फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   De-hydration can cause fever in animals, feed water four times a day: Dr. sahrawat

पशुओं में डी-हाईड्रेशन से हो सकता है बुखार, दिन में चार बार पिलाएं पानी : डाॅ. सहरावत

Thu, 09 May 2024 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Thu, 09 May 2024 01:42 AM IST
विज्ञापन
De-hydration can cause fever in animals, feed water four times a day: Dr. sahrawat
पशु का उपचार करते चिकित्सक।
भिवानी। गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इंसानों के साथ-साथ पशुओं की सेहत पर भी गर्मी का असर पड़ रहा है। गर्मी में पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग ने पशुपालकों को सलाह दी है कि पशुओं को गर्मी से बचाने के लिए पशुपालक विशेष उपाय करें।
विज्ञापन


विभाग के उपनिदेशक डॉ. रविंद्र सहरावत ने बताया कि पशु को दिन में तीन-चार बार पानी पिलाएं, क्योंकि लू की वजह से पशुओं में पानी की कमी हो जाती है। इससे डी-हाईड्रेशन की वजह से बुखार भी आ जाता है, जिससे पशु चरना भी छोड़ देता है तथा कई पशुओं को इस अवस्था में दस्त भी लग जाते हैं और कमजोरी में पशु बैठ भी जाता है। आजकल नया तूड़ा आया हुआ है और गर्मी का समय है। ऐसे में पशुओं में बंधे की समस्या ज्यादा आ रही है। हर रोज अस्पतालों में इस तरह के केस बहुत आ रहे है।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि यदि पुराना तूड़ा घर पर मिले तो पशुपालक अभी नया तूड़ा पशुओं को न दें। पशुपालक हरा चारा अच्छी मात्रा में पशुओं के तूड़े में मिलाएं। इसके अलावा पशुओं को ठंडी जगह पर बांधे, अगर बाहर पेड़ के नीचे बांधा जाए तो उसके आसपास पानी का छिड़काव करें। घरों के अंदर बंधने वाले पशुओं के ऊपर पंखे व कूलर की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि पशुओं को सूखा तूड़ा कम व हरा चारा ज्यादा दे। इसके अलावा बीमार पशु का तुरंत पशु चिकित्सक से उपचार करवाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पशु चिकित्सक डा. विजय सनसनवाल ने बताया कि गर्मी व लू की वजह से पशुओं में डी-हाईड्रेशन व बंधे की समस्या बढ़ी है और हर रोज ऐसे केस आ रहे हैं। पशुपालन नया तूड़ा कम खिलाएं और नया तूड़ा खिलाएं तो उसे रात को मीठे सोडे व पानी का छिड़काव करके रखें और फिर पशु को खिलाएं। अगर पशु हांफ रहा है तो उसके चारे में भांग जो नहरों इत्यादि पर खड़ी होती है, उसे काटकर 300 ग्राम चारे में मिलाकर 3-4 दिन खिलाएं। दूसरा रात को मटके में 200 ग्राम गुड़ भिगो कर रख दें और सुबह उस पानी का तूड़ी पर छिड़काव करके खिलाएं, ये भी पशु के लिए फायदेमंद है। डॉ. सनसनवाल ने कहा कि अगर पशु को बंध है या कब्ज है तो 50 ग्राम मीठा सोडा, 50 ग्राम नमक, 50 ग्राम अदरक, 50 ग्राम गुड़ मिलाकर लड्डू बना लें व सुबह-शाम एक-दो दिन तक दें। दूसरा 100 ग्राम सादा नमक, 200 ग्राम मेगसल्फ केरो और 30 ग्राम सौंठ आधा लीटर पानी में पिलाएं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed