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स्वतंत्रता संग्राम में हरियाणा के वीर और वीरांगनाओं को योगदान महत्वपूर्ण : प्रो. मित्तल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Dec 2021 12:27 AM IST
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Contribution to the brave and brave heroes of Haryana in the freedom struggle is important : Prof. Mittal
संगोष्ठी में पत्रिका का विमोचन करते प्रो. राजकुमार मित्तल व अन्य अतिथि। संवाद - फोटो : Bhiwani
बहल। जीडीसी महाविद्यालय के इतिहास विभाग द्वारा हरियाणा में ब्रिटिश सत्ता का प्रतिशोध अल्पज्ञात नामक व महत्वपूर्ण घटनाएं (1803-1947) विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ किया गया। उद्घाटन समारोह में चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल मुख्यातिथि रहे, जबकि जीडीसी महाविद्यालय के वाइस चैयरमैन विशिष्ट अतिथि रहे।
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संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि आजादी की लड़ाई में जिन वीरों ने अपना योगदान दिया उनकी याद हमेशा चिरस्थायी रहेगी। मुख्य अतिथि राजकुमार मित्तल ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में हरियाणा के वीरों व वीरांगनाओं का बहुत बड़ा योगदान रहा है। हमारे हरियाणा के वीर शहीदों ने आजादी की लड़ाई में बढ़ चढ़कर भाग लिया था, जिनके योगदान को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है।
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इससे पहले शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यातिथि प्रो. राजकुमार मित्तल, डॉ. सुरेंद्र शर्मा व निदेशक डॉ. एसके सिन्हा ने किया। प्रथम सत्र में जनता कॉलेज, चरखी दादरी के प्राचार्य डॉ. यशवीर सिंह दत्त व ओम स्टर्लिंग ग्लोबल विश्वविद्यालय हिसार के डॉ. सुमेस्ता मुख्य वक्ता रहे। भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि वास्तव में यह संगोष्ठी हरियाणा के ज्ञात, अज्ञात शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों और सैनिकों की वीरता को याद करने का कार्यक्रम है, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चौ. बंसीलाल कॉलेज लोहारू के डॉ. सुखबीर सिंह, वनस्थली विद्यापीठ राजस्थान के सहायक प्रो. डॉ. सतेंद्र कुमार ने आजादी की लड़ाई में हरियाणा के वीरों के योगदान पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। इस अवसर पर विभिन्न शोधार्थियों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए और क्षेत्रीय इतिहास के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार वक्त किए। कार्यक्रम में संगोष्ठी के शोधपत्रों पर आधारित एक पत्रिका का विमोचन किया गया। संगोष्ठी में संयोजक अशोक कुमार व सह संयोजक मनीष शर्मा रहे। इस अवसर पर बीआरसीएम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्लोलॉजी के प्राचार्य डॉ. अनुज कुमार शर्मा, बीआसीएम लॉ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गोपाल कौशिक, वित्त अधिकारी मनीष खत्री, जीडीसी मेमोरियल कॉलेज के रजिस्ट्रार अभिनव कौशिक, डॉ. संजय गौड़, रवि परमार, डॉ. पूनम सांगवान, मनीष शर्मा, डॉ. हेमलता, डॉ. सुखेंद्र महला, डॉ. अनीता, डॉ. सुनीता चौधरी, कीर्ति मलिक, सहित अनेक प्राध्यापक मौजूद रहे। संचालन डॉ. विनोद बिश्नोई ने किया।
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