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Bhiwani News: बारिश में करंट का खतरा, सड़कों पर जानलेवा हो चुके लोहे के खंभे
Wed, 02 Jul 2025 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 02 Jul 2025 12:58 AM IST
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देवसर चुंगी के पास पानी में खड़ा बिजली का पोल।
भिवानी। शहर की बिजली व्यवस्था मानसून की पहली बारिश में ही चरमरा गई है। जगह-जगह खड़े दशकों पुराने लोहे के पोल करंट का झटका दे रहे हैं, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं। बारिश के कारण जलभराव वाले क्षेत्रों में ये पोल और पिलर बॉक्स पूरी तरह डूबे हुए हैं, जिससे खतरा और भी बढ़ गया है।
शहर में वर्तमान में लगभग 250 से अधिक लोहे के पोल और 25 हजार से अधिक पिलर बॉक्स लगे हैं, जिनमें से कई बॉक्स क्षतिग्रस्त हैं। यही नहीं, कुछ पिलर बॉक्स सड़कें ऊंची हो जाने के कारण जमीन में धंसे हुए हैं और बारिश में पूरी तरह जलमग्न हो जाते हैं। कई बार लोग और लावारिस पशु करंट की चपेट में आ चुके हैं, फिर भी इन पोलों को न बदला गया, न ही कोई कारगर कार्रवाई की गई।
शहर के इन क्षेत्रों में मौजूद हैं पुराने लोहे के पोल
रेस्ट हाउस से बीटीएम चौक, दादरी गेट, हांसी गेट, पुराना बस स्टैंड, महम गेट, देवसर चुंगी, प्रेक्षा विहार, घंटाघर से रेलवे रोड, बिचला बाजार बिजली घर, जैन चौक क्षेत्र और सरकुलर रोड पर अभी भी पुराने लोहे के पोल लगे हैं। इन क्षेत्रों में भारी जलभराव के चलते करंट फैलने की आशंका लगातार बनी रहती है।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश भी हो रहे नजरअंदाज
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश अनुसार ऐसे सभी लोहे के पोलों को तत्काल बदला जाना चाहिए और डेंजर प्वाइंटों को दुरुस्त करना अनिवार्य है, लेकिन शहर में इन आदेशों की खुलेआम अनदेखी हो रही है।
शहर के अंदर पुराने व लोहे के पोल बदलने का कार्य प्रगति पर है। क्षतिग्रस्त पिलर बॉक्सों की पहचान कर उन्हें भी बदला जा रहा है। कुछ स्थानों पर सड़कें ऊंची हो जाने से पिलर बॉक्स नीचे रह गए हैं। निगम की ओर से किसी भी संभावित हादसे की स्थिति नहीं रहने दी जाएगी।
– विनोद पूनिया, महाप्रबंधक, भिवानी सर्कल, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम
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शहर में वर्तमान में लगभग 250 से अधिक लोहे के पोल और 25 हजार से अधिक पिलर बॉक्स लगे हैं, जिनमें से कई बॉक्स क्षतिग्रस्त हैं। यही नहीं, कुछ पिलर बॉक्स सड़कें ऊंची हो जाने के कारण जमीन में धंसे हुए हैं और बारिश में पूरी तरह जलमग्न हो जाते हैं। कई बार लोग और लावारिस पशु करंट की चपेट में आ चुके हैं, फिर भी इन पोलों को न बदला गया, न ही कोई कारगर कार्रवाई की गई।
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शहर के इन क्षेत्रों में मौजूद हैं पुराने लोहे के पोल
रेस्ट हाउस से बीटीएम चौक, दादरी गेट, हांसी गेट, पुराना बस स्टैंड, महम गेट, देवसर चुंगी, प्रेक्षा विहार, घंटाघर से रेलवे रोड, बिचला बाजार बिजली घर, जैन चौक क्षेत्र और सरकुलर रोड पर अभी भी पुराने लोहे के पोल लगे हैं। इन क्षेत्रों में भारी जलभराव के चलते करंट फैलने की आशंका लगातार बनी रहती है।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश भी हो रहे नजरअंदाज
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश अनुसार ऐसे सभी लोहे के पोलों को तत्काल बदला जाना चाहिए और डेंजर प्वाइंटों को दुरुस्त करना अनिवार्य है, लेकिन शहर में इन आदेशों की खुलेआम अनदेखी हो रही है।
शहर के अंदर पुराने व लोहे के पोल बदलने का कार्य प्रगति पर है। क्षतिग्रस्त पिलर बॉक्सों की पहचान कर उन्हें भी बदला जा रहा है। कुछ स्थानों पर सड़कें ऊंची हो जाने से पिलर बॉक्स नीचे रह गए हैं। निगम की ओर से किसी भी संभावित हादसे की स्थिति नहीं रहने दी जाएगी।
– विनोद पूनिया, महाप्रबंधक, भिवानी सर्कल, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम