फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   शिक्षक पर हमला: 15 दिन पहले ही तैयार हो गई थी हमले की पटकथा

शिक्षक पर हमला: 15 दिन पहले ही तैयार हो गई थी हमले की पटकथा

Mon, 25 Feb 2019 12:40 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 25 Feb 2019 12:40 AM IST
विज्ञापन
शिक्षक पर हमला: 15 दिन पहले ही तैयार हो गई थी हमले की पटकथा
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

भिवानी। निजी स्कूल में नौंवी कक्षा के छात्र द्वारा शिक्षक पर हमले की प्लानिंग 15 दिन पहले ही बनाई गई थी। आरोपी छात्र का उसके दो सहपाठियों ने भी उसका सहयोग किया। आरोपी छात्र ने पिछले सप्ताह भी शिक्षक पर हमले का प्रयास किया था लेकिन कामयाबी नहीं मिली। फिलहाल स्कूल मैनेजमेंट बच्चे को स्कूल से बाहर करने पर विचार कर रही है।
उल्लेखनीय शहर के एक निजी स्कूल में शनिवार को नौंवी कक्षा के एक छात्र ने कक्षा में ही शिक्षक मुकेश पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था। दो वार किए गए। जिससे शिक्षक के कान के पास और गर्दन पर चोट आईं और उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। इस मामले पर स्कूल प्रबंधकन, शिक्षक के परिजनों, छात्र के परिजनों की स्कूल में ही बैठक हुई। स्कूल मैनेजमेंट से बातचीत के बाद घायल शिक्षक ने किसी भी तरह की पुलिस कार्रवाई करवाने से इंकार कर दिया था।
विज्ञापन

इसी मामले में जांच में सामने आया कि 15 दिन से तीन छात्र शिक्षक पर हमले की प्लानिंग बना रहे थे। एक फरवरी को पांच-छह बच्चों को दूसरे बच्चों का टिफिन से खाना नहीं खाने के बारे में टोका गया था। इसी से खफा तीन बच्चे प्लानिंग बना रहे थे। अपने स्तर पर रुपये एकत्रित कर पहले एक तेजधार हथियार खरीदा। पिछले सप्ताह उससे हमले की प्लानिंग बनाई मगर कामयाबी नहीं मिली। जिसके बाद कुल्हाड़ी की व्यवस्था की गई और शनिवार को हमले की वारदात को अंजाम दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

सबके सामने टोकना गलत: परमार
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेशाध्यक्ष बृजपाल परमार ने बताया कि स्कूल प्रबंधक ने टिफन से खाना खाने वाले पांच-छह बच्चों को सबके सामने टोका। यह गलत है। इनको अकेले में बुलाकर समझाया जाना चाहिए था। सबके सामने टोके जाने के कारण ही बच्चों के मन में गलत विचार आए। अब इस मामले में शिक्षक को दबाने की बजाए आरोपी छात्र पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी चाहिए ताकि वह भविष्य में ऐसा ना करें और अन्य बच्चे भी उससे सबक लें।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed