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Bhiwani News: सीएम के रैली स्थल से टेंट हटा न रेत
Wed, 16 Jul 2025 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 16 Jul 2025 01:40 AM IST
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भीम स्टेडियम भिवानी में स्थित रनिंग ट्रैक पर डाली गई रेत।
संजय वर्मा
भिवानी। विकास कार्य गिनाने के लिए राज्य सरकार रैली आयोजित कर लोगों को राहत देने का काम कर रही है, लेकिन यही राहत स्थानीय खिलाड़ियों के लिए आफत बन रही है। भीम स्टेडियम में 13 जुलाई को राज्यस्तरीय दक्ष प्रजापति जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई थी। रैली के दो दिन बाद भी आयोजन स्थल साफ नहीं किया जा सका है। इससे करीब 400 खिलाड़ी परेशान हो रहे हैं।
रैली में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रदेश के कई कैबिनेट मंत्रियों सहित पार्टी के दिग्गज नेता भी पहुंचे थे। यह रैली स्टेडियम परिसर में हुई थी। वहां टेंट लगाने का काम 12 जुलाई को ही शुरू कर दिया गया था।
इसी बीच बारिश होने पर पुराने एथलेटिक्स ट्रैक पर पानी भरा तो कीचड़ से बचाव के लिए डंपरों से कई टन रेत डलवा दी गई। एथलेटिक्स रेस के ट्रैक पर करीब दो से ढाई फीट तक मोटी बालू रेत की परत चढ़ा दी।
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राज्यस्तरीय रैली में मुख्यमंत्री ने प्रदेश और जिले की करोड़ों की विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी, लेकिन रैली के दो दिन बाद भी स्टेडियम से न टेंट हटा और न एथलेटिक्स ट्रैक से रेत हटाई गई। ऐसे में करीब पांच दिनों से खिलाड़ियों का खेल अभ्यास भी प्रभावित हो गया है।
इससे प्रभावित खिलाड़ियों का कहना है कि आयोजकों ने मैदान का पूरा नक्शा बदल दिया। संबंधित अधिकारी ट्रैक को संवारना भूल गए हैं। बारिश होने के कारण एथलेटिक्स ट्रैक पर दौड़ते समय खिलाड़ी भी चोटिल हो रहे हैं। इससे बचने के लिए फिलहाल खिलाड़ियों का खेल अभ्यास ठप है।
रेत में धंस रहे खिलाड़ियों के पांव
खेल अभ्यास के लिए अधिकतर खिलाड़ी सुबह-शाम दोनों समय आते हैं लेकिन रैली के कारण वह पांच दिनों से खेल अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। ट्रैक की हालत देखकर दुख होता है। रैली के लिए स्टेडियम का चयन गलत है, क्योंकि यहां हर खेल का अलग मैदान है। रैली के लिए पूरी जगह को जेसीबी और मशीनों से समतल किया गया है। एथलेटिक्स ट्रैक पर बिछी रेत की परत की मोटाई ढाई से तीन फीट तक है। इसमें दौड़ना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। रेत में चलने पर पैर धंस रहे हैं। इससे उनके जूते और कपड़े खराब हो रहे हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि ट्रैक से रेत हटाने के बावजूद एथलेटिक्स ट्रैक पहले वाली स्थिति में रह पाना संभव नहीं होगा, क्योंकि जेसीबी रेत की परत के साथ ट्रैक की ऊपरी परत भी उखाड़ देगी। इससे ट्रैक उबड़खाबड़ हो जाएगा। इसलिए खेल मैदानों को सुधारने में काफी वक्त लग सकता है।
एथलेटिक्स ट्रैक की हालत दलदल जैसी
स्टेडियम में एथलेटिक्स सिंथेटिक ट्रैक बना है, लेकिन वहां केवल राष्ट्रीय खिलाड़ियों या बड़ी स्पर्धाओं के दौरान ही उसका इस्तेमाल किया जाता है। सभी खेलों के खिलाड़ी खुद को वार्मअप करने और एथलेटिक्स खेल की तैयारी के लिए इसी 200 मीटर लंबे पुराने ट्रैक का इस्तेमाल करते हैं। हर खेल के अभ्यास से पहले एथलेटिक्स ट्रैक पर दौड़ लगाकर खिलाड़ी पहले शरीर को थोड़ा वार्मअप करते हैं लेकिन एथलेटिक्स ट्रैक पर पड़ी रेत और बारिश के बाद इस पर दौड़ लगाना तो दूर नजदीक जाना भी संभव नहीं है। रेत और बारिश की वजह से एथलेटिक्स ट्रैक की हालत दलदल जैसी हो गई है।
भीम स्टेडियम में 13 जुलाई को राज्यस्तरीय दक्ष प्रजापति जयंती कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान ट्रैक की जलभराव वाली जगह पर बारीक रेत डाली गई थी। जिला प्रशासन की तरफ से बोला गया था कि कार्यक्रम के बाद स्टेडियम पहले जैसा कर दिया जाएगा। इसलिए स्टेडियम से बालू उठाकर ट्रैक की सफाई का काम जिला प्रशासन की तरफ से किया जाएगा। -सतेंद्र कुमार, जिला खेल अधिकारी, भिवानी।
