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छिपने के लिए पीजी में रहता था इनामी बदमाश सतीश

ब्यूरो /अमर उजाला Updated Tue, 23 May 2017 01:39 AM IST
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इनामी बदमाश सतीश दुबलधन को ले जाती पुलिस।
इनामी बदमाश सतीश दुबलधन को ले जाती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

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जिले में दो हत्याओं को अंजाम देने वाला पचास हजार की इनामी बदमाश सतीश दुबलधन पुलिस को कई माह तक गच्चा देने में कामयाब रहा। वारदात के बाद ही वह जिले से फरार हो जाता था और दूसरे प्रदेशों में भी रहने चला जाता था। इस दौरान वह छिपने के लिए पीजी का इस्तेमाल करता था। ये खुलासा रिमांडवधि के दौरान खुद सतीश ने किया है। सोमवार को रिमांडवधि पूरी होने के बाद पुलिस ने उसे हत्याओं के मामले में कोर्ट में पेश किया।
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इसके बाद पुलिस ने एक फिरौति के मामले में उसे फिर से रिमांड पर लिया है। वहीं, चार दिन के रिमांड के दौरान दादरी सीआईए स्टाफ ने सतीश की निशानदेही पर दुबलधन-माजरा से जमीन में गढ़ी 30 बोर की पिस्तौल व दो कारतूस भी बरामद किए है। इससे पहले भी पुलिस उससे एक पिस्तौल व दो कारतूस बरामद कर चुकी है।

पुलिस के मुताबिक काला गैंग सरगना गांव साहुवास निवासी सतेंद्र उर्फ काला व ढाणी फौगाट निवासी खिलावनचंद की हत्या में दुबलधन निवासी सतीश भी प्रदीप कासनी के साथ शामिल था।

दोनों ही वारदातों में शामिल प्रदीप कासनी, सतीश दुबलधन व पवन बौंद पर एसपी सुनील दलाल ने इनाम घोषित किया था। पवन बौंद व सतीश दुबलधन पर पचास हजार जबकि प्रदीप कासनी पर बीस हजार रुपये का इनाम रखा गया था। वारदात के बाद पुलिस के हाथ इन तक नहीं पहुंच पाए थे। इसके कुछ दिन बाद पुलिस ने पहले प्रदीप कासनी को उसके गुर्गों समेत राजस्थान से गिरफ्तार किया था। इसके बाद भिवानी सीआईए ने पवन बौंद को भी गिरफ्तार कर लिया था। करीब सप्ताहभर पूर्व सतीश दुबलधन गोहाना एसआईटी के हत्थे चढ़ गया।

पुलिस ने उसके पास एक अवैध पिस्तौल व दो जिंदा कारतूस बरामद किए। इसके बाद दादरी जिला पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई थी। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर हत्याओं संबंधित पूछताछ करने के लिए चार दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांडवधि के दौरान सतीश दुबलधन ने पुलिस को बताया कि वह दोनों ही हत्याओं के बाद जिले से फरार हो गया था। सतीश दुबलधन ने बताया कि पुलिस से बचने के लिए उसने राजस्थान, उत्तर प्रदेश सहित हरियाणा के सोनीपत, नारनौल, रोहतक आदि जिलों में अपना ठिकाना बनाया। सतीश दुबलधन ने बताया कि वह छिपने के लिए एक माह के लिए पीजी में रहता था और इसके बाद ठिकाना बदल देता था। सतीश दुबलधन ने बताया कि उसकी मुलाकात जेल में हुई थी और इसके बाद वह प्रदीप कासनी गैंग से जुड़ गया।

वहीं, सतीश दुबलधन की निशानदेही पर दादरी सीआईए स्टाफ ने दुबलधन माजरा स्थित उसके मकान के समीप से जमीन में गढ़ी एक 30 बोर का पिस्तौल व दो कारतूस भी बरामद किए। रिमांडवधि पूरी होने के बाद सोमवार को पुलिस ने उसे फिर से कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने हत्याओं के बाद गांव रावलधी निवासी राहुल से फिरौती मांगने के मामले में उसे फिर से रिमांड पर ले लिया है।

भाई की हत्या का बदला लेने की फिराक में जा रहा था सोनीपत
सतीश दुबलधन को गोहाना एसआईटी ने गिरफ्तार किया था। गोहाना क्षेत्र से पकड़े जाने संबंधी पुलिस पूछताछ में सतीश दुबलधन ने बताया कि उसके भाई की हत्या में कातिया नामक युवक का भी हाथ था। ये युवक फिलहाल अपनी बुआ के पास सोनीपत रह रहा है। सतीश दुबलधन ने बताया कि उससे अपनी भाई की हत्या का बदला लेने की फिराक में ही वह सोनीपत जा रहा था लेकिन बीच में ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
वर्जन:
चार दिन की रिमांडवधि पूरी होने के बाद सोमवार को सतीश दुबलधन को कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर दुबलधन-माजरा स्थित उसके मकान के समीप से एक 30 बोर की पिस्तौल व दो कारतूस भी बरामद किए है।
हितेंद्र दांगी, सीआईए प्रभारी

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