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सड़क हादसे में दो परिवारों के बुझे चिराग
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Thu, 04 May 2017 12:38 AM IST
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डंपर ने बाइक सवार दो सगे भाइयों समेत तीन युवकों को कुचल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
इमलोटा में बुधवार सुबह सड़क हादसे में दो परिवारों के चिराग बुझ गए। सब कुछ इतना जल्दी हुआ कि दोनों बाइक पर सवार युवकों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। हादसे में गांव इमलोटा के तीन युवकों की मौत हो गई जबकि दूसरी बाइक पर सवार चौथा युवक सेज पहाड़ीपुर निवासी जग्गू गंभीर रूप से घायल हो गया।
इस हादसे में एक परिवार ने अपने दो लाल वहीं दूसरे परिवार से छोटी बहन ने अपने इकलौते भाई को खो दिया। मृतक तीसरे युवक मोनू के माता-पिता की भी दो अलग-अलग हादसों में मौत पहले ही हो चुकी है। मृतक युवक मोनू अपनी छोटी बहन समेत माता-पिता की मौत के बाद ताऊ के परिवार के साथ रह रहा था।
इस हादसे के बाद हर ग्रामीण की आंख नम थी तो वहीं दुकानदारों ने भी घटना के बाद दुकानें बंद कर दी। बुधवार देर शाम गांव में तीनों का अंतिम संस्कार कर दिया। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे एसपी सुनील दलाल व एडीसी जसबीर सिंह आर्य ने भी शोक संलिप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की। मृतक भाईयों मनीष व टिंकू की मौत से गांव के युवा तक भावुक नजर आए। इन दोनों को पहलवानी का शौक था और इनमें से मनीष 10वीं कक्षा का छात्र था जबकि उसका बड़ा भाई टिंकू 12वीं की परीक्षा पास कर पहलवानी के साथ सेना भर्ती की भी तैयारियां कर रहा था। तीसरा मृतक युवक मोनू 12वीं पास कर चुका था। दोनों मृतक भाईयों सहित तीनों युवक अच्छे दोस्त भी थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मनीष व टिंकू को देखकर मोनू भी उनके पास जा पहुंचा था और इसके कुछ मिनट बाद ही यह हादसा हो गया।
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बताया जा रहा है कि झज्जर से आ रहा डंपर तेज रफ्तार के साथ रॉग साइड में भी चल रहा था। सबसे पहले डंपर ने सेज पहाड़ीपुर निवासी मिस्त्री जग्गू की बाइक को टक्कर मारी। इसके बाद जग्गू बाइक सहित सड़क किनारे जा गिरा और गंभीर रूप से चोटिल हो गया। इसके बाद डंपर अनियंत्रित होकर एकाएक सड़क के दूसरी तरफ चला गया। इसी दौरान सड़क से करीब दस फीट हटकर कच्चे में बाइक लेकर खड़े दोनों सगे भाईयों मनीष व टिंकू सहित मोनू को सीधी टक्कर मार दी। इसके बाद बाइक पर बैठे दोनों भाईयों व वहां खड़े तीसरे युवक को डंपर अपने साथ घसीटता हुआ करीब 20 फीट तक ले गया। इस दौरान डंपर ने बूस्टिंग स्टेशन की दीवार सहित एक खोखा भी तोड़ दिया।
तीन घंटे मुख्यमार्ग रहा जाम, रूट करवाना पड़ा डायवर्ट
घटना से गुस्साएं ग्रामीण सड़क पर उतर आए। देखते ही देखते मौके पर करीब चार सौ से पांच सौ लोग एकत्र हो गए। इस दौरान जाम में भारी वाहन फंस गए। सदर थाना पुलिस टीम सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को जाम खोलने के लिए मनाने का प्रयास किया। इस दौरान ग्रामीणों ने शव उठाने से इंकार कर प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर बुलाने की बात कही। अधिकारियों के पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने उनके सामने मांगें रखी और अधिकारियों ने उन्हें इन्हें पूरा करने का अश्वासन दिया। इस दौरान करीब तीन घंटे तक मुख्यमार्ग जाम रहा। मामले के गंभीरता को समझते हुए अचीना ताल चौकी प्रभारी पवन कुमार ने मोरवाला से दुबलधन रोड पर नाका लगाकर ट्रैफिक डायवर्ट करवा दिया। झज्जर व दिल्ली की तरफ जाने वाले वाहन चालकों को वाया बेरी होकर अपने गंतव्य स्थान पर पहुंचना पड़ा।
