्यापक हैं जबकि विषयों के अनुसार कम से कम पांच की आवश्यकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विद्यार्थियों को तकनीकी प्रशिक्षण देने के लिए बनाई गई कंप्यूटर लैब में 30 कंप्यूटर हैं जिनमें से 20 खराब पड़े हैं। कई कंप्यूटर इंटरनेट से कनेक्ट नहीं हो रहे, कुछ के माउस और की-बोर्ड खराब हैं जबकि कुछ चलते-चलते अपने आप बंद हो जाते हैं। ऐसे में विद्यार्थी उच्च फीस भरने के बावजूद तकनीकी ज्ञान हासिल नहीं कर पा रहे हैं।

संबंधित कंपनी द्वारा नियुक्त किए गए हैं अध्यापक
बीसीए कोर्स के लिए विश्वविद्यालय ने एक निजी कंपनी के साथ अनुबंध किया हुआ है। इसी कंपनी द्वारा दो अध्यापक नियुक्त किए गए हैं जिन्हें पढ़ाने का अनुभव नहीं है। वहीं विद्यार्थियों की संख्या और विषयों को देखते हुए पांच प्राध्यापकों की जरूरत है। इस कारण विद्यार्थियों को भारी फीस भरने के बावजूद गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित रहना पड़ रहा है।



विश्वविद्यालय के सभी विभागों के लिए नए कंप्यूटरों की मांग भेजी गई है। विश्वविद्यालय के लिए एक करोड़ रुपये से नए कंप्यूटर खरीदे जाएंगे। इसके बाद विद्यार्थियों को किसी प्रकार की समस्या नहीं रहेगी। - प्रो. दीप्ति धर्माणी, कुलपति, सीबीएलयू, भिवानी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed