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भिवानी पुलिस को पहली बार मिला डॉग टाइगर
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Dog tigar
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। चोरी, लूट-डकैती के मामलों को सुलझाने में अब टाइगर पुलिस की मदद करेगा। पहली बार जिला पुलिस के डॉग स्क्वायड के रूप में टाइगर नामक कुत्ता मिला है। ट्रेनर एचसी देवेंद्र का कहना है कि घटनास्थल से दो किलोमीटर तक आरोपियों को खोज निकालने में काबिल है और यह आपराधिक केस निपटाने में कारगर साबित होगा।
जिला पुलिस को अब तक जब भी डॉग स्क्वायड की जरूरत पड़ती तो पुलिस दूसरे जिलों पर निर्भर रहती। पहले हिसार और रोहतक से डॉग स्क्वायड मंगवानी पड़ती तो पिछले कुछ समय से दादरी से डॉग मंगवाया जा रहा था। भिवानी तक डॉग स्क्वायड आने में एक से डेढ़ घंटा लगता है।
यंग और एक्टिव है टाइगर
डेढ़ साल का लब्रा नस्ल के टाइगर की खासियत है कि वह अभी यंग और एक्टिव है। टाइगर को आईटीबीपी पंचकूला में नौ माह की ट्रेनिंग दी गई है। डॉग स्क्वायड इंचार्ज एचसी देवेंद्र ने बताया कि टाइगर का यह पहला स्टेशन और इसकी सूंघने की क्षमता मनुष्य से तीन सौ गुणा ज्यादा है। इस कारण इनकी विशेष निगरानी रखी जा रही है।
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डॉग टाइगर भिवानी पुलिस को मिला है और उम्मीद है कि यह केस सुलझाने में पुलिस की मदद करेगा। कुछ केसों में डॉग स्क्वायड अहम साबित होती है।
-गंगाराम पूनिया, पुलिस अधीक्षक
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जिला पुलिस को अब तक जब भी डॉग स्क्वायड की जरूरत पड़ती तो पुलिस दूसरे जिलों पर निर्भर रहती। पहले हिसार और रोहतक से डॉग स्क्वायड मंगवानी पड़ती तो पिछले कुछ समय से दादरी से डॉग मंगवाया जा रहा था। भिवानी तक डॉग स्क्वायड आने में एक से डेढ़ घंटा लगता है।
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यंग और एक्टिव है टाइगर
डेढ़ साल का लब्रा नस्ल के टाइगर की खासियत है कि वह अभी यंग और एक्टिव है। टाइगर को आईटीबीपी पंचकूला में नौ माह की ट्रेनिंग दी गई है। डॉग स्क्वायड इंचार्ज एचसी देवेंद्र ने बताया कि टाइगर का यह पहला स्टेशन और इसकी सूंघने की क्षमता मनुष्य से तीन सौ गुणा ज्यादा है। इस कारण इनकी विशेष निगरानी रखी जा रही है।
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डॉग टाइगर भिवानी पुलिस को मिला है और उम्मीद है कि यह केस सुलझाने में पुलिस की मदद करेगा। कुछ केसों में डॉग स्क्वायड अहम साबित होती है।
-गंगाराम पूनिया, पुलिस अधीक्षक