अधिकारियों के पहुंचने पर भड़के युवा, बुजुर्गों ने बनवाई व्यवस्था
अचीना ताल रोडवेज बस कांड को देखते हुए यहां भी हंगामे के आसार नजर आ रहे थे। एसपी व एडीसी के मौके पर पहुंचने व ग्रामीणों से बातचीत करने के दौरान एकाएक युवा भड़क गए। युवाओं ने चार दिन पहले जाम लगाने पर भी यहां स्पीड ब्रेकर निर्माण में सुस्ती बरतने पर अधिकारियों के सामने रोष प्रकट किया। युवाओं का कहना था कि अगर उस समय गंभीरता से लेकर अधिकारी ब्रेकर बनवा देते तो यह हादसा नहीं होता। इस दौरान अचीना कांड जैसे हालात पैदा न हो इसके लिए बुजुर्गों ने युवाओं को अधिकारियों से दूर कर व्यवस्था बनाए रखी।
ग्रामीणों का रोष पड़ रहा वाहन चालकों पर भारी
बीते अगर बीस दिनों की बात करें तो जिले में जाम लगाने की आधा दर्जन से घटनाएं हो चुकी है। सबसे अहम बात यह है कि सभी जाम मुख्यमार्ग पर ही लगाए गए। गांव चरखी में बिजली किल्लत को लेकर जहां ग्रामीणों ने तीन-चार घंटों तक दादरी-भिवानी मुख्यमार्ग व एक अन्य गांव के ग्रामीणों ने दादरी-लोहारू मुख्यमार्ग को जाम रखा था। वहीं, अचीना में दो दिन पहले रोडवेज बस की चपेट में आने से ग्रामीणों ने दादरी-दिल्ली मुख्यमार्ग को तीन घंटे तक जाम रखने के साथ-साथ बस को भी आग लगा दी थी। बुधवार को इमलोटा में भी करीब तीन घंटे जाम रहा। ऐसे में लंबे समय तक वाहन चालक जाम में फंस रहे हैं और ग्रामीणों का रोष वाहन चालकों पर भारी पड़ता नजर आ रहा है।
पंचायत बाईपास का रेजुलेशन पास कर सौंपेगी प्रशासन को
हादसे के बाद मौके पर पहुंचे एसपी व एडीसी के सामने ग्रामीणों ने एक बाईपास निर्माण की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि नेशनल हाइवे होने के चलते हर रोज करीब आठ से दस हजार वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं और अक्सर यहां हादसे होते रहते हैं। ग्रामीणों की बाईपास निर्माण की मांग पर अधिकारियों ने भी कुछ हद तक अपनी सहमति जता दी। इसके बाद अधिकारियों ने ग्रामीणों को इस संबंध में एक रेजुलेशन पास करने के निर्देश दिए। इसके बाद ग्राम पंचायत ने सरकार के पास भेजने के लिए इस संबंध में रेजुलेशन तैयार कर प्रशासन को सौंपने की घोषणा भी की।
ग्रामीणों की मांगों पर अधिकारियों ने ये दिए आश्वासन
एसपी सुनील दलाल से ग्रामीणों ने स्पीड ब्रेकर बनवाने की सबसे पहली मांग की। ग्रामीणों की इस मांग को एसपी ने शीघ्र प्रभाव से पूरा करवाने का आश्वासन देते हुए मौके पर पीडब्ल्यूडी कर्मचारियों को बुलाकर स्पीड ब्रेकर का निर्माण करवा दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने भारी वाहनों की रफ्तार व नशेड़ी चालकों पर लगाम लगाने के लिए एक इंटरसेप्टर यहां तैनात करने की मांग की। एसपी ने इस संबंध में जिला की पहली इंटसेप्टर आने तक यहां एक पीसीआर तैनात करने का आश्वासन दिया। डंपर में शराब की आधी बोतल व नमकीन मिलने पर ग्रामीणों ने चालक पर गैर इरादन हत्या का केस दर्ज करने की तीसरी मांग रखी। इस मांग को भी एसपी ने पूरा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा व नौकरी देने की भी मांग की। इस संबंध में एडीसी ने पंचायत को लिखित में प्रस्ताव देने व उसके बाद आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद सरकार को भेजने का आश्वासन दिया।
वर्जन::
