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जिनके नाम पर जमीन नहीं, उनके खातों में डाली मुआवजा राशि
Updated Mon, 09 Oct 2017 12:39 AM IST
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जिसके नाम जमीन नहीं, उसके खाते में डाली मुआवजा राशि
भिवानी। सफेद मक्खी से हुए फसली नुकसान का मुआवजा किसी ओर के खाते में डालने के मामले में बवानीखेड़ा पुलिस ने तत्कालीन तहसलीदार, कानूनगो, पटवारी समेत पांच लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। कोर्ट में दायर इस्तगासा पर अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि मुआवजा राशि पात्र के बजाय ऐसे व्यक्ति के खातें में डाल दी, जिसके नाम गांव में जमीन ही नहीं है।
वर्ष 2015 में सफेद मक्खी के कारण खराब हुई कपास की फसल का मुआवजा 2016 में साल बांटा गया। गांव पूर निवासी मंजू के हिस्से भी मुआवजा आना था। जो भिवानी की एपीआर नंबर 1034 व 1035 सीरीयल नम्बर 13 व 36 के तहत मंजूर हुआ। राशि कम थी जिसके चलते मंजू ने तहसीलदार कार्यालय से इसकी तहकीकात की तो वहां उसे कोई जानकारी नहीं मिली। इस पर महिला ने आरटीआई से जानकारी ली तो उसे पता चला उसकी राशि 34 हजार 134 रुपये गांव के किसी और के खाते में डाल दी गई। जबकि उनके नाम गांव में कोई जमीन ही नहीं थी। मंजू ने दो बार सीएम विंडो में शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई तो चचेरे भाई संदीप ने जिला न्यायालय में इस्तगासा डाला। अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए।
थाना प्रभारी देसराज दहिया ने बताया कि पुलिस ने अदालत के आदेश पर तत्कालीन तहसीलदार हरिओम बिश्नोई, बीर सिंह पटवारी, सुखबीर कानूनगो के अलावा दलबीर यादव व मीना के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत मामला किया है।
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भिवानी। सफेद मक्खी से हुए फसली नुकसान का मुआवजा किसी ओर के खाते में डालने के मामले में बवानीखेड़ा पुलिस ने तत्कालीन तहसलीदार, कानूनगो, पटवारी समेत पांच लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। कोर्ट में दायर इस्तगासा पर अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि मुआवजा राशि पात्र के बजाय ऐसे व्यक्ति के खातें में डाल दी, जिसके नाम गांव में जमीन ही नहीं है।
वर्ष 2015 में सफेद मक्खी के कारण खराब हुई कपास की फसल का मुआवजा 2016 में साल बांटा गया। गांव पूर निवासी मंजू के हिस्से भी मुआवजा आना था। जो भिवानी की एपीआर नंबर 1034 व 1035 सीरीयल नम्बर 13 व 36 के तहत मंजूर हुआ। राशि कम थी जिसके चलते मंजू ने तहसीलदार कार्यालय से इसकी तहकीकात की तो वहां उसे कोई जानकारी नहीं मिली। इस पर महिला ने आरटीआई से जानकारी ली तो उसे पता चला उसकी राशि 34 हजार 134 रुपये गांव के किसी और के खाते में डाल दी गई। जबकि उनके नाम गांव में कोई जमीन ही नहीं थी। मंजू ने दो बार सीएम विंडो में शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई तो चचेरे भाई संदीप ने जिला न्यायालय में इस्तगासा डाला। अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए।
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थाना प्रभारी देसराज दहिया ने बताया कि पुलिस ने अदालत के आदेश पर तत्कालीन तहसीलदार हरिओम बिश्नोई, बीर सिंह पटवारी, सुखबीर कानूनगो के अलावा दलबीर यादव व मीना के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत मामला किया है।
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