{"_id":"5c51ec62bdec224e0121d379","slug":"201548872802-bhiwani-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क हादसे में घायल की मौत, परिजनों ने चिकित्सकों पर आरोप लगा किया हंगामा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सड़क हादसे में घायल की मौत, परिजनों ने चिकित्सकों पर आरोप लगा किया हंगामा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हादसे में घायल की मौत, निजी अस्पताल से परिजनों ने नहीं उठाया शव
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। सड़क हादसे में घायल एक व्यक्ति की मौत पर परिजनों ने निजी अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। साथ ही आरोप लगाया कि इलाज के दौरान पर्याप्त रुपये नहीं होने पर उनकी बाइक भी गिरवी रख ली गई। परिजन चिकित्सकों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे और शव लेने से इनकार किया तो विवाद बढ़ गया। इसके बाद बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स और डीएसपी विरेंद्र सिंह व डीएसपी जगत सिंह मोर मौके पर पहुंचे। ग्रामीण और परिजन एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान पुलिस और परिजनों की तीखी नोंकझोंक भी हुई। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज करते हुए रणबीर अस्पताल के संचालक पर केस दर्ज कर लिया।
गांव नौरंगाबाद निवासी 40 वर्षीय जयभगवान गांव में ही परचून की दुकान चलाता था। मंगलवार सुबह वह दुकान का सामान लेने आया था और सुबह करीब 11 बजे सामान लेकर वापस ऑटो में बैठ गांव जा रहा था। इसी दौरान निनान गांव के पास ऑटो के सामने अचानक गाय आ गई। जिस कारण जयभगवान नीचे गिर गया। उसकी पसली में चोट आई। ऑटो चालक उसे महम रोड स्थित एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचा और परिजनों को सूचना दी।
मृतक के भाई अनिल ने बताया कि वे सूचना पर अस्पताल पहुंचे तो बताया गया कि ज्यादा घबराने की बात नहीं है। पसली में फ्रैक्चर आया है और शाम को ऑपरेशन कर देंगे। उससे पांच हजार रुपये जमा करवा लिए गए। मंगलवार शाम पांच बजे ऑपरेशन किया गया। जिसके बाद चिकित्सकों ने बताया कि बुधवार को छुट्टी दे देंगे। मृतक के भाई अनिल ने बताया कि रात को उसके भाई को ब्लीडिंग होने लगी तो उसने वहां कर्मचारियों और चिकित्सकों को बताया मगर किसी ने नहीं संभाला। सुबह चार बजे चिकित्सक ने जांच की और कहा कि इसी पीजीआई ले जाओ। रेफर करने पर जब कहां कि एंबुलेंस की सुविधा दे दो तो जवाब दिया कि हमारे पास एंबुलेंस सेवा नहीं है। वह किसी तरह एंबुलेंस की व्यवस्था करके पीजीआई जाने लगा तो देखा कि जयभगवान की मौत हो चुकी थी। जिसके बाद वह उसे वापस ही निजी अस्पताल लेकर आया।
विज्ञापन
गांव नौरंगाबाद के सरपंच नसीब सिंह, पूर्व सरपंच राजेंद्र सिंह, राजेंद्र तंवर, शिवकुमार प्रजापत, सुरेश प्रजापत, साधूराम, रामफल, जयवीर, अशोक, मनोज, सतीश, प्रवीण, मांगेराम ने आरोप लगाया कि जयभगवान की मौत चिकित्सक की लापरवाही से हुई है। रातभर खून बहता रहा, मगर किसी ने नहीं संभाला। सुबह जब जयभगवान का पूरा शरीर फूल गया और हालत ज्यादा खराब हुई तो लापरवाही छिपाने के लिए पीजीआई रेफर कर दिया। सीएम विंडो निगरानी समिति चेयरमैन धीरज सैनी, नगर परिषद उपाध्यक्ष मामनचंद भी मौके पर पहुंचे।
---
मृतक के हैं तीन बच्चे
मृतक जयभगवान तीन बच्चों का पिता था। जयभगवान के पिता प्रभातीराम की चार साल पहले मौत हो चुकी थी जबकि जयभगवान की पत्नी की पांच साल पहले मौत हो चुकी है। जयभगवान की माता को भी सात साल से लकवा लगा हुआ है। उसके तीन नाबालिग बच्चे हैं। जिनमें दो लड़के और एक लड़की है।
---
रुपये कम पड़े तो जब्त की राशि
अनिल ने बताया कि चिकित्सक ने ऑपरेशन से पहले 13 हजार रुपये मांगे। उसके पास रुपये कम थे। उसने पांच हजार रुपये जमा कराए। जब सुबह जयभगवान को रेफर किया तो चिकित्सक ने कहा कि पहले बकाया राशि जमा कराओ। उसके पास उस समय रुपये नहीं थे तो उसकी बाइक, सारे कागज आरसी आदि ले लिए और कहा कि रुपये जमा करवा जाना, बाइक ले जाना।
---
रणबीर अस्पताल के संचालक डॉ. रणबीर सिंह ने बताया कि मरीज की हालत गंभीर थी। हमने उसकी जान बचाने का पूरा प्रयास किया। जयभगवान की छाती में पसलियों में चोट थी। उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया था। परिजन अस्पताल से मरीज को ले जाने के करीब तीन घंटे बाद उसे मृत अवस्था में लाए हैं। उन्हें नहीं पता कि इस दौरान कहीं इलाज कराया या नहीं। वे हर तक की जांच के लिए तैयार है।
---