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भिवानी। विकास कार्य गिनाने के लिए राज्य सरकार रैली आयोजित कर लोगों को राहत देने का काम कर रही है, लेकिन यही राहत स्थानीय खिलाड़ियों के लिए आफत बन रही है। भीम स्टेडियम में 13 जुलाई को राज्यस्तरीय दक्ष प्रजापति जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई थी। रैली के दो दिन बाद भी आयोजन स्थल साफ नहीं किया जा सका है। इससे करीब 400 खिलाड़ी परेशान हो रहे हैं।
रैली में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रदेश के कई कैबिनेट मंत्रियों सहित पार्टी के दिग्गज नेता भी पहुंचे थे। यह रैली स्टेडियम परिसर में हुई थी। वहां टेंट लगाने का काम 12 जुलाई को ही शुरू कर दिया गया था।
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इसी बीच बारिश होने पर पुराने एथलेटिक्स ट्रैक पर पानी भरा तो कीचड़ से बचाव के लिए डंपरों से कई टन रेत डलवा दी गई। एथलेटिक्स रेस के ट्रैक पर करीब दो से ढाई फीट तक मोटी बालू रेत की परत चढ़ा दी।
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राज्यस्तरीय रैली में मुख्यमंत्री ने प्रदेश और जिले की करोड़ों की विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी, लेकिन रैली के दो दिन बाद भी स्टेडियम से न टेंट हटा और न एथलेटिक्स ट्रैक से रेत हटाई गई। ऐसे में करीब पांच दिनों से खिलाड़ियों का खेल अभ्यास भी प्रभावित हो गया है।
इससे प्रभावित खिलाड़ियों का कहना है कि आयोजकों ने मैदान का पूरा नक्शा बदल दिया। संबंधित अधिकारी ट्रैक को संवारना भूल गए हैं। बारिश होने के कारण एथलेटिक्स ट्रैक पर दौड़ते समय खिलाड़ी भी चोटिल हो रहे हैं। इससे बचने के लिए फिलहाल खिलाड़ियों का खेल अभ्यास ठप है।
रेत में धंस रहे खिलाड़ियों के पांव
खेल अभ्यास के लिए अधिकतर खिलाड़ी सुबह-शाम दोनों समय आते हैं लेकिन रैली के कारण वह पांच दिनों से खेल अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। ट्रैक की हालत देखकर दुख होता है। रैली के लिए स्टेडियम का चयन गलत है, क्योंकि यहां हर खेल का अलग मैदान है। रैली के लिए पूरी जगह को जेसीबी और मशीनों से समतल किया गया है। एथलेटिक्स ट्रैक पर बिछी रेत की परत की मोटाई ढाई से तीन फीट तक है। इसमें दौड़ना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। रेत में चलने पर पैर धंस रहे हैं। इससे उनके जूते और कपड़े खराब हो रहे हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि ट्रैक से रेत हटाने के बावजूद एथलेटिक्स ट्रैक पहले वाली स्थिति में रह पाना संभव नहीं होगा, क्योंकि जेसीबी रेत की परत के साथ ट्रैक की ऊपरी परत भी उखाड़ देगी। इससे ट्रैक उबड़खाबड़ हो जाएगा। इसलिए खेल मैदानों को सुधारने में काफी वक्त लग सकता है।
एथलेटिक्स ट्रैक की हालत दलदल जैसी
स्टेडियम में एथलेटिक्स सिंथेटिक ट्रैक बना है, लेकिन वहां केवल राष्ट्रीय खिलाड़ियों या बड़ी स्पर्धाओं के दौरान ही उसका इस्तेमाल किया जाता है। सभी खेलों के खिलाड़ी खुद को वार्मअप करने और एथलेटिक्स खेल की तैयारी के लिए इसी 200 मीटर लंबे पुराने ट्रैक का इस्तेमाल करते हैं। हर खेल के अभ्यास से पहले एथलेटिक्स ट्रैक पर दौड़ लगाकर खिलाड़ी पहले शरीर को थोड़ा वार्मअप करते हैं लेकिन एथलेटिक्स ट्रैक पर पड़ी रेत और बारिश के बाद इस पर दौड़ लगाना तो दूर नजदीक जाना भी संभव नहीं है। रेत और बारिश की वजह से एथलेटिक्स ट्रैक की हालत दलदल जैसी हो गई है।
भीम स्टेडियम में 13 जुलाई को राज्यस्तरीय दक्ष प्रजापति जयंती कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान ट्रैक की जलभराव वाली जगह पर बारीक रेत डाली गई थी। जिला प्रशासन की तरफ से बोला गया था कि कार्यक्रम के बाद स्टेडियम पहले जैसा कर दिया जाएगा। इसलिए स्टेडियम से बालू उठाकर ट्रैक की सफाई का काम जिला प्रशासन की तरफ से किया जाएगा। -सतेंद्र कुमार, जिला खेल अधिकारी, भिवानी।