भिवानी नप घोटाला: पार्षद का भतीजा नगर परिषद के सिस्टम से काटता था फर्जी रसीदें, शिकायतों की झड़ी लगी
आरोपी नप कर्मचारी नहीं होने के बावजूद रसीदों पर साइन कर आमजन के रुपये को नप अकाउंट के बजाय अपनी जेब में डालता था। चेक घोटाल में नप कर्मचारियों से पुलिस ने पूछताछ की। रसीद घोटाले में शिकायतकर्ता सुशील वर्मा के बयान दर्ज किए गए।
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हरियाणा के भिवानी में नगर परिषद में चेक घोटाले के बाद अब शिकायतों की झड़ी लग गई है। हर रोज नए-नए घोटालों की शिकायतें पुलिस अधीक्षक के पास पहुंच रही है। कोई टैक्स रसीद घोटाला बता रहा है तो कोई सफाई घोटाला। रसीद घोटाले में सामने आया है कि नप कार्यालय में बैठकर नप कर्मी बनकर ही एक निवर्तमान पार्षद का भतीजा फर्जी रसीदें काटता था।
तरीका ऐसा होता था कि टैक्स भरने के लिए आने वाले किसी को कोई शक नहीं हो। इसके लिए अपना ही सॉफ्टवेयर था, जिसके माध्यम से रसीदें काटकर दी जाती थीं। इस मामले में शिकायतकर्ता सुशील वर्मा के बयान भी पुलिस की इकनॉमिक सेल ने दर्ज किए हैं। वहीं चेक घोटाले में भी नप अधिकारियों, कर्मचारियों को बुलाकर नप के बैंक संबंधित खातों के बारे में पूछताछ की गई।
शहर की सरकार के पिछले पांच साल जितने शांति से गुजरे कार्यकाल खत्म होने के बाद उतना ही ज्यादा घोटाले का शहर में हड़कंप मचा है। पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचीं अलग-अलग शिकायतों में 40 से 50 करोड़ के घोटाले के आरोप है। समाजसेवी सुशील वर्मा ने दो दिन पूर्व पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत देकर रसीदों में घोटाले के आरोप लगाए थे। शनिवार को उन्हें इकनॉमिक सेल में बुलाया गया, जहां उनके बयान दर्ज हुए।
उन्होंने रसीदें प्रस्तुत करते हुए बताया कि फर्जी रसीदें नप कार्यालय में तैयारी की गईं। नप के कंप्यूटर में ही अपना खुद का सॉफ्टवेयर डाल रखा था। जिसके माध्यम से कंप्यूटराइज्ड रसीदें काटकर उपभोक्ताओं को दी जाती थीं। उपभोक्ता समझते थे कि उनका टैक्स जमा हो गया, मगर वह राशि नप अकाउंट के बजाय निजी जेबों में जाती थीं। इस खेल में नप अधिकारी, कर्मचारियों के अलावा पदाधिकारी व कुछ निवर्तमान पार्षद भी शामिल थे, जिन्हें हर महीने आरोपी रुपये देता था।
नप के कितने अकाउंट, कितने बंद, कितने चालू
चेक घोटाला उजागर होने के बाद अब इकनॉमिक सेल की एसआईटी ने नप अधिकारियों, कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी है। शनिवार को भी अकाउंटेंट व अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की गई। जिसमें उनसे नगर परिषद के अकाउंट से संबंधित पूछताछ की। कितने अकाउंट, कितने बंद, कितने चालू आदि। जिसके बाद भुगतान हुई राशि का मिलान किया जाएगा। यहां बड़ा घोटाला उजागर होने की संभावना है। वहीं चेक घोटाले के शिकायतकर्ता सुदर्शन जिंदल से भी पुलिस ने बातचीत की। जिसमें उन्होंने उनके पास मौजूद सबूत दिखाये।
कई बड़े लोग फंस सकते हैं
नप में फर्जी रसीद का बड़ा घोटाला है। नप कार्यालय में ही सरकारी कर्मचारी बन एक पार्षद का भतीजा रसीदें काटता था। उसने अपना ही सॉफ्टवेयर बना रखा था, जिससे रसीदें निकालकर देता था। इसमें बड़ा घोटाला है और मैंने फर्जी रसीदें भी जांच कर रही पुलिस की इकनॉमिक सेल के अधिकारियों के समक्ष दी हैं। वहां मौजूद नप कर्मचारियों ने भी माना है कि ये रसीदें फर्जी हैं। मामले की पूरी जांच हो तो कई बड़े लोग फंस सकते हैं। -सुशील वर्मा, शिकायतकर्ता।
दोषियों पर होगी कार्रवाई
नप से संबंधित काफी शिकायतें हैं, जिनकी जांच चल रही है। जांच में नप कर्मचारियों, बैंक कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। हमारा प्रयास है जल्द से जल्द केस को पूरी तरह सुलझाया जाए। जिसमें जो दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -एसआई सतपाल सिंह, इंचार्ज पुलिस इकॉनोमिक सेल।
जांच कर जल्द करेंगे पूरा खुलासा
अभी हमारे सामने एक ही बैंक खाते के चेक सामने आए हैं, जबकि नप के काफी बैंक अकाउंट हैं। मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही इसका पूरा खुलासा किया जाएगा। ऑरिजनल चेक मिलने के बाद उन पर किए गए हस्ताक्षरों की जांच करवाई जाएगी। फर्जी रसीदों की शिकायत आई है, जिसकी जांच की जा रही है। - अजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक।