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डी-प्लान में 12 करोड़ से गांवों की गलियों में दौड़ेगी विकास की गाड़ी
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भिवानी। दस माह से ग्राम पंचायतों की ग्रांट पर ब्रेक लगा हुआ है, लेकिन अब डी-प्लान के करीब 12 करोड़ के बजट से गांव की गलियों में विकास की गाड़ी सरपट दौड़ेगी। जिले के करीब 150 गांवों में तीन करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से नई गलियों का निर्माण होगा, वहीं करीब आठ करोड़ का बजट जिले में ढांचागत विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा। इसके अलावा पिछले डी-प्लान में बकाया करीब सवा चार करोड़ का बजट भी जारी हुआ है, जिससे जिले में पहले से चल रही विकास योजनाओं मे अड़चनें दूर होंगी।
डी-प्लान के तहत बैठक भी हो चुकी है, जिसके बाद नई विकास योजनाओं का खाका तैयार किया गया है। इन योजनाओं पर जल्द ही अब संबंधित सरकारी विभागों के माध्यम से टेंडर कराकर काम शुरू कराया जाएगा। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के साथ ही 24 फरवरी को सरपंचों की शक्तियों पर अंकुश लगा दिया गया था और जिले की करीब साढ़े तीन सौ से अधिक ग्राम पंचायतों का कार्यभार और शक्तियां ग्राम सचिव के हाथों में आ गईं। इसी वजह से पिछले दस माह से किसी भी ग्राम पंचायत में पंचायत की ग्रांट से कोई विकास का कार्य नहीं हुआ।
कोरोना संक्रमण की वजह से गांवों में विकास परियोजनाएं प्रभावित हुई, लेकिन अब जिले को 2021-22 के डी-प्लान में करीब 12 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। इसी के साथ डी-प्लान 2020-21 में बकाया करीब सवा चार करोड़ का बजट भी जारी हो गया है। इस लिहाज से अब जिले में विकास योजनाओं को पंख लगाने के लिए डी-प्लान में करीब 16 करोड़ का भारी भरकम बजट पड़ा है।
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ये विकास कार्य कराए जाएंगे
इसमें जिले के करीब 150 गांवों के अंदर कच्ची गलियों को पक्का करने पर तीन करोड़ 60 लाख का बजट खर्च होगा। इसी के साथ करीब आठ करोड़ के बजट से सरकारी स्कूलों का रास्ता, आंगनबाड़ी भवन, सामुदायिक केंद्र, गांव में पेयजल की समुचित व्यवस्था करने, जोहड़ों की चहारदीवारी कराने, सार्वजनिक रास्ते को पक्का कराने, पटवार खाना बनवाने सहित अन्य विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा।
बकाया पंचायत फंड विकास पर होगा खर्च
जिले की जिन ग्राम पंचायतों के पास पंचायत फंड में जमा पैसा भी गांव के विकास पर खर्च किया जा सकेगा। इसके लिए सरपंच की भूमिका की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि ग्राम सचिव के माध्यम से बीडीपीओ कार्यालय को उस विकास योजना का प्रस्ताव भिजवाना होगा। बीडीपीओ संबंधित एसडीएम से अनुमति के बाद उस विकास कार्य को कराने के लिए ग्राम पंचायत के फंड का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
ग्रामीण स्तर पर विकास का ढांचा और अधिक मजबूत बनाने में डी-प्लान के तहत आया बजट खर्च होगा। इसके लिए जिन गांवों में विकास कार्यों की जरूरत है, उनमें विकास कार्य संभव हो पाएंगे। हमारा प्रयास रहेगा कि इस बजट से अधिक से अधिक गांवों में विकास के कार्य कराए जाएं।
- धर्मबीर सिंह, सांसद, भिवानी-महेंद्रगढ़
