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पुलिस पर मामले में निष्पक्ष जांच नहीं करने का लगाया आरोप
Updated Mon, 16 Jul 2018 01:17 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। रूपगढ में आठ जुलाई की रात को खेत में गए युवक का चार दिन बाद कुंए में मिले शव मामले में रविवार शाम 5 बजे गांव में पंचायत हुई। पंचायत में पुलिस द्वारा छात्र धमेंद्र उर्फ कालिया केस में पुलिस द्वारा निष्पक्ष जांच नहीं किये जाने का आरोप लगाया है। मृतक के पिता का आरोप है कि गुमशुदगी की रिर्पोट देने के बाद भी पुलिस ने एक बार भी खेत में आकर मौके का निरीक्षण नहीं किया। जब कुंए में शव मिला तो ऐसा लग रहा था जैसे उसकी हत्या कर शव को बाद में कुंए में डाला गया हो। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने पीजीआई पोस्टमार्टम रिर्पोट में सुसाइड का मामला आने के बाद आत्महत्या का केस बनाकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। परिजनों ने मामले में सवाल खड़े करते हुए कहा कि कुए की गहराई 30 फीट है और रस्सी उससे बड़ी है। धर्मेंद्र के पैर पुरी तरह से मुड़े हुए थे और रस्सी को ऐसे बांधा गया था जैसे किसी जानकार ने बांधी हो। पंचायत में पीटीआई सुरेश ने कहा कि मामले को आज एक सप्ताह हो गया है लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिवार को न्याय दिलाने के लिए पूरा गांव उनके साथ है। पंचायत में गांव युवाओं ने केस का खर्च स्वयं वहन करने की जिम्मेवारी ली है। मामले में डीएसपी विरेंद्र सिंह ने कहा कि अगर परिजनों को मामले किसी भी तरह से जांच करवानी है तो पुलिस उनके साथ है। परिवार को पूरा न्याय दिलाया जाएगा।
भिवानी। रूपगढ में आठ जुलाई की रात को खेत में गए युवक का चार दिन बाद कुंए में मिले शव मामले में रविवार शाम 5 बजे गांव में पंचायत हुई। पंचायत में पुलिस द्वारा छात्र धमेंद्र उर्फ कालिया केस में पुलिस द्वारा निष्पक्ष जांच नहीं किये जाने का आरोप लगाया है। मृतक के पिता का आरोप है कि गुमशुदगी की रिर्पोट देने के बाद भी पुलिस ने एक बार भी खेत में आकर मौके का निरीक्षण नहीं किया। जब कुंए में शव मिला तो ऐसा लग रहा था जैसे उसकी हत्या कर शव को बाद में कुंए में डाला गया हो। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने पीजीआई पोस्टमार्टम रिर्पोट में सुसाइड का मामला आने के बाद आत्महत्या का केस बनाकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। परिजनों ने मामले में सवाल खड़े करते हुए कहा कि कुए की गहराई 30 फीट है और रस्सी उससे बड़ी है। धर्मेंद्र के पैर पुरी तरह से मुड़े हुए थे और रस्सी को ऐसे बांधा गया था जैसे किसी जानकार ने बांधी हो। पंचायत में पीटीआई सुरेश ने कहा कि मामले को आज एक सप्ताह हो गया है लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिवार को न्याय दिलाने के लिए पूरा गांव उनके साथ है। पंचायत में गांव युवाओं ने केस का खर्च स्वयं वहन करने की जिम्मेवारी ली है। मामले में डीएसपी विरेंद्र सिंह ने कहा कि अगर परिजनों को मामले किसी भी तरह से जांच करवानी है तो पुलिस उनके साथ है। परिवार को पूरा न्याय दिलाया जाएगा।