{"_id":"5cfeb399bdec2207272c64df","slug":"15601959851-bhiwani-news91","type":"story","status":"publish","title_hn":"विदेशी मेम से दूसरी शादी रचाने वाले एनआरआई दूल्हे की जमीन की नीलामी में आया पेंच","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
विदेशी मेम से दूसरी शादी रचाने वाले एनआरआई दूल्हे की जमीन की नीलामी में आया पेंच
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भिवानी। पहली पत्नी को धोखा देकर विदेशी मेम से दूसरी शादी रचाने वाले एनआरआई दूल्हे की सोमवार को गांव रूपगढ़ में जमीन नीलामी के लिए पहुंची तहसील कार्यालय की टीम बेरंग लौट आई। एनआरआई दूल्हे के पिता व भाइयों ने कुर्की के लिए पहुंची टीम के समक्ष न्यायालय के स्टे आर्डर पेश किए, जिसके बाद अधिकारी वापस लौट आए। वहीं पीड़िता ने मामले में तहसील कार्यालय के अधिकारियों पर भी मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि जो जिस स्टे आर्डर के आधार पर नीलामी रोकी गई है, वे आर्डर पिछली नीलामी प्रक्रिया से भी पहले के है। उस समय भी नीलामी नहीं रोकी गई थी। उस समय खरीददार नहीं होने से नीलामी नहीं हो पाई थी।
गांव दिनोद निवासी नीरज रानी यादव ने बताया कि तहसील कार्यालय को जमीन पर स्टे आर्डर की सूचना एक माह पहले लग चुकी थी, मगर कुर्की के ऐन वक्त मौके पर पहुंचकर अधिकारियों ने नीलामी रोक दी। जबकि जमीन पर स्टे आर्डर किसी दूसरे न्यायालय ने अन्य मामले में कोर्ट को गुमराह कर लाए गए हैं, जबकि उसका मामला पहले से ही चल रहा है। नीलामी के आदेश भी पहले हो चुके थे, जिसके बाद आरोपी दूल्हे के परिजनों ने मिलीभगत कर जमीन को कुर्की से बचाने का षड्यंत्र रचा है।
नीरज रानी यादव ने बताया कि उसकी शादी 22 नवंबर 2011 को गांव रूपगढ़ निवासी पंकज यादव से हुई थी। शादी के एक महीने बाद ही वह लंदन जाकर रहने लगा। उसके बाद से वह भारत नहीं आया है। नीरज का कहना है कि वहां जाकर उसने दो महीने में ही एक विदेशी युवती से शादी रचा ली है। मुंबई कोर्ट ने केस पर में पंकज यादव को घर खर्च के लिए 20 हजार रुपये महीना में चल रहे घरेलू हिंसा मामले की सुनवाई करते हुए एनआरआई पति पंकज यादव को घर खर्च के लिए हर माह बीस हजार रुपये खर्च देने के आदेश दिए थे। पिछले पांच साल का कुल खर्च 10 लाख 20 हजार रुपये बना है। मुंबई कोर्ट ने एनआरआई पति की गांव रूपगढ़ स्थित 14 कनाल 6 मरले जमीन की नीलामी कर इस खर्च का भुगतान करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने 23 अप्रैल 2019 को जमीन की नीलामी की तारीख तय की थी, लेकिन नीलामी के दौरान खरीददार नहीं पहुंचे। इसके बाद कोर्ट ने 10 जून को जमीन की नीलामी की तारीख तय की थी। सोमवार को भिवानी तहसील से नायब तहसीलदार और कानूनगो जमीन नीलामी की प्रक्रिया के लिए गांव रूपगढ़ पहुंचे। प्रक्रिया शुरू होती उससे पहले ही पंकज के परिजन स्टे ऑर्डर ले आए। जिससे नीलामी प्रक्रिया रुक गई। स्टे आर्डर पर सवाल उठाते हुए पीड़िता नीरज यादव व उसके परिजन लघु सचिवालय में उपायुक्त से मिलने पहुंचे। उपायुक्त कार्यालय की ओर से मामले में तहसील कार्यालय से स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई है।
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कोर्ट का खटखटाएंगे दरवाजा