डी-प्लान का बजट आ चुका है। संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी है। प्लान के तहत नई गलियों का निर्माण कराने सहित जिले में संबंधित विभागों के माध्यम से ढांचागत विकास परियोजनाओं पर भी बजट खर्च किया जाएगा। इनके लिए संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं। पिछले डी-प्लान का बकाया बजट भी आ चुका है, जिससे पहले से चल रहे कार्य जल्द पूरे कराए जाएंगे।
- भागीरथ शर्मा, जिला परियोजना समन्वयक, एडीसी कार्यालय भिवानी
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डी-प्लान के तहत बैठक भी हो चुकी है, जिसके बाद नई विकास योजनाओं का खाका तैयार किया गया है। इन योजनाओं पर जल्द ही अब संबंधित सरकारी विभागों के माध्यम से टेंडर कराकर काम शुरू कराया जाएगा। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के साथ ही 24 फरवरी को सरपंचों की शक्तियों पर अंकुश लगा दिया गया था और जिले की करीब साढ़े तीन सौ से अधिक ग्राम पंचायतों का कार्यभार और शक्तियां ग्राम सचिव के हाथों में आ गईं। इसी वजह से पिछले दस माह से किसी भी ग्राम पंचायत में पंचायत की ग्रांट से कोई विकास का कार्य नहीं हुआ।
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कोरोना संक्रमण की वजह से गांवों में विकास परियोजनाएं प्रभावित हुई, लेकिन अब जिले को 2021-22 के डी-प्लान में करीब 12 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। इसी के साथ डी-प्लान 2020-21 में बकाया करीब सवा चार करोड़ का बजट भी जारी हो गया है। इस लिहाज से अब जिले में विकास योजनाओं को पंख लगाने के लिए डी-प्लान में करीब 16 करोड़ का भारी भरकम बजट पड़ा है।
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ये विकास कार्य कराए जाएंगे
इसमें जिले के करीब 150 गांवों के अंदर कच्ची गलियों को पक्का करने पर तीन करोड़ 60 लाख का बजट खर्च होगा। इसी के साथ करीब आठ करोड़ के बजट से सरकारी स्कूलों का रास्ता, आंगनबाड़ी भवन, सामुदायिक केंद्र, गांव में पेयजल की समुचित व्यवस्था करने, जोहड़ों की चहारदीवारी कराने, सार्वजनिक रास्ते को पक्का कराने, पटवार खाना बनवाने सहित अन्य विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा।
बकाया पंचायत फंड विकास पर होगा खर्च
जिले की जिन ग्राम पंचायतों के पास पंचायत फंड में जमा पैसा भी गांव के विकास पर खर्च किया जा सकेगा। इसके लिए सरपंच की भूमिका की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि ग्राम सचिव के माध्यम से बीडीपीओ कार्यालय को उस विकास योजना का प्रस्ताव भिजवाना होगा। बीडीपीओ संबंधित एसडीएम से अनुमति के बाद उस विकास कार्य को कराने के लिए ग्राम पंचायत के फंड का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
ग्रामीण स्तर पर विकास का ढांचा और अधिक मजबूत बनाने में डी-प्लान के तहत आया बजट खर्च होगा। इसके लिए जिन गांवों में विकास कार्यों की जरूरत है, उनमें विकास कार्य संभव हो पाएंगे। हमारा प्रयास रहेगा कि इस बजट से अधिक से अधिक गांवों में विकास के कार्य कराए जाएं।
- धर्मबीर सिंह, सांसद, भिवानी-महेंद्रगढ़
डी-प्लान का बजट आ चुका है। संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी है। प्लान के तहत नई गलियों का निर्माण कराने सहित जिले में संबंधित विभागों के माध्यम से ढांचागत विकास परियोजनाओं पर भी बजट खर्च किया जाएगा। इनके लिए संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं। पिछले डी-प्लान का बकाया बजट भी आ चुका है, जिससे पहले से चल रहे कार्य जल्द पूरे कराए जाएंगे।
- भागीरथ शर्मा, जिला परियोजना समन्वयक, एडीसी कार्यालय भिवानी