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कानूनगो के नीचे ड्यूटी का विरोध करने पर 15 प्रोफेसरों पर केस
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भिवानी। चुनाव प्रक्रिया में कानूनगो के नीचे सामान लाने और ले जाने की ड्यूटी लगाने पर एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर ने ट्रेनिंग के दौरान नाराजगी जताई। नाराज एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर कुर्सियां छोड़ जमीन पर बैठ गए। जिससे ट्रेनिंग के दौरान हंगामे की स्थिति बनी और ट्रेनिंग रोकनी पड़ी। हालांकि बाद में ट्रेनिंग पूरी की गई। वहीं सहायक रिटर्निंग अधिकारी कम एसडीएम ने इसकी शिकायत सिविल लाइन थाना में दी। जिस पर पुलिस ने 14 एसोसिएट प्रोफेसर और एक प्रोफेसर के खिलाफ चुनावी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने का केस दर्ज किया है।
लोकसभा चुनाव शांतिपूर्वक कराने से पहले ही चुनावी डयूटी दे रहे कर्मचारियों की अशांति ने प्रशासनिक अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ताजा मामला अब पंचायत भवन का है, जहां चुनावी ड्यूटी दे रहे कर्मचारियों की ट्रेनिंग के दौरान कुछ एसोसिएट प्रोफेसरों ने ड्यूटी को लेकर विरोध जताया और कुर्सियां छोड़ जमीन पर बैठ गए। चुनावी ट्रेनिंग करा रहे अधिकारियों को यह बात अखर गई और सहायक रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम भिवानी ने मामले की शिकायत सिविल लाइन पुलिस को दी।
लोकसभा चुनाव को लेकर 57 भिवानी विधानसभा क्षेत्र के सहायक रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम भिवानी ने सिविल लाइन पुलिस थाने में दी शिकायत में बताया कि एक मई को पंचायत भवन में चुनाव सामान को वितरण एवं प्राप्त करने के लिए कर्मचारियों व अधिकारियों का प्रशिक्षण शिविर लगाया गया था। जिसमें नोडल अधिकारी (चुनाव) एवं तहसीलदार, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी भिवानी भी मौजूद थे। पंचायत भवन में आयोजित कर्मचारियों व अधिकारियों को ये दोनों अधिकारी संबोधित कर रहे थे तो इसी दौरान 14 एसोसिएट प्रोफेसरों और एक प्रोफेसर ने अपने पद का हवाला देते ड्यूटी का विरोध किया। जिसकी रिपोर्ट उप तहसीलदार भिवानी व खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी ने भिवानी विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी को दी। सहायक रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम भिवानी ने मूल रूप से इस पत्र को सिविल लाइन पुलिस थाने में भेजकर विरोध करने वाले 15 के खिलाफ चुनावी कार्य में बाधा पहुंचाने पर प्राथमिकी दर्ज करने की सिफारिश की।
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इन एसोसिएट प्रोफेसरों पर दर्ज हुई एफआईआर
चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय और वैश्य कॉलेज के 14 एसोसिएट प्रोफेसरों पर एफआईआर दर्ज की गई है। जिसमें वैश्य महाविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर नरेंद्र सिंह, धीरज सिंह, सुरेश कुमार, संजय गोयल, डॉ. सुरेंद्र कुमार के नाम शामिल हैं। जबकि चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर संजीव कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर सुरेंद्र सिंह, प्रदीप भारद्वाज, ऋषिपाल, अश्वनी कुमार, डॉ. आनंद कुमार, डॉ. विनोद कुमार, पवन कुमार, डॉ. दीपक वधवा व डॉ. मयंक पर केस दर्ज किया गया है।
ड्यूटी से ऐतराज नहीं, ग्रेड का ध्यान रखना चाहिए
चुनावी ड्यूटी का विरोध करने वाले एसोसिएट प्रोफेसर ने कहा कि उन्हें चुनावी ड्यूटी से कोई ऐतराज नहीं। उन्हें सामान लाने और ले जाने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने प्रशिक्षण लिया है और ड्यूटी भी करेंगे। लेकिन हमने पद का ध्यान नहीं रखने पर ऐतराज जताया था कि भविष्य में ऐसा न हो। असिस्टेंट प्रोफेसर ने भी इस बारे में प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष ग्रेड के अनुसार ड्यूटी नहीं लगाने पर नाराजगी जताई है।