मृतक के छोटे भाई अनिल की शिकायत पर केस दर्ज कर अस्पताल में रखी बाइक को कब्जे में ले लिया है। वहीं मृतक के शव का रोहतक पीजीआई में चिकित्सकों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस इस संबंध में आगामी कदम उठाएगी।
- इंस्पेक्टर विद्यानंद, एसएचओ, सिविल लाइन थाना
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। सड़क हादसे में घायल एक व्यक्ति की मौत पर परिजनों ने निजी अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। साथ ही आरोप लगाया कि इलाज के दौरान पर्याप्त रुपये नहीं होने पर उनकी बाइक भी गिरवी रख ली गई। परिजन चिकित्सकों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे और शव लेने से इनकार किया तो विवाद बढ़ गया। इसके बाद बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स और डीएसपी विरेंद्र सिंह व डीएसपी जगत सिंह मोर मौके पर पहुंचे। ग्रामीण और परिजन एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान पुलिस और परिजनों की तीखी नोंकझोंक भी हुई। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज करते हुए रणबीर अस्पताल के संचालक पर केस दर्ज कर लिया।
गांव नौरंगाबाद निवासी 40 वर्षीय जयभगवान गांव में ही परचून की दुकान चलाता था। मंगलवार सुबह वह दुकान का सामान लेने आया था और सुबह करीब 11 बजे सामान लेकर वापस ऑटो में बैठ गांव जा रहा था। इसी दौरान निनान गांव के पास ऑटो के सामने अचानक गाय आ गई। जिस कारण जयभगवान नीचे गिर गया। उसकी पसली में चोट आई। ऑटो चालक उसे महम रोड स्थित एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचा और परिजनों को सूचना दी।
विज्ञापन
मृतक के भाई अनिल ने बताया कि वे सूचना पर अस्पताल पहुंचे तो बताया गया कि ज्यादा घबराने की बात नहीं है। पसली में फ्रैक्चर आया है और शाम को ऑपरेशन कर देंगे। उससे पांच हजार रुपये जमा करवा लिए गए। मंगलवार शाम पांच बजे ऑपरेशन किया गया। जिसके बाद चिकित्सकों ने बताया कि बुधवार को छुट्टी दे देंगे। मृतक के भाई अनिल ने बताया कि रात को उसके भाई को ब्लीडिंग होने लगी तो उसने वहां कर्मचारियों और चिकित्सकों को बताया मगर किसी ने नहीं संभाला। सुबह चार बजे चिकित्सक ने जांच की और कहा कि इसी पीजीआई ले जाओ। रेफर करने पर जब कहां कि एंबुलेंस की सुविधा दे दो तो जवाब दिया कि हमारे पास एंबुलेंस सेवा नहीं है। वह किसी तरह एंबुलेंस की व्यवस्था करके पीजीआई जाने लगा तो देखा कि जयभगवान की मौत हो चुकी थी। जिसके बाद वह उसे वापस ही निजी अस्पताल लेकर आया।
विज्ञापन
गांव नौरंगाबाद के सरपंच नसीब सिंह, पूर्व सरपंच राजेंद्र सिंह, राजेंद्र तंवर, शिवकुमार प्रजापत, सुरेश प्रजापत, साधूराम, रामफल, जयवीर, अशोक, मनोज, सतीश, प्रवीण, मांगेराम ने आरोप लगाया कि जयभगवान की मौत चिकित्सक की लापरवाही से हुई है। रातभर खून बहता रहा, मगर किसी ने नहीं संभाला। सुबह जब जयभगवान का पूरा शरीर फूल गया और हालत ज्यादा खराब हुई तो लापरवाही छिपाने के लिए पीजीआई रेफर कर दिया। सीएम विंडो निगरानी समिति चेयरमैन धीरज सैनी, नगर परिषद उपाध्यक्ष मामनचंद भी मौके पर पहुंचे।
---
मृतक के हैं तीन बच्चे
मृतक जयभगवान तीन बच्चों का पिता था। जयभगवान के पिता प्रभातीराम की चार साल पहले मौत हो चुकी थी जबकि जयभगवान की पत्नी की पांच साल पहले मौत हो चुकी है। जयभगवान की माता को भी सात साल से लकवा लगा हुआ है। उसके तीन नाबालिग बच्चे हैं। जिनमें दो लड़के और एक लड़की है।
---
रुपये कम पड़े तो जब्त की राशि
अनिल ने बताया कि चिकित्सक ने ऑपरेशन से पहले 13 हजार रुपये मांगे। उसके पास रुपये कम थे। उसने पांच हजार रुपये जमा कराए। जब सुबह जयभगवान को रेफर किया तो चिकित्सक ने कहा कि पहले बकाया राशि जमा कराओ। उसके पास उस समय रुपये नहीं थे तो उसकी बाइक, सारे कागज आरसी आदि ले लिए और कहा कि रुपये जमा करवा जाना, बाइक ले जाना।
---
रणबीर अस्पताल के संचालक डॉ. रणबीर सिंह ने बताया कि मरीज की हालत गंभीर थी। हमने उसकी जान बचाने का पूरा प्रयास किया। जयभगवान की छाती में पसलियों में चोट थी। उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया था। परिजन अस्पताल से मरीज को ले जाने के करीब तीन घंटे बाद उसे मृत अवस्था में लाए हैं। उन्हें नहीं पता कि इस दौरान कहीं इलाज कराया या नहीं। वे हर तक की जांच के लिए तैयार है।
---
मृतक के छोटे भाई अनिल की शिकायत पर केस दर्ज कर अस्पताल में रखी बाइक को कब्जे में ले लिया है। वहीं मृतक के शव का रोहतक पीजीआई में चिकित्सकों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस इस संबंध में आगामी कदम उठाएगी।
- इंस्पेक्टर विद्यानंद, एसएचओ, सिविल लाइन थाना