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किसानों पर छाया मौसम का संकट: कपास की खड़ी फसल में नुकसान की संभावना

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 23 Sep 2022 11:54 PM IST
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Crisis of shade weather on farmers: Possibility of loss in standing cotton crop
भिवानी। किसानों पर अब मौसम की वजह से संकट के बादल छा गए हैं। अधिकतर किसानों के खेत में खड़ी कपास की फसल में बारिश से नुकसान की संभावना है। वहीं अगर जल्द मौसम साफ नहीं हुआ तो नुकसान बढ़ जाएगा। दरअसल लगातार तीन दिन से हल्की व मध्यम बारिश हो रही है। जिसकी वजह से खेतों में खड़ी कपास की फसल में फंगस और रेतीली जगहों पर उखेड़ा रोग की आशंका भी बढ़ गई है। जबकि सरसों की बिजाई के लिए ये बारिश काफी फायदेमंद बनी है। बारिश से भीगी कपास के दामों में भी गिरावट आएगी, जिससे किसानों में निराशा है।
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सितंबर की बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन बारिश की वजह से कपास पर नुकसान की आशंका बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि तीन से चार दिन तक की बारिश की वजह से कपास की खड़ी फसल में फंगस लग सकती है, जिससे किसान को काफी नुकसान होगा और फसल उत्पादन भी नहीं होगा। इस समय फसल पकाव चुकी हैं, ऐसे में फसल के अंदर किसी दवा या फिर कीटनाशक का छिड़काव भी नहीं हो सकता है। रेतीली भूमि पर कपास की फसल में उखेड़ा की आशंका भी है। क्योंकि बारिश के दौरान पोषक तत्व जमीन के काफी नीचे चले जाते हैं और पौधे में भी काफी नुकसान होता है। बारिश कपास की फसल में फंगस और उखेड़ा दोनों ही प्रकोप लेकर आई है। ऐसे में अगर जल्द मौसम साफ नहीं होता है तो फिर किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। भिवानी जिले में कपास करीब दो लाख एकड़ में किसानों ने बिजाई की थी, जबकि बाजरा भी करीब एक लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में किसानों ने बोया है।
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सरसों की बीजाई के लिए फायदेमंद बारिश
कृषि विशेषज्ञों की मानें तो इस समय हुई बारिश सरसों की बिजाई के लिए बहुत ही फायदेमंद हैं, क्योंकि खेत में नमी की मात्रा अच्छी होगी। 25 सितंबर के बाद से ही सरसों की बीजाई आरंभ हो जाएगी। ऐसे में किसानों के लिए बिजाई से पहले सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ेगी और उनका खेत भी बिजाई के लिए अच्छी तरह तैयार होगा। भिवानी जिले में करीब डेढ़ से दो लाख एकड़ में सरसों की बिजाई की जाती है।
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पक चुका बाजरा भी बारिश से खराब
जिन किसानों ने अभी तक बाजरे की फसल की कटाई नहीं की थी, उन किसानों के लिए भी ये बारिश आफत से कम नहीं है। क्योंकि बाजरा में बारिश से नुकसान की संभावना है। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो बाजरा पक चुका है, ऐसे में उस पर बारिश का प्रभाव उसकी गुणवत्ता और बाजरा की फसल पर बुरा प्रभाव डाल रही है।

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इस समय हुई बारिश से कपास व बाजरा की फसल में नुकसान है, जबकि सरसों बिजाई के लिए ये बारिश फायदेमंद है। अगर जल्द मौसम साफ नहीं हुआ तो कपास में बीमारियों के संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाएगा।
- डॉ. आत्माराम गोदारा, कृषि उपनिदेशक भिवानी।
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