नीरज यादव ने बताया कि स्टे ऑर्डर 18 मार्च के जबकि नीलामी की पहली तिथि 23 मार्च तय हुई थी। उस दिन भी नीलामी पर स्टे नहीं हुआ था। उस समय खरीददार नहीं आए थे। आदेशों में जमीन की बिक्री और ट्रांसफर पर रोक है जबकि यहां तो जमीन की नीलामी की जानी है। वह इस मामले को सेशन कोर्ट में अधिकारियों को भी पार्टी बनाएंगी। सोमवार को ही जमीन की नीलामी नहीं होने के बाद नीरज रानी ने परिजनों व वकील के साथ लघु सचिवालय परिसर में पहुंचकर उपायुक्त से भी मुलाकात की। उपायुक्त ने तहसील कार्यालय से स्टेटस रिपोर्ट भी तलब की है।
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गांव दिनोद निवासी नीरज रानी यादव ने बताया कि तहसील कार्यालय को जमीन पर स्टे आर्डर की सूचना एक माह पहले लग चुकी थी, मगर कुर्की के ऐन वक्त मौके पर पहुंचकर अधिकारियों ने नीलामी रोक दी। जबकि जमीन पर स्टे आर्डर किसी दूसरे न्यायालय ने अन्य मामले में कोर्ट को गुमराह कर लाए गए हैं, जबकि उसका मामला पहले से ही चल रहा है। नीलामी के आदेश भी पहले हो चुके थे, जिसके बाद आरोपी दूल्हे के परिजनों ने मिलीभगत कर जमीन को कुर्की से बचाने का षड्यंत्र रचा है।
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नीरज रानी यादव ने बताया कि उसकी शादी 22 नवंबर 2011 को गांव रूपगढ़ निवासी पंकज यादव से हुई थी। शादी के एक महीने बाद ही वह लंदन जाकर रहने लगा। उसके बाद से वह भारत नहीं आया है। नीरज का कहना है कि वहां जाकर उसने दो महीने में ही एक विदेशी युवती से शादी रचा ली है। मुंबई कोर्ट ने केस पर में पंकज यादव को घर खर्च के लिए 20 हजार रुपये महीना में चल रहे घरेलू हिंसा मामले की सुनवाई करते हुए एनआरआई पति पंकज यादव को घर खर्च के लिए हर माह बीस हजार रुपये खर्च देने के आदेश दिए थे। पिछले पांच साल का कुल खर्च 10 लाख 20 हजार रुपये बना है। मुंबई कोर्ट ने एनआरआई पति की गांव रूपगढ़ स्थित 14 कनाल 6 मरले जमीन की नीलामी कर इस खर्च का भुगतान करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने 23 अप्रैल 2019 को जमीन की नीलामी की तारीख तय की थी, लेकिन नीलामी के दौरान खरीददार नहीं पहुंचे। इसके बाद कोर्ट ने 10 जून को जमीन की नीलामी की तारीख तय की थी। सोमवार को भिवानी तहसील से नायब तहसीलदार और कानूनगो जमीन नीलामी की प्रक्रिया के लिए गांव रूपगढ़ पहुंचे। प्रक्रिया शुरू होती उससे पहले ही पंकज के परिजन स्टे ऑर्डर ले आए। जिससे नीलामी प्रक्रिया रुक गई। स्टे आर्डर पर सवाल उठाते हुए पीड़िता नीरज यादव व उसके परिजन लघु सचिवालय में उपायुक्त से मिलने पहुंचे। उपायुक्त कार्यालय की ओर से मामले में तहसील कार्यालय से स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई है।
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नीरज यादव ने बताया कि स्टे ऑर्डर 18 मार्च के जबकि नीलामी की पहली तिथि 23 मार्च तय हुई थी। उस दिन भी नीलामी पर स्टे नहीं हुआ था। उस समय खरीददार नहीं आए थे। आदेशों में जमीन की बिक्री और ट्रांसफर पर रोक है जबकि यहां तो जमीन की नीलामी की जानी है। वह इस मामले को सेशन कोर्ट में अधिकारियों को भी पार्टी बनाएंगी। सोमवार को ही जमीन की नीलामी नहीं होने के बाद नीरज रानी ने परिजनों व वकील के साथ लघु सचिवालय परिसर में पहुंचकर उपायुक्त से भी मुलाकात की। उपायुक्त ने तहसील कार्यालय से स्टेटस रिपोर्ट भी तलब की है।