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Bhiwani: मनी लॉड्रिंग मामले में ED की शिकायत पर गोवर्धन माइंस मिनरल्स और सहयोगियों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज
Wed, 16 Aug 2023 06:36 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 16 Aug 2023 06:36 PM IST
सार
तीन अगस्त को ईडी ने डाडम पहाड़ में खनन करने वाली कंपनी गोवर्धन माइंस मिनरल्स कंपनी और उसके सहयोगियों के ठिकानों पर छापामारी की थी, आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए थे। तोशाम थाने में केस दर्ज कराया गया है।
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डाडम खान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
मनी लॉड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों की शिकायत पर भिवानी क्षेत्र में डाडम पहाड़ में खनन करने वाली गोवर्धन माइंस मिनरल्स कंपनी सहित उसकी सहयोगी कंपनियों एवं लोगों के खिलाफ तोशाम पुलिस थाना में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है।
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गत तीन अगस्त को गोवर्धन माइंस मिनरल्स कंपनी के वेदपाल सिंह तंवर के आवास सहित उसके सहयोगियों के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने छापामारी की थी। लगातार तीन दिनों तक ईडी की टीम ने दस्तावेज खंगाले थे। इस दौरान जांच में करोड़ों की बंदरबांट और आपत्तिजनक दस्तावेज भी ईडी के हाथ लगे थे। जिसके आधार पर ईडी ने इस मामले में कार्रवाई की है।
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तोशाम पुलिस थाना में दर्ज एफआईआर में मोनिका शर्मा विशेष निदेशक प्रवर्तन की ओर से हवाला दिया गया है कि हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भिवानी ने पर्यावरण मानदंडों के उल्लंघन के मामले में शिकायत दर्ज की थी। न्यायालय ने इस पर संज्ञान लिया। जिसके बाद तीन अगस्त को पीएमएलए की धारा 17 के तहत संबंधित फर्मों के ठिकानों पर तलाशी के दौरान विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज पाए गए जिन्हें जब्त किया गया।
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जिससे पता चला कि गोवर्धन माइंस एंड मिनरल्स द्वारा सैकड़ों की कीमत पर बड़े पैमाने पर अवैध और अवैज्ञानिक खनन किया गया है। करोड़ों रुपये और बेहिसाब नकदी जो काला धन की श्रेणी में आता है, को भागीदारों के बीच वितरित किया गया है। इसके अलावा पीएमएलए के तहत खोज के दौरान यह भी पाया गया कि मैसर्स गोवर्धन माइंस मिनरल्स का खनन पट्टा मेसर्स को उप पट्टा दिया गया था। हालांकि बाबा समाज को खनन अनुबंध की शर्तों के अनुसार उप पट्टे की अनुकति नहीं थी।
मैसर्स बाबा समाज का नियंत्रण भी वेदपाल तंवर के पास था। सुशीला तंवर, सुरेंद्र मलिक के साथ बाबा समाज में भागीदार थीं। इसलिए धोखाधड़ी के माध्यम से और खनन कार्यों को चलाने के लिए मैसर्स बाबा समाज द्वारा बेईमानी के माध्यम से अनुबंध का उपयोग किया गया था।
ईडी की तलाशी के दौरान यह भी पाया कि सुशीला तंवर और वेदपाल तंवर अनपढ़ हैं और पढ़ लिख नहीं सकते। उसने मैसर्स बाबा समाज गोवर्धन माइंस के बीच सब लीज डीड सहित सभी दस्तावेजों पर केवल अंगूठे के निशान का इस्तेमाल किया। इसके अलावा ईडी की तलाशी के दौरान वेदपाल तंवर के आवासीय परिसर से जब्त किए गए मोबाइल फोन से हस्ताक्षरित चेक की प्रतियां मिलीं, जो स्पष्ट रूप से इंगित करती हैं कि वे जाली थे जिनका उपयोग वेदपाल तंवर ने अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए किया था।
अवैध और अवैाानिक खनन की वजह से हुआ था डाडम पहाड़ में हादसा
ईडी ने अपनी शिकायत में यह भी बताया है कि एक जनवरी 2022 को डाडम माइंस साइट पर अवैज्ञानिक खनन के कारण चार लोगों की मौत हो गई थी। जिसे गोवर्धन माइंस मिनरल्स द्वारा चलाया और प्रबंधित किया गया था। पहले खनन सुंदर मार्केटिंग एसोसिएटस द्वारा किया जाता था। शिकायत में यह भी बताया कि गोवर्धन माइंस के सांझेदार नवीन गोयल, रमन सोखल हैं। वेदपाल तंवर, वजीर सिंह कुहाड़, सुरेंद्र मलिक, दीलीप गोदारा, सतपाल सिंह, अभिषेक अरोड़ा, मोहिंदर राणा, रविता और जेएसएल के निदेशक अकबाल सिंह भुल्लर व अन्य लोगों ने मिलकर डाडम माइंस खान और खनिज विकास और विनियम अधिनियम का उल्लंघन करते हुए बड़े पैमाने पर अवैध और अवैाानिक खनन किया है। जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ है।