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तार बांधा और ट्रैक्टर से उखाड़ दी मशीन
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Sat, 02 Jul 2016 12:20 AM IST
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एटीएम उखाड़ने के आरोपी पकड़े
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एटीएम को तार से लपेटा और ट्रैक्टर की सहायता से उसे उखाड़ दी। फिर ट्रैक्टर की ही घड़ौली में डालकर ले गए। मशीन उखाड़ने की वारदात को दो युवकों ने अंजाम दिया। एटीएम में भले ही दो लाख 57 हजार रुपये की नगदी हो मगर दोनों युवकों को मशीन उखाड़ने के बदले में फिलहाल 10-10 हजार रुपये ही मिले है। इस पूरे प्लान का मास्टर माइंड हत्या के एक मामले में जेल में बंद है और पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तैयारी कर रही है।
बता दें कि 23 जनवरी को तोशाम बाइपास नजदीक ऑटो मार्केट आईडीबीआई बैंक का एटीएम उखाड़ लिया गया था। एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ के इंचार्ज कृष्ण कुमार को मिली गुप्त सूचना के बाद लेघा गांव में छापा मारा और दो युवकों को दबोच लिया। युवकों की पहचान लेघा वासी सोनू व चंदाना-बाबरवास वासी रामअवतार उर्फ धोलिया के रूप में हुई। दोनों ने मिलकर तोशाम बाइपास पर आईडीबीआई बैंक का एटीएम उखाड़ा था। पूछताछ में दोनों बताया कि पूरी प्लानिंग गांव के ही एक अन्य युवक सोनू की थी। वे दोनों अपने परिवार के ही सदस्य ओमपाल का ट्रैक्टर मांग कर लेकर गए और आईडीबीआई बैंक के एटीएम को तार बांध कर उखाड़ लिया। ट्रैक्टर में ही डालकर एटीएम को लेघां गांव के खेतों में लाए और सोनू को दे दिया। सोनू ने एटीएम छुपाया और दोनों को 10-10 हजार रुपये दिए। मामले में इंचार्ज कृष्ण कुमार मलिक ने बताया कि दोनों को एक दिन के रिमांड पर लिया गया है और सोनू जो कि हत्या के मामले में जेल में बंद है को प्रोडक्शन वारंट पर लाया जाएगा ताकि एटीएम बरामद की जा सके। दोनों के कब्जे से 17 हजार रुपये की नगदी बरामद हुई है। पुलिस टीम में एचसी देवेंद्र, सुभाष, ईएसआई प्रताप सिंह, सिपाही दीपक, विकास, सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।
पैरोल पर आया और उखड़वा दिया एटीएम
लेघा गांव का युवक सोनू वर्ष 2011 में तोशाम थाना के तहत हुई हत्या में सजायाफ्ता है। उसने देवसर गांव के एक युवक की हत्या की थी। वह जनवरी माह में पैरोल पर आया था और गांव के युवक सोनू व गांव के भांजे धोलिया उर्फ रामअवतार के साथ मिलकर एटीएम लूट डाली।
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लोहारू, बाढड़ा, ढिगावा में मिली नाकामयाबी
पुलिस पूछताछ में दोनों ने बताया कि एटीएम लूटने के लिए वे लोहारू, बाढड़ा, ढिगावा भी गए मगर कामयाबी नहीं मिली। लोहारू में गार्ड मिला तो ढिगावा में एक फैक्ट्री कर्मचारी आ गया। जिसके बाद वे भिवानी आए और भिवानी तोशाम बाइपास पर न गार्ड था और न ही वहां चौकीदार।
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बता दें कि 23 जनवरी को तोशाम बाइपास नजदीक ऑटो मार्केट आईडीबीआई बैंक का एटीएम उखाड़ लिया गया था। एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ के इंचार्ज कृष्ण कुमार को मिली गुप्त सूचना के बाद लेघा गांव में छापा मारा और दो युवकों को दबोच लिया। युवकों की पहचान लेघा वासी सोनू व चंदाना-बाबरवास वासी रामअवतार उर्फ धोलिया के रूप में हुई। दोनों ने मिलकर तोशाम बाइपास पर आईडीबीआई बैंक का एटीएम उखाड़ा था। पूछताछ में दोनों बताया कि पूरी प्लानिंग गांव के ही एक अन्य युवक सोनू की थी। वे दोनों अपने परिवार के ही सदस्य ओमपाल का ट्रैक्टर मांग कर लेकर गए और आईडीबीआई बैंक के एटीएम को तार बांध कर उखाड़ लिया। ट्रैक्टर में ही डालकर एटीएम को लेघां गांव के खेतों में लाए और सोनू को दे दिया। सोनू ने एटीएम छुपाया और दोनों को 10-10 हजार रुपये दिए। मामले में इंचार्ज कृष्ण कुमार मलिक ने बताया कि दोनों को एक दिन के रिमांड पर लिया गया है और सोनू जो कि हत्या के मामले में जेल में बंद है को प्रोडक्शन वारंट पर लाया जाएगा ताकि एटीएम बरामद की जा सके। दोनों के कब्जे से 17 हजार रुपये की नगदी बरामद हुई है। पुलिस टीम में एचसी देवेंद्र, सुभाष, ईएसआई प्रताप सिंह, सिपाही दीपक, विकास, सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।
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पैरोल पर आया और उखड़वा दिया एटीएम
लेघा गांव का युवक सोनू वर्ष 2011 में तोशाम थाना के तहत हुई हत्या में सजायाफ्ता है। उसने देवसर गांव के एक युवक की हत्या की थी। वह जनवरी माह में पैरोल पर आया था और गांव के युवक सोनू व गांव के भांजे धोलिया उर्फ रामअवतार के साथ मिलकर एटीएम लूट डाली।
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लोहारू, बाढड़ा, ढिगावा में मिली नाकामयाबी
पुलिस पूछताछ में दोनों ने बताया कि एटीएम लूटने के लिए वे लोहारू, बाढड़ा, ढिगावा भी गए मगर कामयाबी नहीं मिली। लोहारू में गार्ड मिला तो ढिगावा में एक फैक्ट्री कर्मचारी आ गया। जिसके बाद वे भिवानी आए और भिवानी तोशाम बाइपास पर न गार्ड था और न ही वहां चौकीदार।