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राकेश हत्याकांड : चार दोषियों को उम्रकैद, सबूतों के अभाव में तीन हो चुके हैं बरी
Updated Tue, 03 Jul 2018 12:52 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। तोशाम व्यापार मंडल के प्रधान व बीजेपी नेता राकेश मलिक हत्याकांड में सोमवार को चार दोषियों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामले में कोर्ट ने 15 जून को एक महिला सहित तीन लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार की कोर्ट ने सुनवाई करते हुए मुख्य आरोपी राकेश चहल, शूटर मनदीप उर्फ मोथा व जसबीर उर्फ जस्सी उर्फ टॉचर, रैकी करने वाले दलबीर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने धारा-302 व 120बी में उम्रकैद की सजा सुनाते हुए राकेश चहल, मनदीप व जसवीर पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना किया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी। वहीं, आर्म्ज एक्ट में तीनों को दो-दो साल की सजा व 10-10 हजार रुपये जुर्माना किया है। वहीं, सबूतों के अभाव में आरोपी अशोक, लकजींदर कौर व शंकर को कोर्ट 15 जून को बरी किया जा चुका है।
ये है मामला
तोशाम व्यापार मंडल प्रधान व व्यापारी नेता राकेश मलिक की 21 फरवरी 2014 को उस समय बाइक सवार दो बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी जब वे अपने कार्यालय में बैठे हुए थे। हत्या के रोष स्वरूप परिजनों और तोशाम के व्यापारियों, दुकानदारों ने तोशाम चौक पर जाम लगाया था। परिजनों ने हत्या करवाने में एक पूर्व मंत्री व पूर्व सांसद का नाम लिया और उन पर कार्रवाई नहीं होने पर आत्मदाह की धमकी दे डाली थी। मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए 13 एसआईटी गठित की गई थी। पुलिस ने मामले को ट्रेस करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। तब से मामला कोर्ट में विचाराधीन चल रहा था।
यह था हत्या के पीछे कारण
राकेश मलिक हत्याकांड के पीछे राकेश के चाचा व राकेश चहल के बीच झगड़ा चल रहा था जिसमें राकेश चहल व उसके दो भाइयों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज था जिसमें तीनों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई थी। केस में सजा करवाने में राकेश मलिक का अहम रोल था जिसकी रंजिश रखते हुए राकेश चहल ने हत्या करवाई।
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बरी किए आरोपियों के लिए हाईकोर्ट में करेंगे अपील : संजीव तंवर
राकेश मलिक केस के वकील संजीव तंवर ने बताया कि कोर्ट ने चार लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है और तीन आरोपियों को पहले ही बरी किया जा चुका है। सजा के इस मामले में वे हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे परिजन
अदालत ने भले ही चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुना दी हो मगर परिजन संतुष्ट नहीं हैं। परिजनों का कहना है कि राजनीतिक द्वेष में हत्या की गई। एक पूर्व मंत्री और एक पूर्व सांसद का हत्याकांड में हाथ था। वे शुरूआत से इस पहलू से जांच की मांग कर रहे हैं, मगर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। परिजन भाई जोगेंद्र मलिक, मृतक की पत्नी अनीता ने कहा कि वे न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
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भिवानी। तोशाम व्यापार मंडल के प्रधान व बीजेपी नेता राकेश मलिक हत्याकांड में सोमवार को चार दोषियों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामले में कोर्ट ने 15 जून को एक महिला सहित तीन लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार की कोर्ट ने सुनवाई करते हुए मुख्य आरोपी राकेश चहल, शूटर मनदीप उर्फ मोथा व जसबीर उर्फ जस्सी उर्फ टॉचर, रैकी करने वाले दलबीर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने धारा-302 व 120बी में उम्रकैद की सजा सुनाते हुए राकेश चहल, मनदीप व जसवीर पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना किया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी। वहीं, आर्म्ज एक्ट में तीनों को दो-दो साल की सजा व 10-10 हजार रुपये जुर्माना किया है। वहीं, सबूतों के अभाव में आरोपी अशोक, लकजींदर कौर व शंकर को कोर्ट 15 जून को बरी किया जा चुका है।
ये है मामला
तोशाम व्यापार मंडल प्रधान व व्यापारी नेता राकेश मलिक की 21 फरवरी 2014 को उस समय बाइक सवार दो बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी जब वे अपने कार्यालय में बैठे हुए थे। हत्या के रोष स्वरूप परिजनों और तोशाम के व्यापारियों, दुकानदारों ने तोशाम चौक पर जाम लगाया था। परिजनों ने हत्या करवाने में एक पूर्व मंत्री व पूर्व सांसद का नाम लिया और उन पर कार्रवाई नहीं होने पर आत्मदाह की धमकी दे डाली थी। मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए 13 एसआईटी गठित की गई थी। पुलिस ने मामले को ट्रेस करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। तब से मामला कोर्ट में विचाराधीन चल रहा था।
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यह था हत्या के पीछे कारण
राकेश मलिक हत्याकांड के पीछे राकेश के चाचा व राकेश चहल के बीच झगड़ा चल रहा था जिसमें राकेश चहल व उसके दो भाइयों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज था जिसमें तीनों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई थी। केस में सजा करवाने में राकेश मलिक का अहम रोल था जिसकी रंजिश रखते हुए राकेश चहल ने हत्या करवाई।
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बरी किए आरोपियों के लिए हाईकोर्ट में करेंगे अपील : संजीव तंवर
राकेश मलिक केस के वकील संजीव तंवर ने बताया कि कोर्ट ने चार लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है और तीन आरोपियों को पहले ही बरी किया जा चुका है। सजा के इस मामले में वे हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे परिजन
अदालत ने भले ही चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुना दी हो मगर परिजन संतुष्ट नहीं हैं। परिजनों का कहना है कि राजनीतिक द्वेष में हत्या की गई। एक पूर्व मंत्री और एक पूर्व सांसद का हत्याकांड में हाथ था। वे शुरूआत से इस पहलू से जांच की मांग कर रहे हैं, मगर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। परिजन भाई जोगेंद्र मलिक, मृतक की पत्नी अनीता ने कहा कि वे न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।