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रिश्वतखोर बिल्डिंग इंस्पेक्टर को तीन साल कैद
ब्यूरो/अमर उजाला भिवानी
Updated Fri, 18 Dec 2015 01:27 AM IST
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भिवानी। नक्शा पास करने के बदले रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े गए नगर परिषद के बिल्डिंग इंस्पेक्टर को दोषी करार देते हुए तीन साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। यह फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र शर्मा की अदालत ने सुनाया।
मामला जनवरी 2014 का है। सेक्टर वासी जितेंद्र नामक व्यक्ति ने विजिलेंस में शिकायत की कि विद्यानगर स्थित उसकी जमीन का नक्शा पास करने के बदले बिल्डिंग इंस्पेक्टर संजीव अरोड़ा रिश्वत मांग रहा है और रिश्वत नहीं दिए जाने के कारण न केवल उसका नक्शा पास किया जा रहा है बल्कि उसके चक्कर भी कटवाए जा रहे है। इस पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस ने दबिश देकर बिल्डिंग इंस्पेक्टर संजीव अरोड़ा को 10 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इसी मामले में सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र शर्मा की अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। संजीव अरोड़ा को भ्रष्टाचार अधिनियम सेक्शन सात के तहत तीन साल कैद व सेक्शन एक-डी के तहत तीन साल की कैद की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा पांच हजार रुपये जुर्माना किया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर तीन साल की अतिरिक्त सजा होगी।
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मामला जनवरी 2014 का है। सेक्टर वासी जितेंद्र नामक व्यक्ति ने विजिलेंस में शिकायत की कि विद्यानगर स्थित उसकी जमीन का नक्शा पास करने के बदले बिल्डिंग इंस्पेक्टर संजीव अरोड़ा रिश्वत मांग रहा है और रिश्वत नहीं दिए जाने के कारण न केवल उसका नक्शा पास किया जा रहा है बल्कि उसके चक्कर भी कटवाए जा रहे है। इस पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस ने दबिश देकर बिल्डिंग इंस्पेक्टर संजीव अरोड़ा को 10 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इसी मामले में सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र शर्मा की अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। संजीव अरोड़ा को भ्रष्टाचार अधिनियम सेक्शन सात के तहत तीन साल कैद व सेक्शन एक-डी के तहत तीन साल की कैद की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा पांच हजार रुपये जुर्माना किया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर तीन साल की अतिरिक्त सजा होगी।
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