फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   court,judge, woman, advocate, charkhidadri

कोर्ट रूम में महिला जज से अभद्र व्यवहार, वकीलों का वर्क सस्पेंड

Sat, 13 May 2017 01:48 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
ब्यूरो /अमर उजाला Updated Sat, 13 May 2017 01:48 AM IST
विज्ञापन
court,judge, woman, advocate, charkhidadri
जज से अभद्र व्यवहार करने का मामला - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जमीन के एक मामले की सुनवाई के दौरान शुक्रवार सुबह महिला एसडीजेएम (सीनियर डिवीजन ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट) के साथ कोर्ट रूम में याचिकाकर्ता द्वारा अभद्र व्यवहार करने का मामला प्रकाश में आया है। मामले में महिला जज ने तत्काल गिरफ्तारी के आदेश जारी कर याचिकाकर्ता के खिलाफ सिटी थाने में सरकारी काम में बाधा डालने और जज के साथ अभद्र व्यवहार करने का मामला दर्ज कराया।
विज्ञापन


पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में पेश किया। वहां से आरोपी को जमानत मिल गई है। उधर जिला बार एसोसिएशन ने आपात बैठक बुलाकर कड़ा विरोध जताया और वर्क सस्पेंड की घोषणा कर दी। एसपी से मिलकर अधिवक्ताओं ने कोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की मांग की। महिला जज की अदालत में ही याचिकाकर्ता की जमीन पर अवैध कब्जे का मामला विचाराधीन है। आरोपी ने केंद्रीय इस्पात मंत्री, कांग्रेस विधायक दल की नेता और गुरुग्राम सांसद का करीबी होने का दावा किया है। फेसबुक पर इन नेताओं के साथ उसकी फोटो पोस्ट हैं।
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार दादरी की एमसी कॉलोनी निवासी राजेंद्र उर्फ रज्जू अहलावत ने एसडीजेएम अंकिता शर्मा की अदालत में बस स्टैंड के बैक साइड में उसकी खाली पड़ी जमीन से अवैध कब्जा हटवाने संबंधी याचिका दायर की थी। बताया जा रहा है कि कुछ माह पहले कोर्ट ने राजेंद्र उर्फ रज्जू के पक्ष में फैसला सुनाकर तहसीलदार राजकुमार अरोड़ा को कब्जा कार्रवाई के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने पुलिस बल की सहायता के बिना कब्जा कार्रवाई पूरी नहीं होने संबंधी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी थी। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को तहसीलदार द्वारा जमा कराई रिपोर्ट के मामले की सुनवाई हो रही थी। इसी दौरान शिकायतकर्ता राजेंद्र सिंह उर्फ रज्जू अहलावत ने कोर्ट रूम में अभद्र व्यवहार कर हंगामा शुरू कर दिया।

जज अंकिता शर्मा ने तत्काल उसकी गिरफ्तारी के आदेश जारी कर सिटी थाने में रज्जू अहलावत के खिलाफ अभद्र व्यवहार करने और सरकारी काम में बाधा डालने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपी को जिला एवं सत्र न्यायाधीश भिवानी की अदालत में पेश किया गया।

मामले में सिटी थाना एसएचओ विकास ओलहान का कहना है कि आरोपी को जमानत मिल गई है। इससे पहले बार एसोसिएशन ने प्रधान दयानंद की अध्यक्षता में आपात बैठक बुलाकर इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा कर वर्क सस्पेंड की घोषणा कर दी। आरोपी केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह, गुरुग्राम सांसद राव इंद्रजीत सिंह, कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी का करीबी बताया जा रहा है। फेसबुक पर इन नेताओं के साथ विभिन्न मंचों पर ली गई तस्वीरें पोस्ट की हुई हैं।

अधिवक्ताओं ने की सुरक्षा बढ़ाने की मांग
बैठक में वर्क सस्पेंड का फैसला लेने के बाद बार एसोसिएशन प्रधान एडवोकेट दयानंद, सचिव देवेंद्र चाहर, कोषाध्यक्ष सचिन सिवाच सहित अन्य पदाधिकारियों ने एसपी सुनील दलाल से मुलाकात की। एसपी के समक्ष उन्होंने मामले में उचित कार्रवाई करने के साथ-साथ कोर्ट में सुरक्षा बढ़ाने के लिए पुलिस चौकी या गार्ड तैनात करने की मांग की। एसपी सुनील दलाल ने अधिवक्ताओं को आरोपी पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने और उसे गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। एसपी ने जरूरत के मुताबिक कोर्ट की सुरक्षा में इजाफा करने का भी आश्वासन अधिवक्ताओं को दिया।

छह माह तक की सजा का है प्रावधान
बार एसोसिएशन कोषाध्यक्ष एडवोकेट सचिन सिवाच ने बताया कि आरोपी राजेंद्र पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 186 व 228 के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें धारा 186 सरकारी काम में बाधा डालने की है। इसमें तीन माह की सजा का प्रावधान है। वहीं, धारा 228 जज के साथ अभद्र व्यवहार पर लगाई गई है। इसमें छह माह की सजा का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि अगर कोई जज के साथ धक्का-मुक्की करता है तो इस मामले में आईपीसी की धारा 353 लगाई जाती है जोकि गैर जमानती है।

वर्जन::
हमने न्यायाधीश की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी राजेंद्र उर्फ रज्जू अहलावत को गिरफ्तार कर लिया है। बाद में उसे भिवानी कोर्ट में पेश किया गया। - सुनील दलाल, एसपी
 
कोर्ट रूम में इस तरह की घटनाएं निंदनीय हैं। न्यायाधीश के साथ ही अगर इस तरह की घटनाएं होंगी तो आमजन कहां सुरक्षित रहेगा। बार एसोसिएशन इस घटना की कड़ी निंदा कर कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की मांग करती है। बार ने विरोध स्वरूप शुक्रवार को वर्क सस्पेंड रखा।  - एडवोकेट दयानंद, प्रधान बार एसोसिएशन

 
कोर्ट ने एक जमीन मामले पर राजेंद्र अहलावत का मालिकाना हक मानकर मुझे कब्जा कार्रवाई के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया था। इस मामले में हमने पुलिस बल की मदद की आवश्यकता होने की रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत कर दी थी। - राजकुमार अरोड़ा, तहसीलदार
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed