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दान में मिले डस्टबिन, स्टोर में रख दिया
ब्यूरो/ अमर उजाला, भिवानी
Updated Tue, 03 Feb 2015 12:21 AM IST
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पहले डस्टबिन नहीं होने की बात कहकर कचरे के ढेर से पल्ला झाड़ने वाले नगर परिषद प्रशासन के पास पिछले करीब दो माह से करीब 90 डस्टबिन स्टोर में रखे है। न तो इन्हें लगवाया जा रहा है और न ही इन्हें वापस किया जा रहा। शहर के एक दानी व्यक्ति ने अपने बेटे की शादी पर नगर परिषद को 101 डस्टबिन दिए थे। शहर में डस्टबिन नहीं होने के कारण जगह-जगह कचरे के ढेर लगे है। नप अधिकारी बजट नहीं होने की बात कह रहे है।
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दिसंबर माह में समाज सेवी संपूर्ण सिंह ने अपने बेटे की शादी पर नगर परिषद को 101 डस्टबिन भेंट किए थे। डस्टबिन के अलावा शहर की सफाई के लिए लाखों की कीमत की वैक्यूम क्लीनर प्रेशर मशीन भी दी गई थी। नप चेयरमैन ने शहर के प्रत्येक बाजार में ये डस्टबिन लगवाने की बात कही थी ताकि कोई भी दुकानदार सड़क पर कचरा न फैंके और इन डस्टबिन का प्रयोग करे।
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राहगीर भी मार्ग पर कचरा फैंकने की बजाए इन डस्टबिन का प्रयोग करे। नप चेयरमैन ने इस बाबत बकायदा बाजारों में दुकानदारों, व्यापारियों से बैठक की। समय बीतने के साथ सब भूला दिया गया। न तो डस्टबिन लगे और न ही लाखों की कीमत की वैक्यूम क्लीनर प्रेशर मशीन से शहर में सफाई हो रही। 101 डस्टबिन में से कुछ नप कार्यालय में रखे है तो काफी समाजसेवी की आवास पर। नप कर्मचारियों ने अभी तक नप कार्यालय में रखे डस्टबिन को ही नहीं लगाया है।
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पांच डस्टबिन लगे, काम खत्म
नगर परिषद चेयरमैन भवानी प्रताप की देखरेख में कर्मचारियों ने घंटाघर से सराय चौपटा मार्ग पर दान में मिले 101 डस्टबिन में से पांच डस्टबिन लगाए गए। डस्टबिन लगाने काअभियान एक ही दिन चलकर खत्म हो गया। उस समय शहर के सभी बाजारों में डस्टबिन लगाने की बात कही गई थी मगर इस मार्ग के अलावा अन्य किसी जगह डस्टबिन नहीं लगाए गए।
नगर परिषद की आर्थिक हालत फिलहाल इतनी खराब है कि नगर परिषद के पास डस्टबिन शहर में लगवाने के लिए भी बजट नहीं है। अधिकारियों की माने तो शहर में सभी डस्टबिन लगाने पर करीब 60 से 70 हजार रुपये खर्च होंगे।