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Bhiwani News: सीआरपीएफ जवान को सैन्य सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई
Wed, 03 Apr 2024 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 03 Apr 2024 12:30 AM IST
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शहीद प्रवीण को पुष्प चक्र भेंटकर श्रद्धांजलि देते एसडीएम अमित कुमार।
लोहारू (भिवानी)। गांव झुप्पा कलां से अपनी करीब चार सप्ताह की छुट्टी पूरी करके ड्यूटी पर रायपुर जा रहे सीआरपीएफ के जवान प्रवीण का चार दिन बाद ही पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपट कर गांव पहुंच गया। जवान शहीद प्रवीण कुमार को सैन्य सम्मान के साथ आसमान में गोलियां दागकर सलामी दी गईं। वहीं प्रशासन की ओर से एसडीएम अमित कुमार ने पुष्प चक्र भेंट कर शहीद प्रवीण कुमार को श्रद्धांजलि दी।
शहीद प्रवीण कुमार के पार्थिव शरीर को देखकर परिजनों की ही नहीं बल्कि पूरे गांव के लोगों की आंखें नम थीं, वहीं लाडले पर ग्रामीणों को गर्व भी महसूस हो रहा था। शहीद प्रवीण कुमार सीआरपीएफ की विशेष गुरिल्ला युद्ध कमांडो इकाई कोबरा अर्थात बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन के कमांडो थे।
एसडीएम अमित कुमार ने शहीद जवान प्रवीण को श्रद्धांजलि देते हुए परिजनों को ढांढस बधाया और कहा कि पूरे गांव को ही नहीं बल्कि इलाके सभी लोगों को प्रवीण की शहादत पर गर्व है। शहीद प्रवीण बहादुर जवान था, वह क्षेत्र के युवाओं के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगा। एसडीएम अमित कुमार ने बताया कि शहीद प्रवीण कुमार चार दिन पहले ही अपनी छुट्टी पूरी करके अपनी ड्यूटी के लिए रायपुर रवाना हुआ था। इस दौरान रास्ते में रेल की पटरियों के पास जवान प्रवीण घायल अवस्था में मिला था। जिसे वहां के स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया। लेकिन दो दिनों के उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजन संदीप सिंह के अनुसार रेलगाड़ी में जवान प्रवीण पर किसी नक्सली हमले से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
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संदीप सिंह ने बताया कि शहीद प्रवीण कुमार उनका चचेरा भाई था और वह वर्ष 2011 में सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था। वर्तमान में वह कोबरा कमांडो इकाई में रायपुर में तैनात था। कमांडो प्रवीण (36) तीन बहन भाइयों में सबसे छोटा था और अपने पीछे एक वर्षीय बेटा प्रयांग, 4 वर्षीय बेटी गरिमा पत्नी राजेश कुमारी सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। शहीद प्रवीण के पिता रामनिवास एक किसान हैं। शहीद प्रवीण को श्रद्धांजलि देने आसपास के दर्जन से भी अधिक गांवों के सैकड़ों युवा व ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और जवान को नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
श्रद्धांजलि देने वालों में एसडीएम अमित कुमार के अलावा तहसीलदार, थाना प्रभारी मदन कुमार, होशियार सिंह, कृष्ण मान, प्रताप सिंह, मीर सिंह सहित गांव के पूर्व सरपंच और सैकड़ों युवा शामिल थे।
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शहीद प्रवीण कुमार के पार्थिव शरीर को देखकर परिजनों की ही नहीं बल्कि पूरे गांव के लोगों की आंखें नम थीं, वहीं लाडले पर ग्रामीणों को गर्व भी महसूस हो रहा था। शहीद प्रवीण कुमार सीआरपीएफ की विशेष गुरिल्ला युद्ध कमांडो इकाई कोबरा अर्थात बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन के कमांडो थे।
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एसडीएम अमित कुमार ने शहीद जवान प्रवीण को श्रद्धांजलि देते हुए परिजनों को ढांढस बधाया और कहा कि पूरे गांव को ही नहीं बल्कि इलाके सभी लोगों को प्रवीण की शहादत पर गर्व है। शहीद प्रवीण बहादुर जवान था, वह क्षेत्र के युवाओं के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगा। एसडीएम अमित कुमार ने बताया कि शहीद प्रवीण कुमार चार दिन पहले ही अपनी छुट्टी पूरी करके अपनी ड्यूटी के लिए रायपुर रवाना हुआ था। इस दौरान रास्ते में रेल की पटरियों के पास जवान प्रवीण घायल अवस्था में मिला था। जिसे वहां के स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया। लेकिन दो दिनों के उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजन संदीप सिंह के अनुसार रेलगाड़ी में जवान प्रवीण पर किसी नक्सली हमले से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
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संदीप सिंह ने बताया कि शहीद प्रवीण कुमार उनका चचेरा भाई था और वह वर्ष 2011 में सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था। वर्तमान में वह कोबरा कमांडो इकाई में रायपुर में तैनात था। कमांडो प्रवीण (36) तीन बहन भाइयों में सबसे छोटा था और अपने पीछे एक वर्षीय बेटा प्रयांग, 4 वर्षीय बेटी गरिमा पत्नी राजेश कुमारी सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। शहीद प्रवीण के पिता रामनिवास एक किसान हैं। शहीद प्रवीण को श्रद्धांजलि देने आसपास के दर्जन से भी अधिक गांवों के सैकड़ों युवा व ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और जवान को नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
श्रद्धांजलि देने वालों में एसडीएम अमित कुमार के अलावा तहसीलदार, थाना प्रभारी मदन कुमार, होशियार सिंह, कृष्ण मान, प्रताप सिंह, मीर सिंह सहित गांव के पूर्व सरपंच और सैकड़ों युवा शामिल थे।