{"_id":"59f232cd4f1c1bee688b7a02","slug":"111509044941-bhiwani-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाभी से दुष्कर्म की कोशिश करने वाले को दो साल की कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
भाभी से दुष्कर्म की कोशिश करने वाले को दो साल की कैद
Updated Fri, 27 Oct 2017 12:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाभी से दुष्कर्म की कोशिश करने वाले को दो साल की कैद
भिवानी। लोहारू में महिला से दुष्कर्म की कोशिश के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राज गुप्ता की अदालत ने आरोपी महिला के देवर को दो साल की कैद की सजा और दो हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इस मामले में महिला के हौसले को दाद देनी होगी कि तमाम पारिवारिक विरोध के बावजूद महिला ने यह केस लड़ा और आरोपी को सजा दिलाई।
दो दिन पहले दोषी करार देने के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राज गुप्ता की अदालत ने वीरवार को आरोपी राहुल को सजा सुनाने के साथ ही जुर्माने का एलान किया। पीड़ित महिला के वकील प्रवीण अत्री ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखकर सजा कम हुई है। इसलिए, ऊपरी कोर्ट में अपील करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस फैसले के बाद संघर्षरत औरतों का हौसला बढ़ेगा।
अधिवक्ता प्रवीण अत्री ने बताया कि अपने देवर के खिलाफ आरोप लगाने के बाद परिवार वालों ने अपनी बहू उसे घर से निकाल दिया, लेकिन वो अपने मायके रोहतक न लौटकर लोहारू में ही रहकर अपने केस की पैरवी करती रही। बकौल प्रवीण अत्री, महिला के ससुराल वालों ने मासूम बच्ची को अपने पास रख लिया बल्कि झूठे मुकदमे भी बनाए। पीड़िता किसी प्रकार के दबाव के सामने न झुकते हुए अपने संघर्ष पर कायम रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
भिवानी। लोहारू में महिला से दुष्कर्म की कोशिश के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राज गुप्ता की अदालत ने आरोपी महिला के देवर को दो साल की कैद की सजा और दो हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इस मामले में महिला के हौसले को दाद देनी होगी कि तमाम पारिवारिक विरोध के बावजूद महिला ने यह केस लड़ा और आरोपी को सजा दिलाई।
दो दिन पहले दोषी करार देने के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राज गुप्ता की अदालत ने वीरवार को आरोपी राहुल को सजा सुनाने के साथ ही जुर्माने का एलान किया। पीड़ित महिला के वकील प्रवीण अत्री ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखकर सजा कम हुई है। इसलिए, ऊपरी कोर्ट में अपील करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस फैसले के बाद संघर्षरत औरतों का हौसला बढ़ेगा।
विज्ञापन
अधिवक्ता प्रवीण अत्री ने बताया कि अपने देवर के खिलाफ आरोप लगाने के बाद परिवार वालों ने अपनी बहू उसे घर से निकाल दिया, लेकिन वो अपने मायके रोहतक न लौटकर लोहारू में ही रहकर अपने केस की पैरवी करती रही। बकौल प्रवीण अत्री, महिला के ससुराल वालों ने मासूम बच्ची को अपने पास रख लिया बल्कि झूठे मुकदमे भी बनाए। पीड़िता किसी प्रकार के दबाव के सामने न झुकते हुए अपने संघर्ष पर कायम रही।
विज्ञापन