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करंट से लाइन मैन की मौत, अस्पताल में हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Wed, 22 Jun 2016 12:46 AM IST
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भिवानी। गांव लेघां हेतवान में 11 केवी बिजली लाइन को ठीक कर रहे सहायक लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गई। सहायक लाइन की मौत व बिजली निगम की ओर से कम आर्थिक सहायता दिए जाने पर ग्रामीण व बिजली कर्मचारी बिफर गए। अस्पताल परिसर में कर्मचारियों और निगम अधिकारियों में तीखी नोंक-झोंक हुई। आखिरकार निगम अधिकारी तीन लाख रुपये आर्थिक सहायता देने को तैयार हुए। साथ ही करीब सवा लाख राजीव गांधी योजना के तहत दिए जाएंगे। इसके बाद कर्मचारी और ग्रामीण शांत हुए और शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। पुलिस ने ठेकेदार व बिजली निगम अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
हादसा मंगलवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुआ। गोलपुरा वासी करीब 22 वर्षीय दिलबाग सिंह ठेके पर बिजली निगम में सहायक लाइनमैन लगा हुआ था। इसकी जूई सब डिवीजन में ड्यूटी थी। मंगलवार सुबह वह लेघा हेतवान गांव में 11 केवी लाइन को ठीक करने में जुटा था। इसी दौरान अचानक करंट लग गया। गंभीर हालत में उसे उपचार के लिए सामान्य अस्पताल ले जाया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल के शव गृह ले जाया गया। सूचना पर बिजली निगम के कर्मचारी और अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे।
यहां कर्मचारियों ने ठेेकेदार पर सभी उपकरण मुहैया नहीं कराने के आरोप लगाते हुए रोष जताया। साथ ही ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की। यहां पहुंचे एसडीओ राजदीप सिंह और राहुल सांगवान से भी कर्मचारी नेताओं व कुछ ग्रामीणों की तीखी नोंक-झोंक हुई। विवाद सहायता राशि को लेकर हुआ। कर्मचारी नेताओं ने एक परिजन को नौकरी व आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की। एसडीओ ने मौके पर ढाई लाख का चेक देने की बात कही तो कर्मचारी नेता बिफर गए। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि गुड़गांव में इसी तरह एक कर्मचारी की मौत पर पांच लाख रुपये आर्थिक सहायता दी गई तो यहां कम क्यों। इस बात पर काफी बहस हुई। आखिरकार एसडीओ ने अपने उच्च अधिकारियों से बातचीत कर तीन लाख रुपये आर्थिक सहायता का चेक दिया। इसके अलावा एक लाख 20 हजार की राशि एसडीएम कार्यालय से राजीव गांधी बीमा योजना के तहत दिलाने की बात कही। जिस पर गुस्साए लोग शांत हुए और देर सायं करीब छह सवा बजे शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। मामले में कैरू चौकी इंचार्ज दिलबाग सिंह ने बताया कि मृतक युवक दिलबाग के चाचा जयबीर ने जूई सब डिवीजन के अधिकारियों और ठेकेदार पर लापरवाही के आरोप लगाए है। जिसके बाद इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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नौ बहनों का इकलौता भाई था मृतक, गांव में मातम
मृतक दिलबाग नौ बहनों का इकलौता भाई था। पूरे परिवार की जिम्मेवारी उसके कंधों पर थी। परिजनों ने बताया कि जब वह 10 दिन का था तभी उसके पिता का निधन हो गया था। मां ने बड़ी मेहनत कर बच्चों को पाला। पूरा परिवार अब इसी पर निर्भर था और आज परिवार का यह सहारा भी छीन गया। युवक की मौत से गांव में मातम का माहौल है।
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हादसा मंगलवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुआ। गोलपुरा वासी करीब 22 वर्षीय दिलबाग सिंह ठेके पर बिजली निगम में सहायक लाइनमैन लगा हुआ था। इसकी जूई सब डिवीजन में ड्यूटी थी। मंगलवार सुबह वह लेघा हेतवान गांव में 11 केवी लाइन को ठीक करने में जुटा था। इसी दौरान अचानक करंट लग गया। गंभीर हालत में उसे उपचार के लिए सामान्य अस्पताल ले जाया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल के शव गृह ले जाया गया। सूचना पर बिजली निगम के कर्मचारी और अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे।
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यहां कर्मचारियों ने ठेेकेदार पर सभी उपकरण मुहैया नहीं कराने के आरोप लगाते हुए रोष जताया। साथ ही ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की। यहां पहुंचे एसडीओ राजदीप सिंह और राहुल सांगवान से भी कर्मचारी नेताओं व कुछ ग्रामीणों की तीखी नोंक-झोंक हुई। विवाद सहायता राशि को लेकर हुआ। कर्मचारी नेताओं ने एक परिजन को नौकरी व आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की। एसडीओ ने मौके पर ढाई लाख का चेक देने की बात कही तो कर्मचारी नेता बिफर गए। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि गुड़गांव में इसी तरह एक कर्मचारी की मौत पर पांच लाख रुपये आर्थिक सहायता दी गई तो यहां कम क्यों। इस बात पर काफी बहस हुई। आखिरकार एसडीओ ने अपने उच्च अधिकारियों से बातचीत कर तीन लाख रुपये आर्थिक सहायता का चेक दिया। इसके अलावा एक लाख 20 हजार की राशि एसडीएम कार्यालय से राजीव गांधी बीमा योजना के तहत दिलाने की बात कही। जिस पर गुस्साए लोग शांत हुए और देर सायं करीब छह सवा बजे शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। मामले में कैरू चौकी इंचार्ज दिलबाग सिंह ने बताया कि मृतक युवक दिलबाग के चाचा जयबीर ने जूई सब डिवीजन के अधिकारियों और ठेकेदार पर लापरवाही के आरोप लगाए है। जिसके बाद इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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नौ बहनों का इकलौता भाई था मृतक, गांव में मातम
मृतक दिलबाग नौ बहनों का इकलौता भाई था। पूरे परिवार की जिम्मेवारी उसके कंधों पर थी। परिजनों ने बताया कि जब वह 10 दिन का था तभी उसके पिता का निधन हो गया था। मां ने बड़ी मेहनत कर बच्चों को पाला। पूरा परिवार अब इसी पर निर्भर था और आज परिवार का यह सहारा भी छीन गया। युवक की मौत से गांव में मातम का माहौल है।