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Bhiwani News: गोगामेड़ी मेले जाने वाले श्रद्धालुओं को ट्रेनों में नहीं मिल रही जगह
Sat, 02 Sep 2023 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 02 Sep 2023 11:59 PM IST
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लोहारू रेलवे स्टेशन पर उमड़ी यात्रियों की भीड़।
लोहारू। आगामी आठ सितंबर को गोगा नवमी पर राजस्थान के गोगामेड़ी धाम पर लगने वाले मेले के लिए हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तरांचल से श्रद्धालुओं का आना जारी है। सादुलपुर व गोगामेड़ी की ओर जाने वाली ट्रेनों में इस समय भारी भीड़ देखने को मिल रही है और श्रद्धालुओं को जगह नहीं मिल रही है।
धार्मिक स्थल गोगामेड़ी में गोगा नवमी के मौके पर पूरे भाद्र माह मेला लगता है। लेकिन इसके बावजूद मेले में आने वाली भीड़ से बचने के लिए अनेक श्रद्धालुओं का आवागमन पहले से ही शुरू हो जाता है। सतनाली से होकर जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जीआरपी ने सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए हैं और यात्रियों की जांच की जा रही है।
सभी धर्मों के लोग करते हैं मेले में शिरकत
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की नोहर तहसील में स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल गोगामेड़ी के मेले में हर साल देशभर से लाखों श्रद्धालु आते हैं। यह पवित्र तीर्थ-स्थल सर्वधर्म समभाव का एक अनूठा केंद्र है। यहां हिंदू, मुसलमान और सिख एक साथ बाबा की पूजा अर्चना करने आते हैं। गोगामेड़ी में श्रावण शुक्ल पूर्णिमा से लेकर भाद्रपद की पूर्णिमा तक पूरे एक माह मेला लगता है। राजस्थान सरकार मेले के लिए व्यापक प्रबंध करती है और प्रदेश सरकार के देवस्थान विभाग ने इस बार भी यहां लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया है। गोगामेड़ी में श्रद्धालु सर्वप्रथम गुरु गोरखनाथ की समाधि पर सजदा करते हैं और बाद में गोगाजी के यहां पूजा कर ऐतिहासिक तालाब में स्नान करते हैं। श्रद्धालु अपनी मन्नत पूरी होने के लिए उस वृक्ष को धागा भी बांधते हैं जिसके नीचे गोगा जी ने तपस्या की थी। उत्तर प्रदेश से गोगामेड़ी जाने वाले श्रद्धालुओं ने बताया कि गोगाजी की काफी मान्य है और गोगामेड़ी हमारे लिए आस्था का केंद्र है। प्रतिवर्ष वहां जाते हैं। वहीं, गोगामेडी जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए लोहारू में कार सेवा शुरू हो गई है और स्वयंसेवकों व विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा पिछले अनेक वर्षों से यात्रियों को मुफ्त भोजन-पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। संवाद
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धार्मिक स्थल गोगामेड़ी में गोगा नवमी के मौके पर पूरे भाद्र माह मेला लगता है। लेकिन इसके बावजूद मेले में आने वाली भीड़ से बचने के लिए अनेक श्रद्धालुओं का आवागमन पहले से ही शुरू हो जाता है। सतनाली से होकर जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जीआरपी ने सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए हैं और यात्रियों की जांच की जा रही है।
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सभी धर्मों के लोग करते हैं मेले में शिरकत
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की नोहर तहसील में स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल गोगामेड़ी के मेले में हर साल देशभर से लाखों श्रद्धालु आते हैं। यह पवित्र तीर्थ-स्थल सर्वधर्म समभाव का एक अनूठा केंद्र है। यहां हिंदू, मुसलमान और सिख एक साथ बाबा की पूजा अर्चना करने आते हैं। गोगामेड़ी में श्रावण शुक्ल पूर्णिमा से लेकर भाद्रपद की पूर्णिमा तक पूरे एक माह मेला लगता है। राजस्थान सरकार मेले के लिए व्यापक प्रबंध करती है और प्रदेश सरकार के देवस्थान विभाग ने इस बार भी यहां लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया है। गोगामेड़ी में श्रद्धालु सर्वप्रथम गुरु गोरखनाथ की समाधि पर सजदा करते हैं और बाद में गोगाजी के यहां पूजा कर ऐतिहासिक तालाब में स्नान करते हैं। श्रद्धालु अपनी मन्नत पूरी होने के लिए उस वृक्ष को धागा भी बांधते हैं जिसके नीचे गोगा जी ने तपस्या की थी। उत्तर प्रदेश से गोगामेड़ी जाने वाले श्रद्धालुओं ने बताया कि गोगाजी की काफी मान्य है और गोगामेड़ी हमारे लिए आस्था का केंद्र है। प्रतिवर्ष वहां जाते हैं। वहीं, गोगामेडी जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए लोहारू में कार सेवा शुरू हो गई है और स्वयंसेवकों व विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा पिछले अनेक वर्षों से यात्रियों को मुफ्त भोजन-पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। संवाद
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