एसडीएम की शिकायत पर चुनावी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने पर 15 के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। एक्ट और धारा के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इंस्पेक्टर विद्यानंद, एसएचओ, सिविल लाइन थाना
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लोकसभा चुनाव शांतिपूर्वक कराने से पहले ही चुनावी डयूटी दे रहे कर्मचारियों की अशांति ने प्रशासनिक अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ताजा मामला अब पंचायत भवन का है, जहां चुनावी ड्यूटी दे रहे कर्मचारियों की ट्रेनिंग के दौरान कुछ एसोसिएट प्रोफेसरों ने ड्यूटी को लेकर विरोध जताया और कुर्सियां छोड़ जमीन पर बैठ गए। चुनावी ट्रेनिंग करा रहे अधिकारियों को यह बात अखर गई और सहायक रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम भिवानी ने मामले की शिकायत सिविल लाइन पुलिस को दी।
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लोकसभा चुनाव को लेकर 57 भिवानी विधानसभा क्षेत्र के सहायक रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम भिवानी ने सिविल लाइन पुलिस थाने में दी शिकायत में बताया कि एक मई को पंचायत भवन में चुनाव सामान को वितरण एवं प्राप्त करने के लिए कर्मचारियों व अधिकारियों का प्रशिक्षण शिविर लगाया गया था। जिसमें नोडल अधिकारी (चुनाव) एवं तहसीलदार, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी भिवानी भी मौजूद थे। पंचायत भवन में आयोजित कर्मचारियों व अधिकारियों को ये दोनों अधिकारी संबोधित कर रहे थे तो इसी दौरान 14 एसोसिएट प्रोफेसरों और एक प्रोफेसर ने अपने पद का हवाला देते ड्यूटी का विरोध किया। जिसकी रिपोर्ट उप तहसीलदार भिवानी व खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी ने भिवानी विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी को दी। सहायक रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम भिवानी ने मूल रूप से इस पत्र को सिविल लाइन पुलिस थाने में भेजकर विरोध करने वाले 15 के खिलाफ चुनावी कार्य में बाधा पहुंचाने पर प्राथमिकी दर्ज करने की सिफारिश की।
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इन एसोसिएट प्रोफेसरों पर दर्ज हुई एफआईआर
चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय और वैश्य कॉलेज के 14 एसोसिएट प्रोफेसरों पर एफआईआर दर्ज की गई है। जिसमें वैश्य महाविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर नरेंद्र सिंह, धीरज सिंह, सुरेश कुमार, संजय गोयल, डॉ. सुरेंद्र कुमार के नाम शामिल हैं। जबकि चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर संजीव कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर सुरेंद्र सिंह, प्रदीप भारद्वाज, ऋषिपाल, अश्वनी कुमार, डॉ. आनंद कुमार, डॉ. विनोद कुमार, पवन कुमार, डॉ. दीपक वधवा व डॉ. मयंक पर केस दर्ज किया गया है।
ड्यूटी से ऐतराज नहीं, ग्रेड का ध्यान रखना चाहिए
चुनावी ड्यूटी का विरोध करने वाले एसोसिएट प्रोफेसर ने कहा कि उन्हें चुनावी ड्यूटी से कोई ऐतराज नहीं। उन्हें सामान लाने और ले जाने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने प्रशिक्षण लिया है और ड्यूटी भी करेंगे। लेकिन हमने पद का ध्यान नहीं रखने पर ऐतराज जताया था कि भविष्य में ऐसा न हो। असिस्टेंट प्रोफेसर ने भी इस बारे में प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष ग्रेड के अनुसार ड्यूटी नहीं लगाने पर नाराजगी जताई है।
एसडीएम की शिकायत पर चुनावी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने पर 15 के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। एक्ट और धारा के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इंस्पेक्टर विद्यानंद, एसएचओ, सिविल लाइन थाना