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बड़ेसरा हत्याकांड: CIA के हत्थे चढ़े तीन हत्यारोपी, पिता की हत्या का बदला लेने के लिए चलाईं थी गोलियां
Sun, 18 Dec 2022 12:54 AM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 18 Dec 2022 12:54 AM IST
सार
आरोपियों से दो देसी पिस्तौल, तीन मैगजीन व 21 कारतूस बरामद किए गए हैं। हमले में बड़ेसरा निवासी महेंद्र की मौत हुई थी और अजीत घायल हुआ था। बड़ेसरा हत्याकांड मामले में दोनों पक्षों से छह लोगों की मौत हो चुकी है। साथ ही 55 लोग जेल पहुंच चुके हैं।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हरियाणा के भिवानी में सीआईए की टीम ने बड़ेसरा हत्याकांड में तीन हत्यारोपियों को गिरफ्तार किया है। सीआईए द्वितीय ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर मुख्य आरोपी का सात दिन का रिमांड हासिल किया है। दो आरोपियों को तीन दिन के रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ में जुटी है। हत्या आरोपियों से वारदात में प्रयोग की गई दो देसी पिस्तौल, तीन मैगजीन और 21 कारतूस बरामद किए हैं।
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16 नवंबर की शाम को गांव बड़ेसरा निवासी महेंद्र व अजीत पर गाड़ी में खेतों की ओर से आते समय रास्ते में ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थी। इस हमले में महेंद्र की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि अजीत गंभीर रूप से घायल हो गया था। पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह ने इस प्रकरण में महत्वपूर्ण साक्ष्यों का आकलन कर पुलिस को जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
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सीआईए द्वितीय के उपनिरीक्षक अशोक कुमार की टीम ने बड़ेसरा के महेंद्र हत्याकांड में तीन आरोपियों को भिवानी के मिनी बाईपास से गिरफ्तार किया। इनकी पहचान बड़ेसरा निवासी सिल्कराम, बड़ेसरा निवासी प्रदीप उर्फ सोनू व दिनोद निवासी नितिन के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी सिल्कराम से एक देसी पिस्तौल, दो मैगजीन व तीन कारतूस बरामद किए।
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आरोपी प्रदीप उर्फ सोनू से एक देसी पिस्तौल, एक मैगजीन व 18 कारतूस बरामद किए। पुलिस ने आरोपी सिल्कराम का सात दिन का पुलिस रिमांड लिया है, जबकि आरोपी प्रदीप व नितिन को न्यायालय से तीन दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल कर पूछताछ की जा रही है। महेंद्र की हत्या में एक आरोपी मनोज, निवासी दिनोद को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पिता की हत्या का बदला लेने के लिए सिल्कराम ने साथियों के साथ मिलकर चलाईं थी गोलियां
बहुचर्चित बड़ेसरा हत्याकांड में सिल्कराम ने अपने साथी प्रदीप व नितिन के साथ मिलकर अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए महेंद्र व अजीत पर जान से मारने की नीयत से गोलियां चलाईं थीं। हमले में महेंद्र की मौत हो गई थी तो अजीत घायल हो गया था। हमला करने के लिए आरोपियों ने हथियार मध्यप्रदेश से मंगवाए थे। फिलहाल आरोपी सिल्कराम को सात दिन व आरोपी नितिन व प्रदीप को तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है।
सीआईए इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह ने बताया कि 16 नवंबर को गांव बड़ेसरा में बाइक सवारों ने बड़ेसरा निवासी महेंद्र व अजीत पर गोलियां चलाईं थीं। इस मामले में पुलिस की तरफ से आरोपी सिल्कराम सहित अन्य 16 लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया था।
इस मामले में कार्रवाई करते हुए 22 नवंबर को पुलिस ने दिनोद निवासी आरोपी मनोज को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी को दो दिन के रिमांड पर लिया गया था। मनोज के पास से पुलिस ने वारदात में प्रयोग की गई एक बाइक, एक देसी पिस्तौल व दो कारतूस बरामद किए थे। इसी मामले में कार्रवाई करते हुए सीआईए स्टाफ ने तीन आरोपियों को मिनी बाईपास भिवानी से गिरफ्तार किया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश करके रिमांड पर हासिल पूछताछ की जा रही है।
चौधरी की जंग से शुरू हुआ था मामला
बडे़सरा गांव में चौधर की जंग को लेकर ये खूनी संघर्ष 2016 में शुरू हुआ था। तत्कालीन सरपंच सुदेश की दसवीं कक्षा की मार्कशीट आरटीआई के तहत मांगी गई। इसमें मार्कशीट फर्जी पाई गई। इसके बाद सरपंच सुदेश व उसके पति बबलू को जेल हो गई। इसके बाद आरटीआई लगाने वाले बलजीत व बबलू गुट में खूनी संघर्ष शुरू हो गया। साल 2017 में आरटीआई लगाने वाले पक्ष से बलजीत, उसके चाचा भलेराम व ताऊ महेंद्र की हत्या हुई। फिर बलजीत गुट के ही पूर्व सरपंच पवन को वर्ष 2019 में गोली मारकर मौत के घाट उतारा गया। वर्ष 2020 में बलजीत के ताऊ की घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। अब बलजीत गुट ने 16 नवंबर को बबलू गुट के महेंद्र व अजीत को निशाना बनाया, जिसमें महेंद्र की मौत हो चुकी है। अजीत 7-8 गोली लगने के बाद काफी दिन में ठीक हुआ है।
छह लोगों की हो चुकी है हत्या, 55 लोग जा चुके जेल
बड़ेसरा हत्याकांड मामले में अब तक छह लोगों की हत्या हो चुकी है। इसमें पांच लोगों की मौत बलजीत गुट से तो एक बबलू गुट से हुई है। सीआईए स्टाफ से इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह ने बताया कि बड़ेसरा हत्याकांड मामले में करीब 55 लोग जेल जा चुके हैं। जबकि कई लोगों पर जानलेवा हमला भी हो चुके हैं। इस हत्याकांड ने कई घरों के लोगों से सुख-शांति छीन रखी है।