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Bhiwani News: टिकट नहीं मिलने पर कांग्रेस नेता खुद की पार्टी से कर सकते हैं बगावत
Tue, 10 Sep 2024 10:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 10 Sep 2024 10:44 PM IST
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भिवानी। टिकट नहीं मिलने से खफा कांग्रेस नेता खुद की पार्टी से ही बगावत कर सकते हैं। इसके अभी से संकेत भी मिलने लगे हैं। बवानीखेड़ा में सबसे अधिक खलबली मची है। टिकट कटने की संभावना के बाद से ही पूर्व विधायक रामकिशन फौजी के आवास पर भी पंचायत हो चुकी है।
वहीं मंगलवार को भिवानी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस की टिकट की दावेदारी में अभिजीत लालसिंह ने भी सर्व समाज महापंचायत बुलाई। इसमें टिकट कटने पर निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरने का भी अल्टीमेटम दिया गया।
दरअसल, कांग्रेस ने तोशाम को छोड़कर भिवानी, लोहारू और बवानीखेड़ा विधानसभा में अभी टिकट को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं। ऐसे में टिकट को लेकर दौड़ में शामिल नेता भी खुद को असुरक्षित समझते हुए पार्टी पर दबाव बनाने की रणनीति पर भी काम कर रहे हैं।
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यहां यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि पहले से ही गुटबाजी का शिकार कांग्रेस में अब टिकट वितरण के बाद नेता बगावत के सुर भी मुखर कर सकते हैं। ऐसे में कांग्रेस प्रत्याशी के मैदान में आने के बाद प्रतिद्वंद्वी से लड़ाई से ज्यादा खुद की पार्टी के नेताओं का भीतरघात सहना पड़ सकता है। हालांकि भाजपा ने चारों विधानसभा में अपने प्रत्याशी पहले ही मैदान में उतार दिए हैं।
अब कांग्रेस प्रत्याशियों की सूची पर सबकी निगाहें टिकी हैं। कांग्रेस की टिकट की चाह में नेता आलाकमान की हाजिरी लगाने के साथ-साथ हुड्डा के दरबार में भी हाजिरी बजा रहे हैं। बता दें कि हुड्डा गुट के काफी नेता ऐसे हैं, जिन्हें इस बार भिवानी में टिकट मिलने के आसार हैं।
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वहीं मंगलवार को भिवानी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस की टिकट की दावेदारी में अभिजीत लालसिंह ने भी सर्व समाज महापंचायत बुलाई। इसमें टिकट कटने पर निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरने का भी अल्टीमेटम दिया गया।
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दरअसल, कांग्रेस ने तोशाम को छोड़कर भिवानी, लोहारू और बवानीखेड़ा विधानसभा में अभी टिकट को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं। ऐसे में टिकट को लेकर दौड़ में शामिल नेता भी खुद को असुरक्षित समझते हुए पार्टी पर दबाव बनाने की रणनीति पर भी काम कर रहे हैं।
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यहां यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि पहले से ही गुटबाजी का शिकार कांग्रेस में अब टिकट वितरण के बाद नेता बगावत के सुर भी मुखर कर सकते हैं। ऐसे में कांग्रेस प्रत्याशी के मैदान में आने के बाद प्रतिद्वंद्वी से लड़ाई से ज्यादा खुद की पार्टी के नेताओं का भीतरघात सहना पड़ सकता है। हालांकि भाजपा ने चारों विधानसभा में अपने प्रत्याशी पहले ही मैदान में उतार दिए हैं।
अब कांग्रेस प्रत्याशियों की सूची पर सबकी निगाहें टिकी हैं। कांग्रेस की टिकट की चाह में नेता आलाकमान की हाजिरी लगाने के साथ-साथ हुड्डा के दरबार में भी हाजिरी बजा रहे हैं। बता दें कि हुड्डा गुट के काफी नेता ऐसे हैं, जिन्हें इस बार भिवानी में टिकट मिलने के आसार हैं।