ग्रामीणों ने कुछ मांगें हमारे सामने रखी थीं। इनमें से कुछ को तो हमने पूरा करने का आश्वासन दे दिया जबकि बाईपास की मांग को लेकर पंचायत को रेजुलेशन सौंपने का तर्क हमने दिया है। मुआवजे व नौकरी की मांग पर आवश्यक कार्रवाई कर प्रशासन सरकार को यह मांग भेज देंगे।
जसबीर सिंह आर्य, एडीसी
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इस हादसे में एक परिवार ने अपने दो लाल वहीं दूसरे परिवार से छोटी बहन ने अपने इकलौते भाई को खो दिया। मृतक तीसरे युवक मोनू के माता-पिता की भी दो अलग-अलग हादसों में मौत पहले ही हो चुकी है। मृतक युवक मोनू अपनी छोटी बहन समेत माता-पिता की मौत के बाद ताऊ के परिवार के साथ रह रहा था।
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इस हादसे के बाद हर ग्रामीण की आंख नम थी तो वहीं दुकानदारों ने भी घटना के बाद दुकानें बंद कर दी। बुधवार देर शाम गांव में तीनों का अंतिम संस्कार कर दिया। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे एसपी सुनील दलाल व एडीसी जसबीर सिंह आर्य ने भी शोक संलिप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की। मृतक भाईयों मनीष व टिंकू की मौत से गांव के युवा तक भावुक नजर आए। इन दोनों को पहलवानी का शौक था और इनमें से मनीष 10वीं कक्षा का छात्र था जबकि उसका बड़ा भाई टिंकू 12वीं की परीक्षा पास कर पहलवानी के साथ सेना भर्ती की भी तैयारियां कर रहा था। तीसरा मृतक युवक मोनू 12वीं पास कर चुका था। दोनों मृतक भाईयों सहित तीनों युवक अच्छे दोस्त भी थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मनीष व टिंकू को देखकर मोनू भी उनके पास जा पहुंचा था और इसके कुछ मिनट बाद ही यह हादसा हो गया।
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बताया जा रहा है कि झज्जर से आ रहा डंपर तेज रफ्तार के साथ रॉग साइड में भी चल रहा था। सबसे पहले डंपर ने सेज पहाड़ीपुर निवासी मिस्त्री जग्गू की बाइक को टक्कर मारी। इसके बाद जग्गू बाइक सहित सड़क किनारे जा गिरा और गंभीर रूप से चोटिल हो गया। इसके बाद डंपर अनियंत्रित होकर एकाएक सड़क के दूसरी तरफ चला गया। इसी दौरान सड़क से करीब दस फीट हटकर कच्चे में बाइक लेकर खड़े दोनों सगे भाईयों मनीष व टिंकू सहित मोनू को सीधी टक्कर मार दी। इसके बाद बाइक पर बैठे दोनों भाईयों व वहां खड़े तीसरे युवक को डंपर अपने साथ घसीटता हुआ करीब 20 फीट तक ले गया। इस दौरान डंपर ने बूस्टिंग स्टेशन की दीवार सहित एक खोखा भी तोड़ दिया।
तीन घंटे मुख्यमार्ग रहा जाम, रूट करवाना पड़ा डायवर्ट
घटना से गुस्साएं ग्रामीण सड़क पर उतर आए। देखते ही देखते मौके पर करीब चार सौ से पांच सौ लोग एकत्र हो गए। इस दौरान जाम में भारी वाहन फंस गए। सदर थाना पुलिस टीम सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को जाम खोलने के लिए मनाने का प्रयास किया। इस दौरान ग्रामीणों ने शव उठाने से इंकार कर प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर बुलाने की बात कही। अधिकारियों के पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने उनके सामने मांगें रखी और अधिकारियों ने उन्हें इन्हें पूरा करने का अश्वासन दिया। इस दौरान करीब तीन घंटे तक मुख्यमार्ग जाम रहा। मामले के गंभीरता को समझते हुए अचीना ताल चौकी प्रभारी पवन कुमार ने मोरवाला से दुबलधन रोड पर नाका लगाकर ट्रैफिक डायवर्ट करवा दिया। झज्जर व दिल्ली की तरफ जाने वाले वाहन चालकों को वाया बेरी होकर अपने गंतव्य स्थान पर पहुंचना पड़ा।
अधिकारियों के पहुंचने पर भड़के युवा, बुजुर्गों ने बनवाई व्यवस्था
