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Bhiwani News: दीपेंद्र लाखलाण बने वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर
Sat, 14 Dec 2024 10:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 14 Dec 2024 10:23 PM IST
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अपने माता पिता के साथ फ्लाईंग अफसर दीपेंद्र लाखलाण।
भिवानी। लोहारू के गांव पातवाण निवासी दीपेंद्र लाखलाण वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बने हैं। उनकी पासिंग आउट परेड हैदराबाद मेें हुई। जहां पर एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने सभी कैडेट्स को स्टार लगाकर फ्लाइंग ऑफिसर की उपाधि दी।
इस दौरान दीपेंद्र के पिता विनोद लाखलाण, माता गीता श्योराण लाखलाण, चाचा राजेंद्र लाखलाण व चाची डाॅ. रविका श्योराण भी मौजूद रहे। बेटे की सफलता पर गर्व महसूस कर रहे दीपेंद्र के पिता विनोद लाखलाण व माता गीता श्योराण लाखलाण ने इस सफलता को बेटे के कठोर परिश्रम और लगन को सफलता की कुंजी बताया।
उन्होंने कहा कि दीपेंद्र बचपन से ही लगनशील प्रवृत्ति का है, उसके अध्यापकों ने भी उसकी सफलता में बहुत अधिक योगदान दिया है। दीपेंद्र ने हमेशा ही भारतीय सेना में अधिकारी बनने का सपना देखा था, जो आज पूरा हो गया है।
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दीपेंद्र ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने गुरुजनों व माता-पिता को देते हुए कहा कि अध्यापकों के मार्गदर्शन और माता-पिता की वजह से ही वह यह सफलता प्राप्त कर पाया है। उन्हें भारतीय सेना में भत्ती होने की प्रेरणा सेवानिवृत्त सैनिक अपने दादा व आर्मी में कैप्टन अपने भाई दीपांशु से मिलीं। उसका उद्देश्य भारतीय वायुसेना में पूरी मेहनत और लगन से कार्य करना है और वह हर परिस्थिति में देश की बढ़-चढ़कर सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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इस दौरान दीपेंद्र के पिता विनोद लाखलाण, माता गीता श्योराण लाखलाण, चाचा राजेंद्र लाखलाण व चाची डाॅ. रविका श्योराण भी मौजूद रहे। बेटे की सफलता पर गर्व महसूस कर रहे दीपेंद्र के पिता विनोद लाखलाण व माता गीता श्योराण लाखलाण ने इस सफलता को बेटे के कठोर परिश्रम और लगन को सफलता की कुंजी बताया।
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उन्होंने कहा कि दीपेंद्र बचपन से ही लगनशील प्रवृत्ति का है, उसके अध्यापकों ने भी उसकी सफलता में बहुत अधिक योगदान दिया है। दीपेंद्र ने हमेशा ही भारतीय सेना में अधिकारी बनने का सपना देखा था, जो आज पूरा हो गया है।
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दीपेंद्र ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने गुरुजनों व माता-पिता को देते हुए कहा कि अध्यापकों के मार्गदर्शन और माता-पिता की वजह से ही वह यह सफलता प्राप्त कर पाया है। उन्हें भारतीय सेना में भत्ती होने की प्रेरणा सेवानिवृत्त सैनिक अपने दादा व आर्मी में कैप्टन अपने भाई दीपांशु से मिलीं। उसका उद्देश्य भारतीय वायुसेना में पूरी मेहनत और लगन से कार्य करना है और वह हर परिस्थिति में देश की बढ़-चढ़कर सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है।