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2500 मरीज, 22 डाक्टर, वर्कलोड से परेशान आठ डाक्टर ने दिया रिजाइन

Tue, 11 Dec 2018 01:32 AM IST
Updated Tue, 11 Dec 2018 01:32 AM IST
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2500 मरीज, 22 डाक्टर, वर्कलोड से परेशान आठ डाक्टर ने दिया रिजाइन

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भिवानी। स्टाफ की कमी से जूझ रहे सामान्य अस्पताल में वर्कलोड से परेशान होकर युवा चिकित्सक रिजाइन देने लगे हैं। वर्कलोड के चलते पिछले छह महीने में आठ चिकित्सकों ने रिजाइन दे दिया है। अत्यधिक वर्कलोड के अलावा इसका मुख्य कारण मरीजों का अभद्र व्यवहार भी। सामान्य अस्पताल में स्वीकृत चिकित्सकों के 74 पदों की जगह अब 22 ही कार्यरत हैं। प्रतिदिन 2500 की ओपीडी का वर्कलोड सिर्फ 22 चिकित्सकों के कंधों पर है। शनिवार को एक महिला चिकित्सक ने भी इस्तीफा दे दिया।
सामान्य अस्पताल में इलाज करने वाले चिकित्सक स्वयं इन दिनों वर्कलोड के कारण स्ट्रेस के शिकार हो रहे है। दूसरा लंबे समय तक इलाज नहीं मिलने के कारण मरीज और चिकित्सकों में विवाद होता रहता है। पिछले छह महीने में डा. अमित, प्रियंका जांगड़ा, डा. प्रदीप, डा. मोनिका देशवाल आदि चिकित्सकों ने इस्तीफा दे दिया है। वहीं करीब आठ चिकित्सक बिना अनुपस्थित चल रहे हैं। इन सभी की रिपोर्ट चंडीगढ़ मुख्यालय भेजी गई है। मगर अत्यधिक वर्कलोड और चिकित्सकों के रिजाइन देने से अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई है।
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ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। औसतन 2500 मरीज हर रोज इलाज के लिए आ रहे हैं। घंटों इंतजार के बाद भी नंबर नहीं आने पर मरीज चिकित्सकों और स्टाफ सदस्यों में विवाद हो रहे हैं। चिकित्सक अतिरिक्त समय तक कार्य कर रहे है। बावजूद इसके सभी मरीजों को अच्छे से इलाज नहीं मिल पा रहा है।
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स्कीन, मनोरोग का नहीं कोई चिकित्सक
सामान्य अस्पताल में विशेषज्ञ डाक्टरों की भी काफी कमी है। अस्पताल में स्किन और मनोरोग का कोई चिकित्सक नहीं है। ईएनटी डाक्टर डेपुटेशन पर हैं। एनेथिसिया, बच्चों के लिए एक-एक ही चिकित्सक है तो मेडिकल, सर्जरी में दो-दो चिकित्सक हैं। स्त्री रोग विभाग में चार महिला चिकित्सक है जहां कम से कम छह महिला चिकित्सकों की आवश्यकता है। मेडिसन, सर्जरी में भी वर्कलोड को देखते हुए चार-चार चिकित्सकों की जरूरत है।

स्टाफ नर्स, एलटी और फार्मासिस्ट की भी भारी कमी
चिकित्सक ही नहीं अस्पताल में अन्य स्टाफ सदस्यों स्टाफ नर्स, एलटी, नर्सिंट सिस्टर, फार्मासिस्ट की भी समस्या बनी हुई है। इस कारण महिलाओं के लिए अलग से शुरू की गई दवा विंडो बंद कर दी गई है। एलटी की कमी के कारण सुबह 11 बजे के बाद सेंपल नहीं लिए जाते। स्टाफ नर्स की कमी के कारण एक-एक नर्स दो-दो वार्डों की जिम्मेवारी लेने पर मजबूर है।

यह है स्टाफ की स्थिति
पद स्वीकृत पद रिक्त पद
एसएमओ 08 04
डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट 02 02
मेडिकल ऑफिसर 66 22
मनोचिकित्सक 02 02
फिजियोथैरपिस्ट 03 03
नर्सिंग सिस्टर 14 05
स्टाफ नर्स 143 72
फार्मासिस्ट 16 08
लैब टेक्रिशियन 20 15
ओटी असिस्टेंट 16 12
(ऑपरेशन थियेटर)
प्लास्टर टेक्रिशियन 03 03
डाइटिशियन 03 03
डाटा एंट्री ऑपरेटर 27 17
वर्जन::::
कुछ चिकित्सकों ने रिजाइन दिया है। अभी एक महिला चिकित्सक ने भी रिजाइन दिया है। स्टाफ की कमी के बावजूद हमारा प्रयास रहता है कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाए। मगर कुछ मरीज चिकित्सकों से विवाद भी करते हैं। इस्तीफा देने का एक कारण यह भी है। फिलहाल उच्च अधिकारियों को स्थिति से अवगत करवाते हुए अस्पताल के लिए चिकित्सकों की मांग की है।
डा. रघुवीर शांडिल्य, प्रधान चिकित्सा अधिकारी
सामान्य अस्पताल भिवानी
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