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Bhiwani News: महिला सशक्तीकरण से हटेगी दहेज प्रथा
Fri, 29 Nov 2024 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 29 Nov 2024 12:37 AM IST
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लोहारू। राजकीय कन्या महाविद्यालय में वीरवार को विस्तार व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें दहेज प्रथा को महिला सशक्तीकरण में बाधा बताया गया। महिला प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित इस विस्तार व्याख्यान कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. प्रमोद कुमार ने की।
कार्यक्रम में करनाल जिले के दादूपुर रोरान के राजकीय महाविद्यालय की प्राचार्य मेजर डॉ. अनीता जून मुख्य अतिथि रहीं। प्राचार्या मेजर डॉ. अनीता ने कहा कि दहेज प्रथा एक सामाजिक बुराई है। इसने भारतीय वैवाहिक व्यवस्था को दूषित किया है। इससे महिलाओं के प्रति अकल्पनीय अत्याचार और उत्पीड़न हुए हैं। दहेज लेना एवं देना दोनों ही अपराध की श्रेणी में आते हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले दशकों में लगातार नए बन रहे कानूनों के बावजूद इस प्रथा को रोकने में कोई खास कामयाबी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा के खतरे से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए युवा ही आशा की किरण हैं। उन्होंने छात्राओं को आर्थिक, सामाजिक एवं मानसिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया ताकि एक सभ्य, शिक्षित एवं सुदृढ़ समाज का निर्माण किया जा सके जिसमें प्रत्येक महिला अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक हो।
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डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि दहेज प्रथा ने गैरकानूनी और अनैतिक भी है। इसलिए समाज के प्रत्येक वर्ग को दहेज प्रथा के उन्मूलन के लिए सामाजिक चेतना की जरूरत है। छात्राओं ने दहेज प्रथा उन्मूलन की शपथ भी ली। इस अवसर पर डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. निशा कुमारी एवं संजू कुमारी समेत कई छात्राएं मौजूद रहीं।
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कार्यक्रम में करनाल जिले के दादूपुर रोरान के राजकीय महाविद्यालय की प्राचार्य मेजर डॉ. अनीता जून मुख्य अतिथि रहीं। प्राचार्या मेजर डॉ. अनीता ने कहा कि दहेज प्रथा एक सामाजिक बुराई है। इसने भारतीय वैवाहिक व्यवस्था को दूषित किया है। इससे महिलाओं के प्रति अकल्पनीय अत्याचार और उत्पीड़न हुए हैं। दहेज लेना एवं देना दोनों ही अपराध की श्रेणी में आते हैं।
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उन्होंने बताया कि पिछले दशकों में लगातार नए बन रहे कानूनों के बावजूद इस प्रथा को रोकने में कोई खास कामयाबी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा के खतरे से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए युवा ही आशा की किरण हैं। उन्होंने छात्राओं को आर्थिक, सामाजिक एवं मानसिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया ताकि एक सभ्य, शिक्षित एवं सुदृढ़ समाज का निर्माण किया जा सके जिसमें प्रत्येक महिला अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक हो।
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डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि दहेज प्रथा ने गैरकानूनी और अनैतिक भी है। इसलिए समाज के प्रत्येक वर्ग को दहेज प्रथा के उन्मूलन के लिए सामाजिक चेतना की जरूरत है। छात्राओं ने दहेज प्रथा उन्मूलन की शपथ भी ली। इस अवसर पर डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. निशा कुमारी एवं संजू कुमारी समेत कई छात्राएं मौजूद रहीं।