अचीना ताल रोडवेज बस कांड को देखते हुए यहां भी हंगामे के आसार नजर आ रहे थे। एसपी व एडीसी के मौके पर पहुंचने व ग्रामीणों से बातचीत करने के दौरान एकाएक युवा भड़क गए। युवाओं ने चार दिन पहले जाम लगाने पर भी यहां स्पीड ब्रेकर निर्माण में सुस्ती बरतने पर अधिकारियों के सामने रोष प्रकट किया। युवाओं का कहना था कि अगर उस समय गंभीरता से लेकर अधिकारी ब्रेकर बनवा देते तो यह हादसा नहीं होता। इस दौरान अचीना कांड जैसे हालात पैदा न हो इसके लिए बुजुर्गों ने युवाओं को अधिकारियों से दूर कर व्यवस्था बनाए रखी।
ग्रामीणों का रोष पड़ रहा वाहन चालकों पर भारी
बीते अगर बीस दिनों की बात करें तो जिले में जाम लगाने की आधा दर्जन से घटनाएं हो चुकी है। सबसे अहम बात यह है कि सभी जाम मुख्यमार्ग पर ही लगाए गए। गांव चरखी में बिजली किल्लत को लेकर जहां ग्रामीणों ने तीन-चार घंटों तक दादरी-भिवानी मुख्यमार्ग व एक अन्य गांव के ग्रामीणों ने दादरी-लोहारू मुख्यमार्ग को जाम रखा था। वहीं, अचीना में दो दिन पहले रोडवेज बस की चपेट में आने से ग्रामीणों ने दादरी-दिल्ली मुख्यमार्ग को तीन घंटे तक जाम रखने के साथ-साथ बस को भी आग लगा दी थी। बुधवार को इमलोटा में भी करीब तीन घंटे जाम रहा। ऐसे में लंबे समय तक वाहन चालक जाम में फंस रहे हैं और ग्रामीणों का रोष वाहन चालकों पर भारी पड़ता नजर आ रहा है।
पंचायत बाईपास का रेजुलेशन पास कर सौंपेगी प्रशासन को
हादसे के बाद मौके पर पहुंचे एसपी व एडीसी के सामने ग्रामीणों ने एक बाईपास निर्माण की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि नेशनल हाइवे होने के चलते हर रोज करीब आठ से दस हजार वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं और अक्सर यहां हादसे होते रहते हैं। ग्रामीणों की बाईपास निर्माण की मांग पर अधिकारियों ने भी कुछ हद तक अपनी सहमति जता दी। इसके बाद अधिकारियों ने ग्रामीणों को इस संबंध में एक रेजुलेशन पास करने के निर्देश दिए। इसके बाद ग्राम पंचायत ने सरकार के पास भेजने के लिए इस संबंध में रेजुलेशन तैयार कर प्रशासन को सौंपने की घोषणा भी की।
ग्रामीणों की मांगों पर अधिकारियों ने ये दिए आश्वासन
एसपी सुनील दलाल से ग्रामीणों ने स्पीड ब्रेकर बनवाने की सबसे पहली मांग की। ग्रामीणों की इस मांग को एसपी ने शीघ्र प्रभाव से पूरा करवाने का आश्वासन देते हुए मौके पर पीडब्ल्यूडी कर्मचारियों को बुलाकर स्पीड ब्रेकर का निर्माण करवा दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने भारी वाहनों की रफ्तार व नशेड़ी चालकों पर लगाम लगाने के लिए एक इंटरसेप्टर यहां तैनात करने की मांग की। एसपी ने इस संबंध में जिला की पहली इंटसेप्टर आने तक यहां एक पीसीआर तैनात करने का आश्वासन दिया। डंपर में शराब की आधी बोतल व नमकीन मिलने पर ग्रामीणों ने चालक पर गैर इरादन हत्या का केस दर्ज करने की तीसरी मांग रखी। इस मांग को भी एसपी ने पूरा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा व नौकरी देने की भी मांग की। इस संबंध में एडीसी ने पंचायत को लिखित में प्रस्ताव देने व उसके बाद आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद सरकार को भेजने का आश्वासन दिया।
वर्जन::
ग्रामीणों ने कुछ मांगें हमारे सामने रखी थीं। इनमें से कुछ को तो हमने पूरा करने का आश्वासन दे दिया जबकि बाईपास की मांग को लेकर पंचायत को रेजुलेशन सौंपने का तर्क हमने दिया है। मुआवजे व नौकरी की मांग पर आवश्यक कार्रवाई कर प्रशासन सरकार को यह मांग भेज देंगे।
जसबीर सिंह आर्य, एडीसी